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Exclusive: रहते हैं गोरखपुर में, बिजली बिल आया वाराणसी का
Sat, 19 Feb 2022 12:19 PM IST
vivek shukla
रोहित सिंह, गोरखपुर।
रोहित सिंह, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 19 Feb 2022 12:19 PM IST
सार
शहरी अधीक्षण अभियंता यूसी वर्मा ने कहा कि नंबर गलत फीड होने से ऐसी दिक्कत आ गई होगी। जिन उपभोक्ता के मोबाइल पर ऐसे मैसेज आ रहे हैं वे इसकी सूचना अपने खंड कार्यालय पर जाकर दे दें। उनका नंबर बदलकर पंजीकृत नंबर दर्ज करवा दिया जाएगा।
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बिजली बिल।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
गोरखपुर शहर के प्रमुख व्यापारी आनंद रूंगटा के मोबाइल पर 48 हजार रुपये का बिजली बिल आ गया। उन्होंने ऑनलाइन खाता संख्या देखा तो बिल वाराणसी की महिला के नाम पर था। व्यापारी के रूंगटा एजेंसी प्रतिष्ठान के नाम पर पांच बिजली कनेक्शन हैं। प्रत्येक महीने समय से बिजली बिल जमा करने के बाद भी उनके मोबाइल पर मैसेज आने पर उन्हें हैरानी हुई। उन्हें अपने नंबर पर आए मैसेज को हटवाने की चिंता सता रही है।
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बिजली निगम की तरफ से उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबरों पर बिजली बिल जमा करने का मैसेज भेजा जाता है। व्यापारी आनंद ने बताया कि उनके मोबाइल पर दो दिन पहले खाता संख्या 7283815458 पर 48,259 रुपये का बिजली बिल जमा करने का मैसेज आया। उसमें लिखा था कि बिल को जमा करने की देय तिथि 16 फरवरी है। 23 फरवरी तक जमा नहीं करने पर विद्युत संयोजन (कनेक्शन) काट दिया जाएगा।
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उन्होंने जब ऑनलाइन खाता संख्या से बिल की जांच की तो पता चला कि वाराणसी की किसी सीमा सिंह के नाम पर उनके पास बिजली बिल भेज दिया गया। ऐसे ही, जगन्नाथपुर की विद्या सिंह के मोबाइल नंबर पर भी गलत बिजली बिल आ गया था। आठ तारीख को उन्होंने अपने बिजली बिल का भुगतान कर दिया था। इसके बाद भी उनके मोबाइल नंबर पर 751748337273 खाता संख्या का बिल आ गया। इसपर 48,324 हजार रुपये का बिजली बिल बाकी थी।
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उन्होंने बताया कि उनके मोबाइल नंबर पर महीने में अलग-अलग नाम से बिजली बिल का मैसेज आ जाता है। निगम के कर्मचारियों ने बताया कि शहरी खंड में 10 नंबर का खाता संख्या होता है। 12 संख्या में ग्रामीण खंड का बिजली बिल होता है। ऐसे में शहरी उपभोक्ता के पास ग्रामीण खंड के उपभोक्ताओं का बिजली आना निगम की बड़ी लापरवाही होती है।
शहरी अधीक्षण अभियंता यूसी वर्मा ने कहा कि नंबर गलत फीड होने से ऐसी दिक्कत आ गई होगी। जिन उपभोक्ता के मोबाइल पर ऐसे मैसेज आ रहे हैं वे इसकी सूचना अपने खंड कार्यालय पर जाकर दे दें। उनका नंबर बदलकर पंजीकृत नंबर दर्ज करवा दिया जाएगा। नंबर फीड करते वक्त लापरवाही होना, यह गलत है।