Exclusive: वेबसाइट पर जानिए, गोरखपुर में कौन डॉक्टर इलाज के लिए सही
मरीजों को सही इलाज और झोलाछाप से बचाने के लिए आईएमए की पहल, एसोसिएशन ने बनाई आईएमए गोरखपुर नाम से वेबसाइट और मोबाइल एप्लीकेशन।
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इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) गोरखपुर की वेबसाइट और एप्लीकेशन पर शहर के सही डॉक्टरों की जानकारी मिल सकेगी। आईएमए से जुड़ा कौन सा डॉक्टर कहां बैठता है और किस रोग का विशेषज्ञ है, यह सब एक क्लिक पर पता चल जाएगा। आईएमए ने इसके लिए आईएमए गोरखपुर नाम से वेबसाइट और अप्लीकेशन बनाया है। वेबसाइट बनाने का उद्देश्य मरीजों को चिकित्सा शिक्षा की डिग्री के बिना इलाज करने वालों से बचाना और सही इलाज दिलवाना है।
जानकारी के मुताबिक जिले में आईएमए से जुडे़ करीब 700 से अधिक डॉक्टर हैं। जिले में गोरखपुर के अलावा महराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर सहित नेपाल और बिहार से लोग इलाज कराने आते हैं। शहर के लोग तो सही डॉक्टरों के पास पहुंच जाते हैं, लेकिन गैर जनपद से आने वाले मरीज एंबुलेंस चालकों और अन्य बिचौलियों के चंगुल में फंसकर चिकित्सा शिक्षा की डिग्री के बिना इलाज करने वालों या ऐसे अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंच जाते हैं, जहां पर उनका आर्थिक शोषण किया जाता है।
इसके अलावा इलाज भी ठीक से नहीं हो पाता है। इसकी शिकायतें आईएमए को मिलती रहीं हैं। इसी के मद्देनजर आईएमए ने वेबसाइट बनाई है। साथ ही मोबाइल एप्लीकेशन बनाया है, जिसे प्ले-स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। इस एप्लीकेशन से डॉक्टरों की लिस्ट डाउनलोड की जा सकती है।
ताकि डॉक्टरों के बारे में सही जानकारी मिल सके
आईएमए गोरखपुर के सक्रिय सदस्य डॉ. संजीव गुप्ता ने बताया कि इस एप्लीकेशन को लांच करने का उद्देश्य यही है कि मरीज को डॉक्टरों के बारे में सङी जानकारी मिल सके। अक्सर आईएमए के पास चिकित्सा शिक्षा की डिग्री के बिना इलाज करने वालों की शिकायतें आती रहती हैं। टीम में डॉ. वाई सिंह, डॉ. इमरान अख्तर, डॉ. एसएन गुप्ता, डॉ. नीरज श्रीवास्तव शामिल किए गए हैं। इनकी देख-रेख में काम जारी है।
ऑनलाइन दिखाने की भी सुविधा मिलेगी
डॉ. संजीव गुप्ता ने बताया कि अब तक आईएमए गोरखपुर के एप्लीकेशन से शहर के 50 से अधिक डॉक्टर जुड़ चुके हैं। इस पर तेजी से काम चल रहा है। जल्द ही आईएमए के सभी सदस्य जुड़ जाएंगे। इसके बाद मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उन्हें ऑनलाइन व्यवस्था से भी जोड़ा जाएगा। जिससे मरीज ऑनलाइन ओपीडी में दिखा सकें। इसके लिए सभी डॉक्टरों की ओपीडी को ऑनलाइन किया जाएगा।