गोरखपुर के लोहिया एन्क्लेव के सैकड़ों आवंटियों को मिली राहत, जल्द मिलेगा फ्लैट में कब्जा
- लोहिया एन्क्लेव टाउनशिप घोषित, आवंटियों को मिलेगा कब्जा
- टाउनशिप होने के बाद एन्वॉयरमेंटल क्लीयरेंस की खत्म हो जाएगी बाध्यता
- प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की लेनी पड़ेगी मंजूरी, नोडल अफसर की भी हरी झंडी मिलनी तय
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तीन साल से कब्जा पाने के लिए दौड़ लगा रहे लोहिया एन्क्लेव के करीब 450 आवंटियों के लिए अनलॉक-1.0 के बीच राहत भरी सूचना मिली है। जल्द ही उन्हें उनके फ्लैट में कब्जा मिल जाने की उम्मीद है। लोहिया एन्क्लेव को टाउनशिप घोषित कर दिया गया है।
गोरखपुर विकास प्राधिकरण की ओर से सभी जरूरी प्रक्रिया तेजी से निपटाया जा रहा है। रामगढ़ताल वेट लैंड को लेकर एनजीटी की पाबंदी के बाद प्राधिकरण की ओर से तलाशे गए इस रास्ते से नियमों की अनदेखी भी नहीं होगी और एन्वॉयरमेंटल क्लीयरेंस की बाध्यता भी खत्म हो जाएगी।
दरअसल, एनजीटी की सख्ती के बाद रामगढ़ताल परियोजना क्षेत्र के 500 मीटर के दायरे में आने वाले 20 हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल में निर्माण के लिए एन्वॉयरमेंटल क्लीयरेंस तो उससे कम क्षेत्रफल में निर्माण के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रजामंदी जरूरी है। जीडीए ने एन्वॉयरमेंटल क्लीयरेंस के लिए आवेदन तो कर दिया था मगर अनुमति नहीं मिलने की वजह से आवंटियों को कब्जा नहीं मिल पा रहा था।
यह है टाउनशिप की शर्त
अब प्राधिकरण ने लोहिया एन्क्लेव को टाउनशिप घोषित करने का निर्णय किया है। इसे लेकर एनजीटी की तरफ से अधिकृत किए गए नोडल अफसर व प्रमुख सचिव सिंचाई के पास प्राधिकरण ने प्रस्ताव भी भेज दिया है। उम्मीद है कि दो से तीन दिन में उनकी सहमति भी मिल जाएगी।
प्राधिकरण सूत्रों के मुताबिक उन्होंने प्राधिकरण के प्रस्ताव पर मौखिक रजामंदी दे भी दी है। इसके बाद जीडीए तत्काल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमति के लिए आवेदन करेगा। चूंकि आवंटियों का मामला शासन स्तर पर चल रहा है। खुद मुख्यमंत्री भी जल्द से जल्द उन्हें कब्जा देने की बात कह चुके हैं लिहाजा माना जा रहा है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से भी जल्द रजामंदी मिल जाएगी जिसके बाद आवंटियों को कब्जा देने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
जीडीए के मुख्य अभियंता संजय सिंह ने बताया कि टाउनशिप का एरिया 50 हेक्टेअर से कम होना चाहिए और वहां निर्माण का क्षेत्रफल 1.50 लाख वर्ग मीटर से अधिक नहीं होना चाहिए। लोहिया एन्क्लेव का क्षेत्रफल 23 हेक्टेअर है। टाउनशिप के लिए जरूरी वहां सड़क, सीवर, पार्क, एसटीपी आदि पहले से मौजूद है। सुविधाओं को लेकर जो अन्य जरूरी शर्तें होंगी, उन्हें भी जल्द पूरा करा दिया जाएगा।
वेटलैंड का भी नोटिफिकेशन जल्द
इसके लिए 14 दिन का समय दिया जाएगा। आपत्तियों का निस्तारण कर शासन स्तर से फाइनल नोटिफिकेशन जारी हो जाएगा। डीएफओ अविनाश कुमार के मुताबिक ताल के 50 मीटर तक का ही एरिया वेटलैंड रखा गया है। कुछ ही एरिया में 100 और 120 मीटर तक वेटलैंड घोषित किया गया है।
वह भी एरिया खाली है, वहां कोई निर्माण नहीं है। ऐसे में वेटलैंड का मामला भी सुलझ जाएगा जिससे आवंटियों को कब्जा देने में कोई रोड़ा नहीं रह जाएगा।
उपाध्यक्ष अनुज सिंह ने बताया कि लेक व्यू को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मंजूरी मिल गई है। लोहिया एन्क्लेव को भी टाउनशिप घोषित करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है। जल्द ही अनुमति भी मिल जाने की उम्मीद है। इसके बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनुमति के लिए आवेदन कर दिया जाएगा। स्वीकृति मिलते ही कब्जा देने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। वन विभाग भी जल्द ही रामगढ़ताल का नोटिफिकेशन जारी कर देगा।