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गोरखपुर: प्राणि उद्यान में बीमारी से बंदर की मौत, अस्वस्थ भालू की सेहत में सुधार
Wed, 24 Nov 2021 03:25 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 24 Nov 2021 03:25 PM IST
सार
प्राणी उद्यान में बंदर की तबीयत अचानक दो दिन पहले खराब हो गई थी। उसे बाड़े से निकाल कर पशु अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती करवाया गया। इसी बीच उसकी मौत हो गई। नियमानुसार पोस्टमार्टम के बाद उसका अंतिम संस्कार करवा दिया गया।
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गोरखपुर चिड़ियाघर।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
चिड़ियाघर के अंदर एक और बंदर की मौत सोमवार की रात को हो गई। उसका लीवर संक्रमित हो गया था। पिछले दो दिनों से उसे बुखार भी था। प्राणी उद्यान की टीम उसका उपचार कर रही थी लेकिन सोमवार देर रात अचानक तबीयत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई।
निदेशक एच राजामोहन ने बताया कि प्राणी उद्यान में बंदर की तबीयत अचानक दो दिन पहले खराब हो गई थी। उसे बाड़े से निकाल कर पशु अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती करवाया गया। इसी बीच उसकी मौत हो गई। नियमानुसार पोस्टमार्टम के बाद उसका अंतिम संस्कार करवा दिया गया। कुछ वन्य जीवों की तबीयत इधर खराब हुई थी। जिसमें एक बंदर और था लेकिन अब वह स्वस्थ्य है। इसके अलावा एक भालू भी कुछ अस्वस्थ हुआ था। अपने खानपान में कमी कर दी थी। लेकिन अब वह भी पहले की तरह भोजन कर रहा है। वहीं, बब्बर शेर (मादा) मरियम अब पहले से काफी स्वस्थ्य है। फहले वह भोजन नहीं कर रही थी लेकिन अब अपने आहार के बराबर भोजन ले रही है। इसे आठ किलो मीट दिया गया था उसे आसानी से उसने खा लिया था।
एक डॉक्टर के भरोसे पशु अस्पताल
प्राणी उद्यान में लगभग डेढ़ सौ के आस पास छोटे बड़े वन्य जीव हैं। इनके स्वास्थ्य के साथ इनके भोजन परीक्षण के लिए सिर्फ एक चिकित्सक की तैनाती की गई है। तबीयत खराब होने से लेकर खान पान का जिम्मा इसी चिकित्सक पर है। इसके अलावा अन्य नर्सिंग स्टाफ के तौर पर शासन की तरफ से किसी नियुक्ति नहीं हो सकी है।
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निदेशक एच राजामोहन ने बताया कि प्राणी उद्यान में बंदर की तबीयत अचानक दो दिन पहले खराब हो गई थी। उसे बाड़े से निकाल कर पशु अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती करवाया गया। इसी बीच उसकी मौत हो गई। नियमानुसार पोस्टमार्टम के बाद उसका अंतिम संस्कार करवा दिया गया। कुछ वन्य जीवों की तबीयत इधर खराब हुई थी। जिसमें एक बंदर और था लेकिन अब वह स्वस्थ्य है। इसके अलावा एक भालू भी कुछ अस्वस्थ हुआ था। अपने खानपान में कमी कर दी थी। लेकिन अब वह भी पहले की तरह भोजन कर रहा है। वहीं, बब्बर शेर (मादा) मरियम अब पहले से काफी स्वस्थ्य है। फहले वह भोजन नहीं कर रही थी लेकिन अब अपने आहार के बराबर भोजन ले रही है। इसे आठ किलो मीट दिया गया था उसे आसानी से उसने खा लिया था।
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एक डॉक्टर के भरोसे पशु अस्पताल
प्राणी उद्यान में लगभग डेढ़ सौ के आस पास छोटे बड़े वन्य जीव हैं। इनके स्वास्थ्य के साथ इनके भोजन परीक्षण के लिए सिर्फ एक चिकित्सक की तैनाती की गई है। तबीयत खराब होने से लेकर खान पान का जिम्मा इसी चिकित्सक पर है। इसके अलावा अन्य नर्सिंग स्टाफ के तौर पर शासन की तरफ से किसी नियुक्ति नहीं हो सकी है।
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