UP: लेखपाल की बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत; लेखपाल संघ ने SIR में ड्यूटी का दबाव बनाने का लगाया आरोप
घटना के बाद लेखपाल संघ ने अधिकारियों पर एसआईआर में ड्यूटी लगाकर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। हालांकि तहसील प्रशासन ने इन आरोपों को नकार दिया है। प्रशासन का कहना है कि उक्त लेखपाल करीब दो साल से बीमार थे।
विस्तार
देवरिया स्थित सलेमपुर क्षेत्र के लेखपाल की शुक्रवार को अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिवार के लोगों ने आनन-फानन उन्हें सीएचसी सलेमपुर पहुंचाया। वहां हालत में सुधार नहीं होने पर मेडिकल कॉलेज देवरिया ले गए। फिर परिजन रात में ही उन्हें गोरखपुर लेकर चले गए। जहां एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौैत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
लेखपाल संघ ने लगाआ प्रताड़ित करने का आरोप
उधर, घटना के बाद लेखपाल संघ ने अधिकारियों पर एसआईआर में ड्यूटी लगाकर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। हालांकि तहसील प्रशासन ने इन आरोपों को नकार दिया है। प्रशासन का कहना है कि उक्त लेखपाल करीब दो साल से बीमार थे। एसआईआर में लेखपाल केवल सहयोगी हैं, किसी की ड्यूटी नहीं लगी है। संबंधित लेखपाल को एसआईआर की कोई जिम्मेदारी भी नहीं दी गई थी।मृतक लेखपाल के पिता का कहना है कि वह पथरी का ऑपरेशन कराने के लिए गोरखपुर गए थे।
परिवार में मचा कोहराम
तहसील क्षेत्र बरवां तालानी टोला गांव निवासी आशीष कुमार (35) राजस्व निरीक्षक क्षेत्र रेवली में बलिया उत्तर दक्षिणी गांव में लेखपाल पद पर कार्यरत थे। शुक्रवार को लेखपालों की हड़ताल की वजह से आशीष ड्यूटी पर नहीं गए थे। दिन में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी तो घरवालों को जानकारी दी। परिवार के लोग आनन-फानन में आशीष को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सलेमपुर पहुंचे। वहां आशीष की हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद परिजन शुक्रवार की रात उन्हें लेकर महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज देवरिया चले गए। इसके बाद देर रात आशीष के घरवाले उनको लेकर गोरखपुर पहुंचे और एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां शनिवार की दोपहर में करीब डेढ़ बजे आशीष कुमार की मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
तहसील प्रशासन बेवजह लेखपालों पर बना रहा एसआईआर का काम करने का दबाव
घटना की जानकारी होते ही लेखपाल संघ के पदाधिकारी तहसील पहुंचे। लेखपालों ने आरोप लगाया कि तहसील प्रशासन बेवजह लेखपालों पर एसआईआर का काम करने का दबाव बना रहा है। लेखपाल संघ के अध्यक्ष लकम्मुद्दीन अंसारी ने आरोप लगाया कि एसआईआर को लेकर प्रशासन लेखपालों पर दंडात्मक कार्रवाई कर रहा है। इसके चलते ही फतेहपुर जिले में घटना हुई थी और अब सलेमपुर में भी एक लेखपाल का मौत हो गई है। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि आशीष की मौत के बाद अधिकारियों ने व्हाट्सएप पर बने ग्रुप से सारे मैसेज डिलीट कर दिए हैं। आशीष के पिता बाबूलाल का कहना है कि आशीष गोरखपुर में एक निजी अस्पताल में पथरी का ऑपरेशन कराने गए थे। प्रशासन ने मृतक लेखपाल का पोस्टमार्टम कराने का फैसला किया है।
गाल ब्लैडर में पथरी से परेशान थे आशीष
लेखपाल के घरवालों से बात हुई है। आशीष करीब दो साल से गाल ब्लैडर में पथरी की वजह से परेशान थे। इस वजह से उनके शरीर में सूजन भी आ गया था। दो दिन पहले भी उनके पेट में तेज दर्द हुआ था। वे इलाज कराने के बजाय केवल दर्द निवारक दवाओं से काम चला रहे थे। शुक्रवार को भी पेट में दर्द होने पर घरवाले सीएचसी सलेमपुर ले गए। वहां से देवरिया और फिर गोरखपुर इलाज कराया गया। लेखपालों की एसआईआर में कोई ड्यूटी नहीं लगी है। न ही आशीष से इस तरह का कोई काम ही लिया गया है। कुछ लोग बेवजह इस घटना को एसआईआर से जोड़कर माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। प्रशासन ने मृत लेखपाल का पोस्टमार्टम कराने का निर्णय लिया है। -दिशा श्रीवास्तव, एसडीएम, सलेमपुर