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Mother's Day 2020: मां ने अफसर बनाने का देखा सपना, बिटिया ने पूरी कर दी तमन्ना
Sun, 10 May 2020 08:18 AM IST
अमर उजाला लोकल ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Sun, 10 May 2020 08:18 AM IST
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अपने परिवार के साथ कुमकुम मिश्रा।
- फोटो : अमर उजाला।
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बाल विकास विभाग में मुख्य सेविका के पद पर कार्यरत कुमकुम मिश्रा उन माताओं में शुमार हैं जो महज सपने नहीं देखती हैं, बल्कि उन्हें पूरा करने में अपना जीजान लगा देती है। तभी तो 8 घंटे की नौकरी के बाद तीन बच्चों और गृहस्थी को संभाला।
ज्यादा समय भले बच्चों को नहीं दे पाती थीं, मगर बच्चों की शिक्षा पर पूरा ध्यान रखा। मां की मेहनत बच्चों के लिए प्रेरणा बनी तो बेटी श्रेया मिश्रा ने पीसीएस क्वालिफाई कर मां के उस सपने को पूरा किया जिसे कभी कुमकुम ने अपने बच्चों के लिए सोचा था।
जगन्नाथपुर में पति परशुराम मिश्रा के साथ रहने वाली कुमकुम मिश्रा ने बताया कि अपने काम के दौरान उन्हें कई बार अपने वरिष्ठ अधिकारियों के सामने जाना पड़ता है। उनके काम करने का अंदाज, सौम्य व्यवहार, सम्मान और विषम परिस्थितयों को संभालने की क्षमता हमेशा ही आकर्षित करती रही है।
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ज्यादा समय भले बच्चों को नहीं दे पाती थीं, मगर बच्चों की शिक्षा पर पूरा ध्यान रखा। मां की मेहनत बच्चों के लिए प्रेरणा बनी तो बेटी श्रेया मिश्रा ने पीसीएस क्वालिफाई कर मां के उस सपने को पूरा किया जिसे कभी कुमकुम ने अपने बच्चों के लिए सोचा था।
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जगन्नाथपुर में पति परशुराम मिश्रा के साथ रहने वाली कुमकुम मिश्रा ने बताया कि अपने काम के दौरान उन्हें कई बार अपने वरिष्ठ अधिकारियों के सामने जाना पड़ता है। उनके काम करने का अंदाज, सौम्य व्यवहार, सम्मान और विषम परिस्थितयों को संभालने की क्षमता हमेशा ही आकर्षित करती रही है।
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वो खुद भी आगे बढ़ना चाहती थी, मगर परिवारिक जिम्मेदारियों के चलते वो आगे नहीं बढ़ सकी। यही वजह थी उन्होंने अपनी बच्चों की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। बच्चों को अपने सपने के बारे में बताया, श्रेया ने सपने को पूरा करने का वादा किया। इसके बाद वो पूरे मनोयोग से मां के सपने को पूरा करने में जुट गई।
पहले गीडा के आईटीएम से बीटेक किया, फिर देहरादुन के बीआईटी से एमटेक। उसके बाद से पीसीएस की तैयारी में लगीं और अपने पहले ही प्रयास में पीसीएस को क्वालिफाई किया। उनकी बड़ी बेटी शिविरा मिश्रा एक शिक्षिका है तो मझली बेटी श्रेया ने पीसीएस क्वालिफाई किया। छोटा बेटा देवांश वत्स भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।
पहले गीडा के आईटीएम से बीटेक किया, फिर देहरादुन के बीआईटी से एमटेक। उसके बाद से पीसीएस की तैयारी में लगीं और अपने पहले ही प्रयास में पीसीएस को क्वालिफाई किया। उनकी बड़ी बेटी शिविरा मिश्रा एक शिक्षिका है तो मझली बेटी श्रेया ने पीसीएस क्वालिफाई किया। छोटा बेटा देवांश वत्स भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।