UP Chunav 2022: राजनीतिक पिच पर भी चली डॉक्टरों की 'प्रैक्टिस', विधानसभा चुनाव में दर्ज की है जीत
गोरखपुर और बस्ती मंडल के तीन डॉक्टर चुनावी मैदान में हैं, जिन पर भाजपा, सपा और जन भागीदारी मोर्चा ने दांव लगाया है।
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राजनीतिक पिच पर भी डॉक्टरों की प्रैक्टिस सफल रही है। गोरखपुर और बस्ती मंडल से कई डॉक्टर चुनावी समर में उतरे और जीत हासिल कर विधानसभा तक पहुंच गए। इस बार भी गोरखपुर और बस्ती मंडल के तीन डॉक्टर चुनावी मैदान में हैं, जिन पर भाजपा, सपा और जन भागीदारी मोर्चा ने दांव लगाया है।
जानकारी के मुताबिक, गोरखपुर शहर में नौ विधानसभा सीटों पर भाजपा और सपा ने अपने-अपने प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए हैं। इन प्रत्याशियों में भाजपा ने बांसगांव से वर्तमान विधायक डॉ. विमलेश पासवान को दूसरी बार मैदान में उतारा है। जबकि, सपा ने डॉ. संजय कुमार पर दांव लगाया है।
कुशीनगर की बात करें तो तमकुहीराज विधानसभा क्षेत्र से भाजपा व निषाद पार्टी के प्रत्याशी के तौर पर डॉ. असीम कुमार को उम्मीदवार बनाया गया है। वह भाजपा के चिह्न पर चुनाव लड़ेंगे। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के एनेस्थीसिया विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नरेंद्र देव, जन भागीदारी मोर्चा से गंठबंधन प्रत्याशी के तौर पर संतकबीनरगर की धनघटा (सुरक्षित) से चुनावी मैदान में हैं।
डॉक्टरों ने सफल राजनीतिक पारी खेली
गोरखपुर शहर के कई ऐसे डॉक्टर रहे हैं, जिन्होंने राजनीति में अपनी अच्छी पहचान बनाते हुए विधानसभा तक का सफर तय किया है। इनमें बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राधा मोहनदास अग्रवाल, डॉ. पीके राय, डॉ. वाईडी सिंह, डॉ. मो. अयूब शामिल हैं। डॉ राधामोहन दास अग्रवाल, गोरखपुर शहर सीट से चार बार जीत दर्ज कर चुके हैं। जबकि, डॉ. पीके राय कुशीनगर के सेवरही विधानसभा सीट से दो बार जीत दर्ज कर चुके हैं। वहीं, डॉ. अयूब खलीलाबाद से विधायक रह चुके हैं।
गोरखपुर शहर से स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. सुरहीता करीम भी चुनाव मैदान में उतर चुकी हैं, लेकिन उन्हें विधायक और मेयर पद पर जीत हासिल नहीं हुई है। सिद्धार्थनगर में 2019 के लोकसभा चुनाव में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. चंद्रेश उपाध्याय, कांग्रेस से चुनावी मैदान में थे, लेकिन उन्हें भी हार का सामना करना पड़ा था।