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महराजगंज: मधवलिया में लेपर्ड रेस्क्यू सेंटर तेंदुओं के लिए बनेगा संजीवनी, वन विभाग की तैयारी पूरी
Tue, 25 Feb 2020 12:06 PM IST
vivek shukla
संजय कुमार पांडेय, महराजगंज।
संजय कुमार पांडेय, महराजगंज।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 25 Feb 2020 12:06 PM IST
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कॉरिडोर विकसित होने से तेंदुओं की सुरक्षा होगी बेहतर।
- फोटो : अमर उजाला।
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जिले में मधवलिया वन क्षेत्र में चार हेक्टेयर में बनने वाला लेपर्ड रेस्क्यू सेंटर तेंदुओं के लिए संजीवनी साबित होगा। इसके लिए विभाग की ओर से पूरी कार्य योजना तैयार कर ली गई है। जब यह बनकर तैयार हो जाएगा तो तेंदुओं की सुरक्षा में आसानी होगी। इसके अलावा तेंदुओं की सुरक्षा एवं घायल होने पर उनके इलाज की बेहतर सुविधा रहेगी। सोहगीबरवां वन्य जीव प्रभाग में तेंदुओ की बंश बृद्धि एवं उनकी सुरक्षा बेहतर ढंग से हो सकेगी।
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तेंदुओं की हाफ सेंचुरी वाले सोहगीबरवां वन्य जीव प्रभाग में तेंदुए भी महफूज नहीं रहे। अगर दस सालों के रिकार्ड पर गौर करें तो सात तेंदुओं की मौत हो चुकी है। वैसे तो मौत का कारण जानने के लिए वन विभाग मृत तेंदुओं का पोस्टमार्टम तो कराता है लेकिन कहीं सामान्य मौत तो कहीं ग्रामीणों के हमले से मौत का कारण बताता है।
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कुछ बीमारी से भी मौत होने की बात कही जाती है। पूर्वांचल का जिम कारर्बेट माने जाने वाले सोहगीबरवां में तीन साल पहले हुई गणना के मुताविक तेदुओं की कुल संख्या 47 बताई जाती है। जिसमें 16 पर, 19 मादा तो 12 शावक बताए जाते हैं। ऐसे में लेपर्ड रेस्क्यू सेंटर बन जाने से काफी सहुलियत मिलेगी।
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सोहगीबरवां वन्यजीव प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी पुष्प कुमार कांधला ने बताया कि मधवलिया रेंज में लेपर्ड रेस्क्यू सेंटर का निर्माण होगा। चार हेक्टेयर में बनने वाले इस सेंटर में एनिमल रेस्क्यू सेंटर में फर्स्ट एड रुम, सिंगल गेट, नाईट सेल, डे सेल, चौकीदार रुम आदि की ब्यवस्था होगी। वन्यजीवों की उपलब्धता व उनके बेहतर ईलाज की व्यवस्था करने के उद्देश्य से सेंटर का निर्माण होगा। इस सेंटर से काफी सहुलियत मिलेगी।
वर्ष 2015 में चार तेंदुओं की हुई संदेहास्पद स्थिति में मौत
सोहगीबरवां वन्य जीव प्रभाग में अगर तेंदुओं की मौत पर गौर करें तो एक ही साल में संदेहास्पद स्थिति में चार तेदुओं की मौत हुई। जिसमें से वन विभाग मधवलिया व पकड़ी में मरे तेंदुओं का मौत का कारण प्राकृतिक तो चौक के नक्शा बक्शा व लक्ष्मीपुर में मरे तेदुओं की मृत्यु चोट के कारण बताता है।
सोहगीबरवां में मृत तेंदुओं का विवरण एक नजर में
आज से आठ साल पहले डोमा जंगल में एक तेंदुए की मौत
मधवलियां गोसदन में तेंदुए की संदिग्ध परिस्थिति में मौत
24 अप्रैल 2015 में पकड़ी जंगल में तेंदुए की संदेहास्पद मौत
दस जून 2015 को लक्ष्मीपुर रेंज में तेंदुए की मौत
29 नवंबर 2015 को मधवलिया रेंज के दुधई बीट में तेंदुए की मौत
नौ दिसंबर 2015 को चौक रेंज के नक्शा बक्शा गांव में तेंदुए की मौत
22 मार्च 2018 को चौक रेंज के नाथनगर बीट में तेंदुए की मौत
तेंदुए ने कब और कहां किया हमला
28 दिसंबर 2016 को मोहम्मदा गांव में तेंदुए तांडव किया। गांव के 12 लोग हमले में घायल हुए थे जिनका इलाल अस्पताल में कराया गया। 29 दिसंबर 2016 को पनियरा थाना क्षेत्र के सुचितपुर बघौना गांव में गुरुवार की सुबह तेंदुए ने दो लोगों पर हमला कर दिया जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
19 दिसंबर 2017 को थाना क्षेत्र कोल्हुई के ग्राम सभा लक्ष्मीपुर कैथवलियां में घुसकर एक तेंदुआ ने तीन लोगो को घायल करने के बाद एक मकान में घुस गया। 24 मई 2018 को ग्राम पंचायत जमुहानी में दिखा। वहां से ग्राम पंचायत पुरूषोत्तमपुर में जाकर एक मकान में छिप गया। तेंदुए ने चार लोगों को घायल किया। इसके बाद गुस्साए लोगों ने तेेेंदुए को पीटपीट कर मार डाला था। 8 फरवरी 2020 को कलनही में झाडी में फंसा हुआ तेंदुआ मिला था।
सोहगीबरवां में मृत तेंदुओं का विवरण एक नजर में
आज से आठ साल पहले डोमा जंगल में एक तेंदुए की मौत
मधवलियां गोसदन में तेंदुए की संदिग्ध परिस्थिति में मौत
24 अप्रैल 2015 में पकड़ी जंगल में तेंदुए की संदेहास्पद मौत
दस जून 2015 को लक्ष्मीपुर रेंज में तेंदुए की मौत
29 नवंबर 2015 को मधवलिया रेंज के दुधई बीट में तेंदुए की मौत
नौ दिसंबर 2015 को चौक रेंज के नक्शा बक्शा गांव में तेंदुए की मौत
22 मार्च 2018 को चौक रेंज के नाथनगर बीट में तेंदुए की मौत
तेंदुए ने कब और कहां किया हमला
28 दिसंबर 2016 को मोहम्मदा गांव में तेंदुए तांडव किया। गांव के 12 लोग हमले में घायल हुए थे जिनका इलाल अस्पताल में कराया गया। 29 दिसंबर 2016 को पनियरा थाना क्षेत्र के सुचितपुर बघौना गांव में गुरुवार की सुबह तेंदुए ने दो लोगों पर हमला कर दिया जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
19 दिसंबर 2017 को थाना क्षेत्र कोल्हुई के ग्राम सभा लक्ष्मीपुर कैथवलियां में घुसकर एक तेंदुआ ने तीन लोगो को घायल करने के बाद एक मकान में घुस गया। 24 मई 2018 को ग्राम पंचायत जमुहानी में दिखा। वहां से ग्राम पंचायत पुरूषोत्तमपुर में जाकर एक मकान में छिप गया। तेंदुए ने चार लोगों को घायल किया। इसके बाद गुस्साए लोगों ने तेेेंदुए को पीटपीट कर मार डाला था। 8 फरवरी 2020 को कलनही में झाडी में फंसा हुआ तेंदुआ मिला था।