पिता की जगह उसकी नाबालिग बेटी से कराई कोरोना सैंपलिंग में ड्यूटी, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी पर आरोप है कि उसने विभाग में नौकरी करने वाले एक व्यक्ति के बीमार होने पर उसकी नाबालिग बेटी की कोरोना की सैंपलिंग में ड्यूटी लगा दी। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद से विभाग के अफसरों ने चुप्पी साध ली है। मामला सहजनवां सीएचसी का बताया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, सुरेंद्र कुमार सहजनवां के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बतौर एंबुलेंस चालक तैनात हैं। पिछले एक साल से सुरेंद्र की किडनी खराब है। बुधवार को उसकी ड्यूटी मुरारी इंटर कॉलेज में कोरोना की सैंपलिंग में लगी थी।
पूल सैंपलिंग के बॉक्स को उन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाना था। इस काम के लिए वह इंटर कॉलेज पहुंचे, लेकिन तबीयत खराब होने पर वह कुछ ही देर बाद घर आ गए। इसकी जानकारी होने पर अधिकारियों ने नाराजगी जताई।
सुरेंद्र का आरोप है कि सीएचसी अधीक्षक ने उनसे बदले में परिवार के किसी सदस्य को ड्यूटी पर भेजने को कहा। मजबूरी में उन्होंने 11वीं में पढ़ने वाली अपनी बेटी को ड्यूटी पर भेज दिया।
सुरेंद्र ने बताया कि उनकी बेटी को सैंपलिंग के दौरान कोरोना जांच किट को निकालने और पैक किट को बक्से में रखने की जिम्मेदारी दी गई थी। इसकी तस्दीक सुरेंद्र की नाबालिग बेटी ने भी की है। ड्यूटी के दौरान ही किसी ने उसकी वीडियो बना ली और वायरल कर दी।
सीएचसी सहजनवां प्रभारी डॉ. सतीश सिंह ने बताया कि चालक की ड्यूटी मुरारी इंटर कालेज में नहीं थी। वह अक्सर ड्यूटी से गायब रहता है। उसकी बेटी वहां कैसे पहुंची, इसकी जानकारी नहीं है। मामले की जांच कराई जाएगी।