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गोरखपुर: 200 से अधिक पर 116 करोड़ रुपये की देनदारी, भुगतान के लिए 15 दिन की चेतावनी
Thu, 17 Mar 2022 01:47 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 17 Mar 2022 01:47 PM IST
सार
समीक्षा रिपोर्ट के मुताबिक औद्योगिक योजना में 43, ट्रांसपोर्टनगर योजना में 46, व्यावसायिक योजना में 76, संस्थागत योजना में आठ, सहजनवां आवासीय योजना सेक्टर 23 में 24 बकाएदारों पर 10 लाख रुपये से अधिक बकाया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) से संपत्तियां आवंटित कराने वाले 200 से अधिक लोगों पर करीब 116 करोड़ रुपये की देनदारी है। गीडा प्रशासन अब इनपर सख्ती करने जा रहा है। सभी को 15 दिन की मोहलत दी गई है। समय से भुगतान नहीं हुआ तो संबंधित के खिलाफ आरसी जारी की जाएगी। साथ ही आवंटित संपत्ति को निरस्त कर दिया जाएगा।
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गीडा की आठ परियोजनाओं में बड़ी संख्या में ऐसे बकाएदार हैं, जो लंबे समय से भुगतान नहीं कर रहे हैं। वहीं, 197 आवंटी ऐसे पाए गए हैं, जिनपर 10 लाख से ऊपर की धनराशि का बकाया है। बता दें कि गीडा से कोई संपत्ति आवंटित कराने पर कुल मूल्य का 25 प्रतिशत भुगतान कर कब्जा मिल जाता है। इसके बाद बाकी की धनराशि पांच वर्षों में चुकानी होती है।
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हर साल छह-छह महीने की दो किस्त देनी होती है। इस किस्त को प्रीमियम कहते हैं। प्रीमियम के मद में ही सर्वाधिक 91 करोड़ 91 लाख रुपये का बकाया है। आवंटियों को रख-रखाव शुल्क भी देना होता है लेकिन इस मद में भी करीब 24.18 करोड़ रुपये जमा नहीं किए गए हैं। लीज रेंट के रूप में करीब 66 लाख 82 हजार रुपये का बकाया है। इनमें से भी 10 लाख रुपये से अधिक के बकाएदारों की अलग सूची बनाई गई है। सभी योजनाएं मिलाकर ऐसे 197 लोगों पर करीब 80 करोड़ रुपये का बकाया है।
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सबसे अधिक व्यावसायिक योजना में बकाएदार
सर्वाधिक 76 बकाएदार व्यावसायिक योजना में हैं। समीक्षा रिपोर्ट के मुताबिक औद्योगिक योजना में 43, ट्रांसपोर्टनगर योजना में 46, व्यावसायिक योजना में 76, संस्थागत योजना में आठ, सहजनवां आवासीय योजना सेक्टर 23 में 24 बकाएदारों पर 10 लाख रुपये से अधिक बकाया है।योजना बकाया प्रीमियम रख-रखाव लीज रेंट
औद्योगिक 23.06 15.30 .45
ट्रांसपोर्टनगर 17.19 3.19 .07
व्यावसायिक 38.69 2.03 .13
संस्थागत 4.14 2.91 .11
न्यू गोरखपुर आवासीय 1.03 .84 .006
सहजनवां आवासीय 7.64 .64 .006
शॉपिंग .03 .003- -
औद्योगिक शेड .12 .04 -
(नोट : आंकड़े करोड़ रुपये में हैं)
गीडा सीईओ पवन अग्रवाल ने कहा कि विभिन्न योजनाओं में बकाएदारों की समीक्षा की गई। कुछ योजनाओं के विभिन्न मदों में करीब 116 करोड़ रुपये बकाया हैं। इनमें से 80 करोड़ रुपये केवल 197 लोगों पर बाकी हैं। ये सभी 10 लाख रुपये से अधिक के बकाएदार हैं। इन सभी से सख्ती के साथ वसूली की जाएगी।