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Gorakhpur News: 47 साल बाद सुलह-समझौते से निपटा जमीन का मामला
Thu, 23 May 2024 12:26 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Thu, 23 May 2024 12:26 AM IST
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फरेंदा। नौतनवा क्षेत्र के परसौनी खुर्द में स्थित श्रीरामजानकी मंदिर के बगल में स्थित जमीन का 47 वर्ष पुराना मुकदमे का निस्तारण सिविल जज जूनियर डिवीजन फरेंदा अखिल कुमार निझावन के मौजूदगी में दोनों पक्षों के आपसी सुलह समझौते के आधार पर निस्तारित कर दिया गया।
मंदिर के पुजारी रामसेवकदास व अब्दुल मजीद के बीच वर्ष 1977 से मुंसफ न्यायालय गोरखपुर में वाद दाखिल हुआ था। इसमें इजरा की कार्यवाही रामसेवक दास व अब्दुल रसीद के बीच चला आ रहा था। इसमें रामसेवकदास के मृत्यु के बाद वर्तमान पुजारी रामजीदास द्वारा मुकदमे की पैरवी किया जा रहा था। वर्ष 2016 में दीवानी न्यायालय फरेंदा में मामला हस्तांतरित होकर आ गया। 47 वर्ष पुराने मुकदमे को देखकर पीठासीन अधिकारी अखिल कुमार निझावन ने दोनों पक्षों को एक साथ समझाया बुझाया।
मामले के संवेदनशीलता को देखते हुए मुकदमे में पीएसी बल की मांग की गई थी, लेकिन न्यायालय सिविल जज जूनियर डिवीजन फरेंदा द्वारा अपने आदेश 22 मई को दोनों पक्षों के मध्य समझौते के आधार पर मुकदमा समाप्त कर दिया गया। दोनों पक्षों के बीच समझौता के आधार पर निर्णय हो गया। अब कोई विवाद नहीं रह गया है।
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मंदिर के पुजारी रामसेवकदास व अब्दुल मजीद के बीच वर्ष 1977 से मुंसफ न्यायालय गोरखपुर में वाद दाखिल हुआ था। इसमें इजरा की कार्यवाही रामसेवक दास व अब्दुल रसीद के बीच चला आ रहा था। इसमें रामसेवकदास के मृत्यु के बाद वर्तमान पुजारी रामजीदास द्वारा मुकदमे की पैरवी किया जा रहा था। वर्ष 2016 में दीवानी न्यायालय फरेंदा में मामला हस्तांतरित होकर आ गया। 47 वर्ष पुराने मुकदमे को देखकर पीठासीन अधिकारी अखिल कुमार निझावन ने दोनों पक्षों को एक साथ समझाया बुझाया।
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मामले के संवेदनशीलता को देखते हुए मुकदमे में पीएसी बल की मांग की गई थी, लेकिन न्यायालय सिविल जज जूनियर डिवीजन फरेंदा द्वारा अपने आदेश 22 मई को दोनों पक्षों के मध्य समझौते के आधार पर मुकदमा समाप्त कर दिया गया। दोनों पक्षों के बीच समझौता के आधार पर निर्णय हो गया। अब कोई विवाद नहीं रह गया है।
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