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गोरखपुर पुलिस ने कसी नकेल: जेल से छूटे तो फिर करने लगे क्राइम, खोली गई हिस्ट्रीशीट
Mon, 03 Oct 2022 10:51 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 03 Oct 2022 10:51 AM IST
सार
चौरीचौरा के रउतैनिया निवासी भीम पासवान, कैंट के कूड़ाघाट निवासी विजय साहनी, उरुवा बाजार के भरथरी निवासी कपिल यादव, राजघाट के बसंतपुर मुतनाजा निवासी अब्दुल सलाम और गगहा के अहिरौली निवासी संतदेव यादव की हिस्ट्रीशीट खोली गई है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : iStock
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विस्तार
गोरखपुर जिले में अलग-अलग थाना क्षेत्रों में रहने वाले पांच सक्रिय बदमाशों की हिस्ट्रीशीट फिर से खोल दी गई है। एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर के आदेश पर पुलिस ने हिस्ट्रीशीट खोलकर निगरानी शुरू कर दी है।
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उधर, गोला पुलिस ने शातिर लुटेरों के गिरोह को पंजीकृत किया है। डीएम से अनुमति मिलने के बाद तीन बदमाशों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। जानकारी के मुताबिक, चौरीचौरा के रउतैनिया निवासी भीम पासवान, कैंट के कूड़ाघाट निवासी विजय साहनी, उरुवा बाजार के भरथरी निवासी कपिल यादव, राजघाट के बसंतपुर मुतनाजा निवासी अब्दुल सलाम और गगहा के अहिरौली निवासी संतदेव यादव की हिस्ट्रीशीट खोली गई है।
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भीम पर मारपीट, हत्या की कोशिश, आर्म्स एक्ट के सात मुकदमे चौरीचौरा थाने में दर्ज हैं। विजय साहनी पर चोरी के आठ मुकदमे कैंट में दर्ज हैं। कपिल यादव पर तीन मुकदमे उरुवा में दर्ज है, वह पशु तस्कर भी है। अब्दुल सलाम पर पांच और संतदेव पर 11 मुकदमे दर्ज हैं। सभी की अपराध में फिर से सक्रियता पाए जाने पर हिस्ट्रीशीट खोली गई है।
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उधर, गोला पुलिस ने पांडेयपार निवासी सत्यम उर्फ गोलू यादव, निखिल यादव उर्फ भोलू और चिलवा निवासी पवन निषाद को गिरोहबंद किया है। सत्यम गिरोह का सरगना है। सत्यम पर तीन मुकदमे दर्ज हैं, जबकि अन्य दोनों पर दो-दो मुकदमे पहले से दर्ज हैं।
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