मजदूरी के पांच लाख रुपये लेने असम गया था शख्स, नहीं पता था वापस लौटेगा शव
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उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जिले के जगदीशपुर ग्रांट निवासी शिवशंकर (32) फर्नीचर ठेकेदार से अपना बकाया पांच लाख रुपये लेने गुवाहाटी (असम) गए थे। इस दौरान शिवशंकर की वहां संदिग्ध हालात में मौत हो गई। ऐसे में ठेकेदार ने परिजनों को सूचना देने के बाद शव को गांव भिजवा दिया। सोमवार को भोर में शव पहुंचने पर परिजनों ने हत्या की आशंका जाहिर की और रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाने पर पहुंचे।
पुलिस ने घटनास्थल गुवाहाटी बताते हुए वहां जाकर रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कहते हुए थाने से टरका दिया। इस पर नाराज परिजनों ने शव जगदीशपुर ग्रांट गांव से गुजर रहे सोहांस तेतरी मार्ग पर रख कर जाम लगा दिया। शव रखने की जगह से चंद कदम दूर विधायक श्यामधनी राही का घर होने के बावजूद वह नहीं पहुंचे, इससे नाराज लोगों ने उनके खिलाफ नारेबाजी की।
बड़े भाई राधेश्याम के अनुसार गांव का ही एक युवक गुवाहाटी में फर्नीचर कारखाने में ठेकेदार है। शिवशंकर उस ठेकेदार के साथ गुवाहाटी में फर्नीचर बनाने का काम कर रहा था। आरोप है कि ठेकेदार पर उसका पांच लाख रुपया बकाया हो गया था। मांगने पर ठेकेदार बार-बार टाल देता था।
कुछ दिन पहले बकाया मांगने पर ठेकेदार ने धमकी दी थी कि यदि धन मांगा तो वह ऐसा हाल कर देगा कि घर में चिराग जलाने वाला तक नहीं बचेगा। पत्नी कैलाशमती के अनुसार ठेकेदार ने शिवशंकर को कुछ दिन पहले फोन कर पैसा देने के लिए बुलाया था। चार अगस्त को शिवशंकर गुवाहाटी गया था। रविवार शाम को ठेकेदार का फोन आया कि शिवशंकर की मौत हो गई है, उसका शव भेज रहा है।
रविवार की भोर में चार लोग आए शिवशंकर का शव घर के सामने वाहन से उतार कर फरार हो गए। परिजनों ने शव देखा तो हत्या किए जाने की आशंका जताई। राधेश्याम और कैलाशमती सदर थाने पहुंचे और घटना की जानकारी देते हुए रिपोर्ट दर्ज करने, पोस्टमार्टम कराने की मांग की।
आरोप है कि थाने पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें यह कहते हुए भगा दिया कि मौत गुवाहाटी में हुई है वहीं जाकर रिपोर्ट दर्ज कराओ और पोस्टमॉर्टम कराओ। पीड़ितों ने गांव में आकर यह बात बताई तो लोग भड़क गए। जिसके बाद गांव से गुजर रहे सोहांस- तेतरी मार्ग पर शव रख कर यातायात बाधित कर दिया। लोगों की मांग कि केस दर्ज कर पोस्टमॉर्टम कराया जाए। काफी देर तक कोई अधिकारी नहीं आया तो लोगों का गुस्सा और भड़क गया।
दोपहर बाद विधायक श्यामधनी राही अपने आवास से बाहर निकले। आरोप है कि वह कुछ दूरी पर सड़क पर हो रहा हंगामा देखने के बावजूद विधायक सांत्वना देने नहीं पहुंचे। उन्हें बाहर निकला देख 40-50 युवक उनके खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनकी तरफ दौड़े। भीड़ आती देख विधायक घर के अंदर चले गए और पुलिस व अधिकारियों को फोन कर जानकारी दी।
विधायक के सूचना पर एसडीएम उमेशचंद्र निगम, सीओ दिलीप कुमार सिंह और एसओ राजेंद्र बहादुर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। काफी देर बातचीत के बाद तय हुआ कि पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। राधेश्याम की तहरीर पर पुलिस ने पंचनामा कर शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। सीओ दिलीप कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट होगा, रिपोर्ट और परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।