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इस लापरवाही के कारण बस्ती में फैला कोरोना संक्रमण, जानें क्या है पूरा मामला
Wed, 15 Apr 2020 10:56 AM IST
vivek shukla
संतोष सिंह, अमर उजाला, गोरखपुर
संतोष सिंह, अमर उजाला, गोरखपुर
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 15 Apr 2020 10:56 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : PTI
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स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से बस्ती में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़े हैं। कोरोना संक्रमित जिस युवक की मौत हुई थी, उसी से 13 और लोगों को संक्रमण हुआ है। सब मृत युवक के सगे-संबंधी हैं। अब तीन महीने का मासूम भी कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। इससे बस्ती के प्रशासनिक अफसर चिंतित हैं।
उनका कहना है कि मृत युवक के सगे-संबंधियों के 250 सैंपल भेजे गए थे। इसमें से 13 कोरोना पॉजिटिव आए हैं। 25 सैंपल की जांच रिपोर्ट अभी आनी है। लापरवाही दर लापरवाही का ही नतीजा रहा कि बस्ती में कोरोना के 14 मामले सामने आ गए। दरअसल, बस्ती के तुरकहिया के जिस युवक को 29 मार्च की देर रात एंबुलेंस से बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर लाया गया था, वह कोरोना संक्रमित था।
तब कॉलेज प्रबंधन ने सामान्य मरीज मानकर उसका इलाज किया। पहले उसे जनरल वार्ड में भर्ती किया। जब तबीयत ज्यादा बिगड़ी तो कोरोना वार्ड में ले गए। मौत के बाद कोरोना जांच के लिए सैंपल जरूर लिया लेकिन शव को सुरक्षित नहीं रखा।
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शव परिजनों के हवाले कर दिया। जब कोरोना की पुष्टि हुई तो हड़कंप मच गया। तभी लग गया था कि मृत युवक से कई लोग कोरोना संक्रमित हो सकते हैं। अब अलग-अलग लोगों की जांच रिपोर्ट आ रही है तो लापरवाही की परतें खुलती जा रही हैं।
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उनका कहना है कि मृत युवक के सगे-संबंधियों के 250 सैंपल भेजे गए थे। इसमें से 13 कोरोना पॉजिटिव आए हैं। 25 सैंपल की जांच रिपोर्ट अभी आनी है। लापरवाही दर लापरवाही का ही नतीजा रहा कि बस्ती में कोरोना के 14 मामले सामने आ गए। दरअसल, बस्ती के तुरकहिया के जिस युवक को 29 मार्च की देर रात एंबुलेंस से बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर लाया गया था, वह कोरोना संक्रमित था।
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तब कॉलेज प्रबंधन ने सामान्य मरीज मानकर उसका इलाज किया। पहले उसे जनरल वार्ड में भर्ती किया। जब तबीयत ज्यादा बिगड़ी तो कोरोना वार्ड में ले गए। मौत के बाद कोरोना जांच के लिए सैंपल जरूर लिया लेकिन शव को सुरक्षित नहीं रखा।
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शव परिजनों के हवाले कर दिया। जब कोरोना की पुष्टि हुई तो हड़कंप मच गया। तभी लग गया था कि मृत युवक से कई लोग कोरोना संक्रमित हो सकते हैं। अब अलग-अलग लोगों की जांच रिपोर्ट आ रही है तो लापरवाही की परतें खुलती जा रही हैं।
ये है लापरवाही
लापरवाही 1-
युवक कोरोना से मरा लेकिन डेथ सर्टिफिकेट में लिखा हार्ट फेल हो गया
बस्ती के युवक में कोरोना के लक्षण थे, फिर भी बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मौत के बाद लार का सैंपल लिया गया। युवक की मौत की वजह भी हार्टफेल (सडन कार्डियक पल्मोनरी अरेस्ट) बताई गई। बिना जांच रिपोर्ट के आए ही युवक का शव उनके परिजनों को सौंप दिया गया। इसी का नतीजा रहा कि परिजन एंबुलेंस से शव लेकर बस्ती गए, फिर उसी दिन युवक को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
लापरवाही 2-
बस्ती जिलाधिकारी को एक दिन बाद दी गई सूचना
जिस युवक की कोरोना संक्रमण से 30 मार्च को मौत हुई थी, उसकी सूचना बस्ती के जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन को एक दिन बाद दी गई थी। इससे पहले ही 30 मार्च की दोपहर युवक का जानजा निकाला गया, फिर सुपुर्द-ए-खाक हुआ। जानजे में तुरकहिया, मिल्लतनगर और गिदही खुर्द के लोग शामिल हुए थे। ज्यादातर मृत युवक के सगे-संबंधी थे। अब इन्हीं सगे-संबंधियों में से कोरोना संक्रमण के मामले पाए जा रहे हैं।
