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गोरखपुर चिड़ियाघर: मरियम अब पूरी तरह स्वस्थ, बाड़े से बाहर सेंकती है धूप

Fri, 10 Dec 2021 03:05 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 10 Dec 2021 03:05 PM IST
सार

पिछले कुछ दिनों पहले बब्बर शेर(मादा) की तबीयत खराब हो गई थी, उपचार के बाद अब वह पूरी तरह स्वस्थ।

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Mariyam now completely healthy sunbathes outside enclosure in Gorakhpur
धूप सेंकती मरियम। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

चिड़ियाघर घूमने जाने वाले दर्शक, अब बब्बर शेर (मादा) मरियम को देख सकेंगे। वह पूरी तरह स्वस्थ है। पहले की तरह अपना भोजन ले रही है और धूप के समय बाड़े के पैडॉक (खुला स्थान) में घूम-फिर भी रही है। पिछले महीने तबीयत खराब होने के बाद मरियम को बाड़े के भीतर ही रखा जा रहा था।

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शहीद अशफाक उल्लाह खान प्राणिउद्यान (चिड़ियाघर) में पिछले दिनों इस बब्बर शेर की तबीयत खराब हो गई थी। हालांकि, वाइल्ड लाइन प्रबंधन से जुड़े लोगों का मानना है कि प्राणिउद्यान की जगह अगर वह खुले जंगलों में होती तो अभी तक उसका निधन हो गया होता। शेर, बाघ, तेंदुआ आदि की जंगल की आयु 12 से 14 वर्ष होती है, लेकिन यही वन्यजीव यदि चिड़ियाघरों में रहते हैं तो उनकी आयु 16 से करीब 20 वर्ष होती है।
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इस समय मरियम की उम्र करीब 18 वर्ष हो चुकी है। चिड़ियाघर प्रशासन का मानना है कि जंगल में इस आयु तक मरियम शायद ही जी पाती। कुछ दिन पहले वह बीमार हुई थी, लेकिन अब वह पूरी तरह स्वस्थ है। इसकी वजह उचित देख-रेख, बेहतर भोजन और समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण है।

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जंगल में कम आयु की ये हैं वजहें

चिड़ियाघर प्रशासन का मानना है कि जंगल में वन्यजीव की आयु कम होने के पीछे कुछ खास वजहें हैं। मसलन बाघ, शेर, तेंदुआ जैसे वन्यजीव औसतन जंगल में 19 बार की कोशिश के बाद अपने लिए शिकार करने में सफल होते हैं। इस चक्कर में उन्हें कई बार, कई दिनों तक भूखा रह जाना पड़ता है। कई बार शिकार के दौरान वह घायल भी हो जाते हैं। उन्हें जंगल में कोई उपचार भी नहीं मिलता है। वे शिकार कर लेते हैं तो उसे कई दिनों तक खाते रहते हैं।

इससे उसमें कीड़े पड़ जाते हैं। खराब भोजन करने से वे बीमार हो जाते हैं और इससे उनकी आयु घटती है। चिड़ियाघर के पशु चिकित्सक डॉ. योगेश प्रताप सिंह का कहना है कि कई बार तो वन्यजीव जिस जानवर का शिकार करते हैं, वह पहले से बीमार होते हैं। खराब मांस खाने से उनके शरीर में टेप वर्म जैसे कीड़े प्रवेश कर जाते हैं और इससे उनका मांस खाने वाले जानवर की आयु भी घटती है।

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