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पुलिस को नहीं मिल रहे साक्ष्य: मजिस्ट्रेट के आदेश पर ही निकाला जाएगा महंत का शव, रहस्यमय हालात में हुई थी मौत

Mon, 04 Sep 2023 11:01 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 04 Sep 2023 11:01 AM IST
सार

एसपी साउथ अरुण कुमार सिंह ने कहा कि जिस महंत पर आरोप लगाया गया, उनके पास उनके सेवा का अधिकार पत्र मिला है। उस दौरान मौजूद सभी लोगों और महंत हौशिलादास के परिजनों का बयान दर्ज किया गया। किसी को कोई आपत्ति नहीं है। पुलिस की अब तक की जांच में मौत की वजह सामान्य है।

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Mahant dead body will be removed only on orders of magistrate
मृतक महंत हौशलादास। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर जिले में खजनी थाना क्षेत्र के खजुरी गांव में संत बनहंवाबाबा आश्रम में महंत हौशिलादास (87) की रहस्यमय हालात में मौत से अब शायद पर्दा नहीं उठ पाएगा। पुलिस का कहना है कि अगर मजिस्ट्रेट का आदेश होगा, तभी शव को बाहर निकाला जाएगा और पोस्टमार्टम होगा, क्योंकि महंत हौशिलादास के परिवार या फिर जिसे उन्हें रखने का अधिकार था, किसी को कोई आपत्ति नहीं है।

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पुलिस ने बयानों के आधार पर जांच पूरी कर मौत को स्वाभाविक बताते हुए अपनी रिपोर्ट आला अफसरों को भेज दी है। यह भी कहा है कि यदि इस मामले में तहरीर मिलेगी तो केस दर्ज करके आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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हालांकि अभी तक आरोप लगाने वाले महंत हरीश चंद्र दास ने थाने में कोई तहरीर नहीं दी है। इस वजह से पुलिस अपनी रिपोर्ट तैयार कर तहरीर और अफसरों के आदेश का इंतजार कर रही है। जानकारी के मुताबिक, हौशिलादास की मौत और समाधि होने के बाद सदगुरु कबीर चरण पादुका घासी कटरा के वर्तमान महंत हरीश चंद्र दास ने एसपी को प्रार्थना पत्र देकर हत्या करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि 100 बीघा जमीन के लिए महंत की हत्या कर शव को दफना दिया गया। समाज के लोगों को इसकी सूचना भी नहीं दी गई।

सोशल मीडिया पर वायरल पत्र को आधार बनाकर पुलिस ने जांच की। पुलिस ने आरोपों में घिरे महंत और उस दौरान मौजूद सभी लोगों के बयान दर्ज किए हैं। इसके अलावा हौशिलादास के परिजनों को भी पुलिस ने बुलाया था, उनका बयान भी दर्ज किया गया। उन्होंने भी कोई आरोप नहीं लगाया है। उम्र ज्यादा होने और सभी दस्तावेजों की जांच के बाद पुलिस ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है, जिसके मुताबिक, हौशिलादास की मौत स्वाभाविक है।

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एसपी साउथ अरुण कुमार सिंह ने कहा कि जिस महंत पर आरोप लगाया गया, उनके पास उनके सेवा का अधिकार पत्र मिला है। उस दौरान मौजूद सभी लोगों और महंत हौशिलादास के परिजनों का बयान दर्ज किया गया। किसी को कोई आपत्ति नहीं है। पुलिस की अब तक की जांच में मौत की वजह सामान्य है। अब पोस्टमार्टम के लिए मजिस्ट्रेट के आदेश की जरूरत है, जिसके लिए आरोप लगाने वाले मजिस्ट्रेट को प्रार्थना पत्र दे सकते हैं।




 
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