युवक कोरोना से मरा लेकिन डेथ सर्टिफिकेट में लिखा हार्ट फेल हो गया
बस्ती के युवक में कोरोना के लक्षण थे, फिर भी बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मौत के बाद लार का सैंपल लिया गया। युवक की मौत की वजह भी हार्टफेल (सडन कार्डियक पल्मोनरी अरेस्ट) बताई गई। बिना जांच रिपोर्ट के आए ही युवक का शव उनके परिजनों को सौंप दिया गया। इसी का नतीजा रहा कि परिजन एंबुलेंस से शव लेकर बस्ती गए, फिर उसी दिन युवक को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
लापरवाही 2-
बस्ती जिलाधिकारी को एक दिन बाद दी गई सूचना
जिस युवक की कोरोना संक्रमण से 30 मार्च को मौत हुई थी, उसकी सूचना बस्ती के जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन को एक दिन बाद दी गई थी। इससे पहले ही 30 मार्च की दोपहर युवक का जानजा निकाला गया, फिर सुपुर्द-ए-खाक हुआ। जानजे में तुरकहिया, मिल्लतनगर और गिदही खुर्द के लोग शामिल हुए थे। ज्यादातर मृत युवक के सगे-संबंधी थे। अब इन्हीं सगे-संबंधियों में से कोरोना संक्रमण के मामले पाए जा रहे हैं।
मासूम की रिपोर्ट पॉजिटिव, माता-पिता की निगेटिव
तीन महीने के जिस मासूम में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है, उसके माता-पिता की रिपोर्ट निगेटिव आई है। यह भी चिंता बढ़ाने वाला है। इसी का नतीजा है कि मासूम के माता-पिता के लार का सैंपल दोबारा जांच के लिए भेजा गया है। इस केस से बस्ती जिला प्रशासन हैरान है।
बस्ती के जिलाधिकारी के मुताबिक मासूम या उसके माता-पिता का कोई यात्रा इतिहास नहीं है। जिस कोरोना संक्रमित युवक की मौत हुई थी, मासूम के माता-पिता उसके जानने वाले हैं। मासूम के माता-पिता का कोरोना टेस्ट दोबारा कराया जा रहा है।
बस्ती के जिलाधिकारी के मुताबिक मासूम या उसके माता-पिता का कोई यात्रा इतिहास नहीं है। जिस कोरोना संक्रमित युवक की मौत हुई थी, मासूम के माता-पिता उसके जानने वाले हैं। मासूम के माता-पिता का कोरोना टेस्ट दोबारा कराया जा रहा है।
बस्ती जिला प्रशासन ने दिखाई तेजी
कोरोना वायरस की पुष्टि के बाद ही बस्ती जिला प्रशासन ने तेजी दिखाई। तुरकहिया, मिल्लतनगर और गिदही खुर्द को सील करके ताबड़तोड़ सैंपलिंग कराई। जिस युवक की कोरोना से मौत हुई थी, उसके पिता, माता, भाई, बहन और भाभी के परिवारों की सैंपलिंग कराई गई। जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने 250 लोगों का सैंपल जांच के लिए आईसीएमआर के गोरखपुर केंद्र भेजा। इसमें से 225 की रिपोर्ट आ चुकी है। 25 मामलों की रिपोर्ट अभी आनी है।
बस्ती के जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने बताया- कोरोना संक्रमित युवक के मौत की जानकारी 31 मार्च को गोरखपुर मंडल के कमिश्नर ने मोबाइल फोन से दी थी। इससे पहले ही उसे सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया था। जो लोग जनाजे में शामिल थे, उन सबकी जांच कराई गई है। मृत युवक के सगे-संबंधियों के भी सैंपल लिए गए थे। अब तक 13 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। सब मृत युवक के ही संपर्क में आए थे।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ गणेश कुमार ने कहा- बस्ती का युवक 29 मार्च को भर्ती हुआ था। 30 मार्च को मौत हुई तो सैंपल लिया गया। 24 घंटे में रिपोर्ट आई तो पता चल सका कि उसे कोरोना था। इसके बाद ही सभी जगह सूचना दी गई।
बस्ती के जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने बताया- कोरोना संक्रमित युवक के मौत की जानकारी 31 मार्च को गोरखपुर मंडल के कमिश्नर ने मोबाइल फोन से दी थी। इससे पहले ही उसे सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया था। जो लोग जनाजे में शामिल थे, उन सबकी जांच कराई गई है। मृत युवक के सगे-संबंधियों के भी सैंपल लिए गए थे। अब तक 13 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। सब मृत युवक के ही संपर्क में आए थे।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ गणेश कुमार ने कहा- बस्ती का युवक 29 मार्च को भर्ती हुआ था। 30 मार्च को मौत हुई तो सैंपल लिया गया। 24 घंटे में रिपोर्ट आई तो पता चल सका कि उसे कोरोना था। इसके बाद ही सभी जगह सूचना दी गई।