फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Maharajganj Rescue leopard dead in gorakhpur zoo

महराजगंज रेस्क्यू: तेंदुए के गले की कट गई थी नस, इलाज शुरू करते ही हो गई मौत

Sun, 13 Jun 2021 09:06 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sun, 13 Jun 2021 09:06 PM IST
सार

प्राणि उद्यान पशु अस्पताल में शुरू हुआ था इलाज, दस मिनट में ही हो गई मौत

विज्ञापन
Maharajganj Rescue leopard dead in gorakhpur zoo
तेंदुआ को गंभीर घायल अवस्था में लाया गया था गोरखपुर चिड़ियाघर। - फोटो : amar ujala

विस्तार

उत्तर प्रदेश के महराजगंज से रेस्क्यू कर लाए गए तेंदुए के गले की नस कट गई थी। इसकी वजह से पशु चिकित्साधिकारियों की टीम को उसे बचाने के लिए बहुत वक्त नहीं मिल सका। टीम की लाख कोशिशों के बाद भी तेंदुए को बचाया न जा सका। गोरखपुर के प्राणि उद्यान में इलाज शुरू होने के दस मिनट बाद ही तेंदुए की मौत हो गई।

विज्ञापन


शुक्रवार की रात 10 बजे महराजगंज प्रभाग की टीम तेंदुए को लेकर प्राणि उद्यान के पशु अस्पताल पहुंची थी। तेंदुए के गले में फंसे तार (क्लच वायर) को बाहर निकालकर ऑक्सीजन लगाया गया। उपचार शुरू होने के 10 मिनट बाद ही तेंदुए की मौत हो गई।
विज्ञापन


पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि तेंदुए के गले की नस कटने की वजह से उसे सांस लेने में बहुत दिक्कत हो रही थी।

दरअसल, वन्य जीवों को पकड़ने के लिए जंगलों में जाल बिछाया जाता है। इसके तहत जंगल में कई स्थानों पर गड्ढा खोदकर क्लच वायर से घेरा बनाया जाता है। इसके ऊपर से मिट्टी और पेड़ के पत्तों का जाल बनाकर इसे छिपा देते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


अक्सर इसका प्रयोग जंगली सुअर और अन्य वन्य जीवों को पकड़ने के लिए किया जाता है। इसी जाल में तेंदुआ भी फंस गया था। इसकी वजह से उसके गले में घाव बन गया। शुरू के पांच-छह दिन उसे पशु चिकित्सालय में नहीं लाया जा सका। इससे उसके जख्म पर कीड़े लग गए। कीड़ों ने सांस की नली को सड़ाकर क्षतिग्रस्त कर दिया था।


इसी बीच शुक्रवार को महराजगंज की टीम रात 10 बजे तेंदुए को लेकर चिड़ियाघर पहुंची थी। पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि अगर कुछ घंटे पहले तेंदुए को अस्पताल लाया जाता तो उम्मीद थी कि उसकी जान बचाई जा सकती थी। शनिवार को तीन डॉक्टरों की टीम ने उसका पोस्टमार्टम किया। इसके बाद प्राणि उद्यान पशु अस्पताल के इलेक्ट्रॉनिक मशीन से उसका अंतिम संस्कार किया गया।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed