Gorakhpur News: ऑनलाइन भुगतान करें संभलकर वरना खाता हो जाएगा खाली, जालसाजों ने फैला रखा है जाल
एसपी क्राइम इंदु प्रभा सिंह ने कहा कि जालसाजी के मामले बढ़े हैं। लोग निशुल्क और छूट के चक्कर में फंसकर ठगी का शिकार हो जा रहे हैं। ऐसे में लोगों को सतर्कता बरतनी चाहिए। साइबर ठगी के मामलों की छानबीन की जा रही है। ठगी के शिकार हुए कुछ लोगों के रुपये बैंक की मदद से वापस कराए गए हैं।
विस्तार
दिवाली में ऑनलाइन खरीदारी और भुगतान जरा संभलकर करें। जालसाजों ने हर तरफ अपना जाल बिछा दिया है। कहीं ऑनलाइन टैक्सी बुकिंग तो कहीं पर एटीएम कार्ड बदलकर जालसाजी के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में आपकी सतर्कता ही काम आएगी।
गोरखपुर जिले में पिछले तीन दिनों में जालसाजों ने चार से अधिक वारदातों को अंजाम दिया है। ये वे घटनाएं हैं, जिसकी जानकारी पुलिस तक पहुंची है। कई ऐसे लोग भी हैं, जिनके खाते से छोटी रकम की ठगी हुई और उन्होंने शिकायत दर्ज नहीं कराई।
जानकारी के मुताबिक, साइबर अपराध की अगर बात करें तो सबसे पहले पश्चिम बंगाल के जामताड़ा, दिल्ली, राजस्थान और मथुरा के एक गांव का नाम आता है। यही से अधिकतर ठगी की घटनाएं अंजाम दी जाती हैं। मगर अपराधी कौन, यह कोई बता नहीं पाता। अब दिवाली का त्योहार करीब है। इस शुभ घड़ी में लोग जमकर शॉपिंग करते हैं।
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जालसाज भी इस दौरान काफी सक्रिय हो जाते हैं। व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लुभावने ऑफर की भरमार रहती है। इसके जरिए ठगी होती है। वहीं, बाहर घूमने जा रहे लोगों की ओर से ऑनलाइन बुकिंग पर भी इन साइबर ठगों की नजर रहती है।
एसपी क्राइम इंदु प्रभा सिंह ने कहा कि जालसाजी के मामले बढ़े हैं। लोग निशुल्क और छूट के चक्कर में फंसकर ठगी का शिकार हो जा रहे हैं। ऐसे में लोगों को सतर्कता बरतनी चाहिए। साइबर ठगी के मामलों की छानबीन की जा रही है। ठगी के शिकार हुए कुछ लोगों के रुपये बैंक की मदद से वापस कराए गए हैं।
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यहां करें शिकायत
ठगी की सूचना तुरंत अपने नजदीकी साइबर पुलिस या फिर साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दर्ज कराएं, ताकि ठगी के पैसों को जालसाज तक जाने से रोका जा सके। दूसरे ठगी की शिकायत cybercrime.gov.in पर भी करें।
ऑनलाइन शॉपिंग करते समय रखें ध्यान
- अगर कोई डील जरूरत से ज्यादा आकर्षक लग रही है तो सावधान रहें, यह साइबर ठग का मायाजाल हो सकता है।
- क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड का इस्तेमाल ऑनलाइन शॉपिंग में करने से पहले वेबसाइट की जांच कर लें।
- ऑनलाइन शॉपिंग करते समय हमेशा भरोसेमंद वेबसाइट से शॉपिंग करें, फेक वेबसाइट या एप से सावधान रहें।
- खरीदारी से पहले उस चीज का रिव्यू कैसा है, देख लें। आपसे पहले किसी ने खरीदा है या नहीं।
- किसी से ओटीपी शेयर न करें। कॉलर्स के बहकावे में न आएं। अनजाने लिंक से बचकर रहें।
- किसी भी अंजान लिंक पर आधार कार्ड या पैनकार्ड की डिटेल न शेयर करें।
- किसी नए लिंक पर क्लिक न करें, आपकी निजी जानकारी ठगों तक जा सकती है।
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केस एक
गोरखनाथ इलाके के रामप्रीत का बेटा राहुल बीटेक की तैयारी कर रहा है। वह दिवाली मनाने तीन दिन पहले गोरखपुर आने के लिए चला। रात में बस नहीं मिलने की वजह से पिता ने ऑनलाइन टैक्सी बुक करने के लिए गूगल पर सर्च किया। एक नंबर आया, जिसके बाद उन्हें एक एप का लिंक भेजा गया। डाउनलोड करने पर दो रुपये कट गए। जब रामप्रीत ने फोन करके पूछा तो जालसाज की ओर से बताया गया है कि यह एप का चार्ज है। फिर खाते से 40 हजार ट्रांसफर हो गए। इसकी जानकारी रामप्रीत को अगले दिन तब हुई, जब वह गोलघर की एक दुकान पर कपड़ों की खरीदारी करने के बाद कार्ड को स्वैप करने पहुंचे। नहीं होने पर बैंक गए तो पता चला कि खाते से रकम निकाल ली गई है।
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केस दो
हरपुर बुदहट थाना क्षेत्र के पकड़ी के रहने वाले मनोज कुमार शर्मा बृहस्पतिवार को सहजनवां स्थित महाराष्ट्रा बैंक के बगल में मौजूद एसबीआई के एटीएम से पैसा निकालने गए थे। वहां दो जालसाज मौजूद थे। जालसाजों ने पहले तो चुपके से पिन देख लिया। फिर बातों में फंसाकर एटीएम कार्ड भी बदल दिया। जालसाजों ने कुछ देर बाद बालाजी ट्रेडिंग कंपनी नामक दुकान से तीन बार में 74 हजार 888 रुपये की खरीदारी कर ली। मोबाइल पर मैसेज आने के बाद मनोज शर्मा को जालसाजी का पता चला। इस मामले में पुलिस ने दो अज्ञात जालसाजों पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।