{"_id":"613f42bac52607496d1e1cbc","slug":"mother-son-death-due-to-electrocution-in-sant-kabir-nagar","type":"story","status":"publish","title_hn":"संतकबीरनगर: करंट की चपेट में आने से मां-बेटे की मौत, गांव में छाया मातम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संतकबीरनगर: करंट की चपेट में आने से मां-बेटे की मौत, गांव में छाया मातम
Mon, 13 Sep 2021 05:55 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, संतकबीरनगर।
अमर उजाला नेटवर्क, संतकबीरनगर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 13 Sep 2021 05:55 PM IST
सार
हैंडपंप में लगे टिल्लू पंप में उतर रहे करंट की चपेट में आने से हुआ हादसा, पत्नी और बेटे का शव देख कर फफक पड़े अभिमन्यु।
विज्ञापन
रोते बिलखते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
संतकबीरनगर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां सोमवार को बेलहर क्षेत्र के भगौसा गांव में करंट की चपेट में आने से मां-बेटे की मौत हो गई। घटना की जानकारी होने पर आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। बाद में सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पीड़ित परिजनों की मांग पर पंचनामा के बाद पुलिस ने शवों को सौंप दिया। घटना से पीड़ित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
विज्ञापन
भगौसा गांव निवासी पीड़ित पति अभिमन्यु ने बताया कि सोमवार की सुबह उसकी 35 वर्षीय पत्नी संगीता घर में लगे हैंडपंप से पानी भरने गई थी। उसी दौरान हैंड पंप में लगे टिल्लू पंप में उतरे करंट की चपेट में पत्नी आ गई। घटना देख कर दस वर्षीय बेटा अमन मां की बचाव में पहुंच गया और बेटा भी करंट की चपेट में आ गया।
विज्ञापन
परिवार के लोग जब तक मौके पर पहुंचे, तब तक मां-बेटे की मौत हो चुकी थी। सूचना पर चाय की दुकान पर मौजूद अभिमन्यु भी पहुंच गए। पत्नी और बेटे का शव देखकर फफक पड़े। बाद में आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। ग्रामीणों ने बताया कि अभिमन्यु खेती के साथ चाय की दुकान चलाकर परिवार का खर्च चलाते हैं। परिवार में पत्नी संगीता, दस वर्षीय बेटा अमन और 13 वर्षीय बेटी नेहा खुशी-खुशी रहते थे।
विज्ञापन
करंट की चपेट में आने से पत्नी और बेटे की मौत से अभिमन्यु पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मां और भाई के शव को निहार कर नेहा बिलख रही थी। बूढ़ें बाबा भी पतोहू और पौत्र की मौत से गमगीन थे। घटना की सूचना पर पूर्व मंत्री लक्ष्मी कांत उर्फ पप्पू निषाद भी पीड़ित के घर पहुंच गए और सांत्वना दी। पीड़ित परिवार को हर संभव मदद दिए जाने का भरोसा जताया।
बाद में सूचना सीओ पर मेंहदावल अंबरीष भदौरिया और एसओ संतोष कुमार मिश्रा भी पहुंच गए। एसओ ने बताया कि पीड़ित परिजन शवों का पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे। उनकी मांग पर पंचनामा के बाद शवों को सौंप दिया गया।