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Gorakhpur News: महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय और जारडस मुरादाबाद मिलकर करेंगे खेती से संबंधित शोध
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जुबिलेंट एग्रीकल्चर रूरल डेवलपमेंट सोसायटी खेती में नवाचार को देती है बढ़ावा
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। खेती में नए-नए शोध और इससे रोजगार की तलाश के लिए महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय ने जुबिलेंट एग्रीकल्चर रूरल डेवलपमेंट सोसायटी (जारडस) मुरादाबाद के साथ समझौता (एमओयू) किया है। इस समझौता के बाद दोनों संस्थान मिलकर शैक्षणिक एवं कृषि अनुसंधान क्रियाकलापों को बढ़ावा देंगे।
बृहस्पतिवार को विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. प्रदीप कुमार राव और जारडस के निदेशक डॉ. दीपक मैंदिस्ता ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। एमओयू का आदान-प्रदान कुलपति और जारडस निदेशक के मध्य हुआ। एमओयू के माध्यम से दोनों संस्थानों के बीच शोध आधारित उत्पाद, संयुक्त शोध परियोजनाओं पर कार्य, कृषि के वर्तमान एवं भविष्य की जरूरतों को पूरा करने एवं कौशल बढ़ाने के लिए क्षमता विकास, छात्र-संकाय और तकनीकी विनिमय आदि विषयों पर साझा प्रयास करने का करार हुआ।
दोनों संस्थानों का लक्ष्य इस साझेदारी के माध्यम से कार्यशाला, सामाजिक उन्नयन और विकास परियोजना को विकसित और कार्यान्वित करना है।
इस अवसर पर महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर के कुलपति मेजर जनरल (डॉ.) अतुल वाजपेयी और कुलसचिव डॉ. प्रदीप कुमार राव और जारडस, मुरादाबाद के निदेशक दीपक मैंदिस्ता ने कहा कि कृषि क्षेत्र के विकास के लिए अभी बहुत काम करना बाकी है। जारडस एवं महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय मिलकर कृषि अनुसंधान एवं उद्यमिता के क्षेत्र में काम करेंगे। कुशल प्रशिक्षण लेकर किसान समृद्ध होंगे। विश्वविद्यालय में कृषि उद्यमों के माॅडल स्थापित करने में भी संस्थान की अहम भूमिका होगी।
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एमओयू पर हस्ताक्षर के अवसर पर महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता कृषि संकाय डॉ. विमल कुमार दूबे, उप कुलसचिव (प्रशासन) श्रीकांत, जारडस गोरखपुर केंद्र के नोडल अधिकारी रंजीत यादव, कृषि विभाग के सहायक आचार्य डॉ. प्रवीण कुमार सिंह, डॉ. संदीप श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। खेती में नए-नए शोध और इससे रोजगार की तलाश के लिए महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय ने जुबिलेंट एग्रीकल्चर रूरल डेवलपमेंट सोसायटी (जारडस) मुरादाबाद के साथ समझौता (एमओयू) किया है। इस समझौता के बाद दोनों संस्थान मिलकर शैक्षणिक एवं कृषि अनुसंधान क्रियाकलापों को बढ़ावा देंगे।
बृहस्पतिवार को विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. प्रदीप कुमार राव और जारडस के निदेशक डॉ. दीपक मैंदिस्ता ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। एमओयू का आदान-प्रदान कुलपति और जारडस निदेशक के मध्य हुआ। एमओयू के माध्यम से दोनों संस्थानों के बीच शोध आधारित उत्पाद, संयुक्त शोध परियोजनाओं पर कार्य, कृषि के वर्तमान एवं भविष्य की जरूरतों को पूरा करने एवं कौशल बढ़ाने के लिए क्षमता विकास, छात्र-संकाय और तकनीकी विनिमय आदि विषयों पर साझा प्रयास करने का करार हुआ।
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दोनों संस्थानों का लक्ष्य इस साझेदारी के माध्यम से कार्यशाला, सामाजिक उन्नयन और विकास परियोजना को विकसित और कार्यान्वित करना है।
इस अवसर पर महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर के कुलपति मेजर जनरल (डॉ.) अतुल वाजपेयी और कुलसचिव डॉ. प्रदीप कुमार राव और जारडस, मुरादाबाद के निदेशक दीपक मैंदिस्ता ने कहा कि कृषि क्षेत्र के विकास के लिए अभी बहुत काम करना बाकी है। जारडस एवं महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय मिलकर कृषि अनुसंधान एवं उद्यमिता के क्षेत्र में काम करेंगे। कुशल प्रशिक्षण लेकर किसान समृद्ध होंगे। विश्वविद्यालय में कृषि उद्यमों के माॅडल स्थापित करने में भी संस्थान की अहम भूमिका होगी।
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एमओयू पर हस्ताक्षर के अवसर पर महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता कृषि संकाय डॉ. विमल कुमार दूबे, उप कुलसचिव (प्रशासन) श्रीकांत, जारडस गोरखपुर केंद्र के नोडल अधिकारी रंजीत यादव, कृषि विभाग के सहायक आचार्य डॉ. प्रवीण कुमार सिंह, डॉ. संदीप श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।