{"_id":"61121e838ebc3e794d20fcf6","slug":"land-used-to-build-house-was-sold-as-agricultural-land-in-gorakhpur","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोरखपुर: जहां पर साठ साले से हैं घर, उसे कृषि भूमि बताकर बेच दिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोरखपुर: जहां पर साठ साले से हैं घर, उसे कृषि भूमि बताकर बेच दिया
Tue, 10 Aug 2021 12:06 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 10 Aug 2021 12:06 PM IST
सार
पीपीगंज कस्बे के 11 परिवारों पर बेघर होने का खतरा, सीएम कैंप कार्यालय में अर्जी देकर लगाई न्याय की गुहार।
विज्ञापन
ज्ञापन देने जाते पीपीगंज के लोग।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गोरखपुरि जिले के पीपीगंज कस्बे की जिस भूमि पर 60 वर्षों से मकान बनाकर लोग आबाद हैं, उसे कृषि व आवासीय दिखाकर बेच दिया गया। इससे 11 परिवारों के बेघर होने का खतरा पैदा हो गया है। इन लोगों ने गोरखनाथ मंदिर स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में ज्ञापन देकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ितों का कहना है कि पुरानी भूमि बेचने के इस खेल में ‘बड़ों’ का हाथ है। जांच हुई तो सब कुछ सामने आ जाएगा।
जानकारी के मुताबिक, पीपीगंज कस्बे में प्रेमचंद्र पुत्र स्व लाल बिहारी, अनिल कुमार पुत्र स्व. गंगाजल, पुरुषोत्तम पुत्र राम सरन, चौथी प्रसाद पुत्र रामआसरे, राकेश पुत्र रामआसरे, रतनलाल पुत्र रामनरेश, बहराइची पुत्र स्व रामकेवल, महेंद्र पुत्र वशिष्ठ, चंद्रभान पुत्र नानू, भागमनी देवी पत्नी स्व संतराज, देवप्रकाश पुत्र स्व कैलाश का आवास है। इनके मुताबिक आराजी नंबर 904क, 910, 913, 874 पर पिछले 60 वर्षों से काबिज हैं।
इधर पता चला कि जिस भूमि पर मकान बने हैं, उसे कृषि व आवासीय दिखाकर बैनामा कर दिया गया। तहसील प्रशासन ने जांच भी नहीं कराई और खारिज-दाखिल कर दिया। अब भूमि खाली कराने की धमकी दी जा रही है। इन लोगों का कहना है कि अपना आवास ढहाकर कहां जाएं? मुख्यमंत्री से ही राहत की उम्मीद है।
विज्ञापन
भूमि खरीदार संतोष सिंह ने बताया कि भूमि खाली समझकर ही खरीदी थी। आवास बने हैं, इसकी जानकारी नहीं थी। जल्द ही मामले को सुलझा लेंगे।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक, पीपीगंज कस्बे में प्रेमचंद्र पुत्र स्व लाल बिहारी, अनिल कुमार पुत्र स्व. गंगाजल, पुरुषोत्तम पुत्र राम सरन, चौथी प्रसाद पुत्र रामआसरे, राकेश पुत्र रामआसरे, रतनलाल पुत्र रामनरेश, बहराइची पुत्र स्व रामकेवल, महेंद्र पुत्र वशिष्ठ, चंद्रभान पुत्र नानू, भागमनी देवी पत्नी स्व संतराज, देवप्रकाश पुत्र स्व कैलाश का आवास है। इनके मुताबिक आराजी नंबर 904क, 910, 913, 874 पर पिछले 60 वर्षों से काबिज हैं।
विज्ञापन
इधर पता चला कि जिस भूमि पर मकान बने हैं, उसे कृषि व आवासीय दिखाकर बैनामा कर दिया गया। तहसील प्रशासन ने जांच भी नहीं कराई और खारिज-दाखिल कर दिया। अब भूमि खाली कराने की धमकी दी जा रही है। इन लोगों का कहना है कि अपना आवास ढहाकर कहां जाएं? मुख्यमंत्री से ही राहत की उम्मीद है।
विज्ञापन
भूमि खरीदार संतोष सिंह ने बताया कि भूमि खाली समझकर ही खरीदी थी। आवास बने हैं, इसकी जानकारी नहीं थी। जल्द ही मामले को सुलझा लेंगे।