कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से जल्द उड़ान शुरू होने की संभावना, तैयारी में जुटे अधिकारी
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उत्तर प्रदेश के कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से शीघ्र उड़ान शुरू होने की कवायद ने पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों को भी सक्रिय कर दिया है। कोरोना संकट के चलते ठप पड़े होटल व ट्रेवल एजेंसियों को यहां अपना काम शुरू होने की उम्मीद दिखने लगी है। सभी अपनी तैयारियों में जुट गए हैं।
इंटरनेशनल एयरपोर्ट शुरू होने पर कुशीनगर बौद्घ धर्म की बहुलता वाले देशों से सीधे जुड़ जाएगा। इससे पर्यटक कोलकाता, वाराणसी न आकर सीधे यहां आएंगे। यहीं से उनकी बुद्धिस्ट सर्किट में यात्रा शुरू होगी और फिर यहीं से अपने देश को वापस लौटेंगे। इससे पर्यटकों के ठहरने का समय बढ़ेगा तो उसका फायदा भी कुशीनगर को ही होगा। इससे रोजगार के अवसर बढेंगे।
पर्यटन सूचना अधिकारी राजेश कुमार भारती ने कहा कि नि:संदेह भगवान बुद्ध का स्थान विश्वव्यापी है। कुशीनगर से अंतरराष्ट्रीय व घरेलू उड़ान शुरू होगी तो प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप में पर्यटन विभाग के भी राजस्व में इजाफा होगा। पर्यटन विभाग पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए नई नई सुविधाएं भी देगा।
बुद्धिस्ट सर्किट में ख्याति प्राप्त जातक टूर एंड ट्रवेल्स एजेंसी के मैनेजिंग डायरेक्टर (वाराणसी) एसके सिंह ने कहा कि कुशीनगर से हवाई सेवा शुरू होते ही पर्यटन व्यवसाय में 25 प्रतिशत की तत्काल वृद्धि होगी। कुशीनगर से अगर बुद्घ सर्किट के बोधगया, सारनाथ, लुबिंनी आदि को भी हवाई सेवा से जोड़ा गया तो पर्यटकों की संख्या में और तेजी आएगी।
होटल लोटस के प्रबंधक राजेंद्र मोहन गुप्ता ने कहा कि थाईलैंड, चाइना, वियतनाम, ताइवान, सिंगापुर, मलेशिया, जापान, कोरिया आदि जगहों से आने वाले पर्यटकों के चलते होटलों की आमदनी बढ़ेगी। कोरोना के चलते ठप पड़े व्यवसाय में इसके चलते जान लौटेगी।
राजकीय बौद्ध संग्रहालय के अध्यक्ष अमित द्विवेदी का कहना है कि अन्य संस्थानों की तरह राजकीय बौद्ध संग्रहालय भी इस अवसर के इंतजार में है। कुशीनगर की प्राचीनता, ऐतिहासिकता और विशिष्टता को बताने वाले इस संग्रहालय में अभी 300 से 400 विदेशी शोधार्थी आते हैं जबकि हवाई सेवा से जुड़ने के बाद यह संख्या तीन से चार हजार तक पहुंच सकती है।