टिड्डी दल से बचाव को लेकर महराजगंज प्रशासन सतर्क, किसानों को दी जा रही है ये खास सलाह
- झांसी तक पहुंच चुका है टिड्डी दल
- फसलों को बचाने को लेकर जागरुक किए जा रहे जिम्मेदार व किसान
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टिड्डी दल के झांसी में आने की सूचना के बाद उत्तर प्रदेश के महराजगंज प्रशासन ने गंभीरता दिखाते हुए बचाव व जागरुकता से संबंधित तैयारियां तेज कर दी हैं। फसलों को दल के प्रभाव से बचाने के लिए स्प्रेयर व दवा को पर्याप्त मात्रा में आरक्षित कर लिया गया है।
टिड्डी दल द्वारा राजस्थान, पंजाब एवं हरियाणा में किसानों की खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। जिले में भी इसके संभावित प्रकोप को देखते हुए कृषि विभाग के जिम्मेदार लोगों के इसके बारे में पूरी जानकारी देकर जागरूक किया गया है।
जिले में गन्ने, मक्के, फल व अन्य फसलों को नुकसान से बचाने को लेकर गन्ना विभाग, कृषि विभाग व उद्यान विभाग को आवश्यक प्रबंध किए जाने का निर्देश दिया गया है।
जिलाधिकारी डॉ. उज्ज्वल कुमार ने बताया कि जिले में किसानों के आय के मुख्य श्रोत फसलों को टिड्डी दल से बचाव को लेकर स्प्रेयर, दवा आदि की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है। किसानों को भी बचाव को लेकर जागरुक किया जा रहा है। अग्निशमन विभाग को भी तैयार रहने का निर्देश दिया गया है।
टिड्डी दल क्या पहुंचा रहे हैं क्षति
जिला कृषि अधिकारी हिमांचल सोनकर ने बताया कि टिड्डी दल द्वारा फसलों में पौधे के हरे हिस्से व उसमें लगे फल, सब्जी व अन्य सामग्री को खाकर खत्म कर दिया जा रहा है, जिससे किसानों की काफी क्षति होने की संभावना है।
जिला गन्ना अधिकारी जगदीश चंद्र यादव ने बताया कि एक साथ चलने की वजह से प्रजनन के कारण उनकी संख्या लगातार बढ़ रही है जो कि बढ़ने की दशा में फसलों के लिए और खतरनाक है।
बचाव को लेकर प्रशासन की यह है तैयारी
जिला प्रशासन ने बचाव को लेकर सभी एसडीएम को निर्देशित किया है कि वे अपने कार्यक्षेत्र के निकायों में टैंकर को पानी से भरें। जिससे किसी प्रकार की आवश्यकता पर उसका प्रयोग किया जा सके।
उद्यान अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि वे बाग व सब्जी वाले किसानों को बचाव संबंधी जानकारी दे दें। एसपी को भी पत्र भेजकर थानाध्यक्षों को सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है।
सभी खंड विकास अधिकारियों को प्रत्येक गांव में पांच-पांच ट्रैक्टर चालू हालत में तथा उपलब्ध टैंकरों को पानी भरकर तैयार रखने का निर्देश दिया गया है। कृषि अधिकारी को बीज भंडारों व सूचना तंत्र को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं।
सभी ब्लॉकों में नोडल अधिकारी तैनात करने के निर्देश
किसानों को अधिक से अधिक संख्या में जागरुक किया जाए। इस दौरान उप निदेशक कृषि विनोद कुमार, कृषि अधिकारी हिमांचल सोलकर, जिला गन्ना अधिकारी जगदीश यादव समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
बचाव के लिए किसान यह करें प्रबंध
- एक साथ ईकट्ठा होकर टिन के डब्बे अथवा थाली बजाएं।
- मिट्टी वाले क्षेत्रों में खेतों में जलभराव अथवा धुआं कर दें।
- फसलों पर 25 किलो मिथाईन पैराथियान को प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें।
- मैलाथियान,फिप्रोनिल, इमिडा क्लोरपीड, क्यूनालफास या क्लोरपाइरीफास में से किसी एक दवा का विशेषज्ञों से जानकारी कर छिड़काव करना सुनिश्चित करें।