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जमीन के प्रकरण में थानेदार सीधे नहीं दर्ज कर सकेंगे एफआईआर
Wed, 22 Jan 2020 11:40 AM IST
विजय जैन
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
Published by: विजय जैन
Updated Wed, 22 Jan 2020 11:40 AM IST
सार
- सीओ की जांच रिपोर्ट और एसएसपी के आदेश पर पर ही दर्ज किए जाएंगे केस
- जमीन विवाद के ज्यादा मामले होने पर एसएसपी ने नई व्यवस्था शुरू कराई
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फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जिले में जमीन की खरीद-फरोख्त में हेराफेरी और फिर कानूनी दांव पेंच में मामले को उलझाने से रोकने में एसएसपी का फार्मूला कारगर साबित हो रहा है। अब जमीन के मामले में सीधे एफआईआर नहीं दर्ज की जा रही है। केस दर्ज करने के लिए एसएसपी का आदेश होना जरूरी है। एसएसपी भी ऐसे प्रकरणों पर पहले सीओ को जांच का आदेश देते हैं। सीओ की रिपोर्ट आने पर ही एफआईआर दर्ज करने का आदेश जारी होता है। जमीन के मामलों में सीधे सिर्फ उन्हीं की एफआईआर दर्ज की जा रही है, जिनके साथ वास्तव में धोखाधड़ी हुई हो।
जानकारी के मुताबिक एसएसपी दफ्तर में ज्यादा शिकायतें जमीन की ही होती हैं। उसमें कई के आरोप भी होते हैं कि पुलिस ने केस दर्ज कर मामले को फंसा दिया है। इस तरह के प्रकरण ज्यादा आनेे पर एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने ऐसे मामलों में सीधे एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया पर ही रोक लगा दी है। अब ऐसे लोग थाने या फिर सीधे एसएसपी को प्रार्थना पत्र देते हैं। सीओ स्तर का अफसर उसकी जांच करता है। जांच में दोनों पक्ष के साक्ष्य सामने आने के बाद ही एसएसपी के आदेश पर एफआईआर दर्ज की जाती है।
एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने बताया- जमीन के प्रकरण में जांच के बाद ही केस करने दर्ज का आदेश दिया जाता है। सीधे थानेदार केस नहीं दर्ज कर सकते हैं। इसके पीछे एक ही उद्देश्य है कि आम लोगों को न्याय मिल सके, वे किसी धोखाधड़ी के शिकार न होने पाएं।
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जानकारी के मुताबिक एसएसपी दफ्तर में ज्यादा शिकायतें जमीन की ही होती हैं। उसमें कई के आरोप भी होते हैं कि पुलिस ने केस दर्ज कर मामले को फंसा दिया है। इस तरह के प्रकरण ज्यादा आनेे पर एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने ऐसे मामलों में सीधे एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया पर ही रोक लगा दी है। अब ऐसे लोग थाने या फिर सीधे एसएसपी को प्रार्थना पत्र देते हैं। सीओ स्तर का अफसर उसकी जांच करता है। जांच में दोनों पक्ष के साक्ष्य सामने आने के बाद ही एसएसपी के आदेश पर एफआईआर दर्ज की जाती है।
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एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने बताया- जमीन के प्रकरण में जांच के बाद ही केस करने दर्ज का आदेश दिया जाता है। सीधे थानेदार केस नहीं दर्ज कर सकते हैं। इसके पीछे एक ही उद्देश्य है कि आम लोगों को न्याय मिल सके, वे किसी धोखाधड़ी के शिकार न होने पाएं।
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