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नए साल में होगा मंगल ही मंगल, जानिए गोरखपुर के लिए कैसा रहेगा साल 2021
Tue, 15 Dec 2020 05:38 PM IST
vivek shukla
अविनाश श्रीवास्तव, गोरखपुर।
अविनाश श्रीवास्तव, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 15 Dec 2020 05:38 PM IST
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ग्रह नक्षत्र
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वर्ष 2020 में पूरी दुनिया संकटों से जूझती रही, लेकिन 2021 में ऐसा नहीं होने वाला है। ज्योतिषियों के अनुसार वर्ष 2021 अप्रैल से लोगों का मंगल ही मंगल होगा। क्योंकि इस वर्ष मंगल ही ग्रहों के राजा और मंत्री दोनों होने जा रहे हैं। ऐसा होने से लोगों में रक्त विकार की समस्या दूर होगी। मांसपेसियों की समस्या समाप्त होगी। देश की सेना मजबूत होगी। पराक्रम बढ़ेगा, कड़े फैसले लिए जाएंगे। लोगों में सकारात्मक उर्जा का संचार होगा।
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कोरोना महामारी से मिलेगी निजात
ज्योतिर्विद पंडित नरेंद्र उपाध्याय ने बताया कि बृहस्पति और शनि अप्रैल में एक साथ थे तो कोरोना से हाहाकार मच गया था। जब ये दोनों ग्रह अक्तूबर में अलग-अलग हुए हैं तो कोरोना के मामलों में कमी आनी शुरू हो गई। 21 नवंबर को बृहस्पति नीच (कमजोर) का होकर शनि के संयोग किया है।
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यह स्थिति ठीक नहीं है, लेकिन मंगल के अच्छे होने से, शुक्र के स्वग्रही होने के कारण कोरोना काबू में है। पांच अप्रैल 2021 को जब बृहस्पति मकर से कुंभ राशि में प्रवेश करेगा तो स्थिती और भी बेहतर होगी। इससे कोरोना से निजात मिलेगी।
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गोरखपुर में तेज होगी औद्योगिक विकास की गति
पंडित शरद चंद्र मिश्र के अनुसार, गोरखपुर की नाम राशि कुंभ है। वर्ष 2021 में बृहस्पति मकर और कुंभ राशि पर संचरण कर रहा। शनि की स्थित द्वादश भाव में है। बृहस्पति की पूर्ण दृष्टि अप्रैल के पश्चात औद्योगिक और सांस्कृतिक भाव पर होने से गोरखपुर और उसके आसपास औद्योगिक और सांस्कृतिक विकास को गति मिलेगा। नवम पूर्ण दृष्टि धर्म स्थान पर होने से जीर्ण-शीर्ण मंदिरों का उद्धार और यहां के रहने वाले निवासियों मे अपने संस्कृति के प्रति लगाव होगा।
शनि ग्रह की साढ़ेसाती के प्रभाव के कारण आर्थिक समुन्नति में मिश्रित फल प्राप्त होगा। लोगों की प्रचुरता और पारिवारिक सामंजस्य मे कमी आएगी। उपलब्धियों के अवसर कम मिलेंगे। बेरोजगारी पूर्ववत बना रहेगा। इसलिए जनमानस विशेषतः युवा वर्ग में आक्रोश और हताशा देखने को मिलेगी। यह सब शनि के प्रकोप के कारण होगा।
संपूर्ण वर्ष 2021 में गोरखपुर की नाम राशि से राहु चतुर्थ और केतु ग्रह दशवें स्थान पर स्थित रहेंगे। राहु के मित्र शुक्र की राशि पर होने से परिवहन मार्गों के विकास मे अत्यधिक विकास और कृषकों की दशा मे सुधार के लिए कुछ नए कार्य होंगे। दशम भावस्थ केतु के कारण सरकार की नीतियों और कार्य की प्रशंसा की जाएगी। षष्ठम भाव रोग, शत्रु और अपराध का माना जाता है।
इस पर शनि की सातवीं पूर्ण दृष्टि से अपराध का ग्राफ तेजी से नीचे की ओर जाएगा। अवांछित तत्वों से जनमानस को राहत मिलेगी। रोगों में कमी आएगी। गोरखपुर और उसके आसपास प्राकृतिक प्रकोप जैसे बाढ़ और सूखे की स्थित से छुटकारा मिलेगा। नदियों का जलस्तर अपने मर्यादित सीमा मे होगा। औसत वर्षा का योग है। क्योंकि अप्रैल के पश्चात बृहस्पति उच्चारोही होंगे अर्थात मकर से कुंभ राशि की तरह गमन करेंगे।
अप्रैल 2021 से इस प्रकार होगा ग्रहों का नया मंत्रिमंडल
राजा- मंगल
खरीफ व फसल मंत्रालय- शुक्र
मौसम विभाग के मंत्री- मंत्री
अनाज एवं भंडारण मंत्री- बुध
खनिज मंत्री- शुक्र
तरल पदार्थ मंत्रालय- सूर्य
कृषि एवं फल मंत्री- चंद्रमा
वित्त मंत्री- बृहस्पति
रक्षा मंत्री- चंद्रमा
शनि ग्रह की साढ़ेसाती के प्रभाव के कारण आर्थिक समुन्नति में मिश्रित फल प्राप्त होगा। लोगों की प्रचुरता और पारिवारिक सामंजस्य मे कमी आएगी। उपलब्धियों के अवसर कम मिलेंगे। बेरोजगारी पूर्ववत बना रहेगा। इसलिए जनमानस विशेषतः युवा वर्ग में आक्रोश और हताशा देखने को मिलेगी। यह सब शनि के प्रकोप के कारण होगा।
संपूर्ण वर्ष 2021 में गोरखपुर की नाम राशि से राहु चतुर्थ और केतु ग्रह दशवें स्थान पर स्थित रहेंगे। राहु के मित्र शुक्र की राशि पर होने से परिवहन मार्गों के विकास मे अत्यधिक विकास और कृषकों की दशा मे सुधार के लिए कुछ नए कार्य होंगे। दशम भावस्थ केतु के कारण सरकार की नीतियों और कार्य की प्रशंसा की जाएगी। षष्ठम भाव रोग, शत्रु और अपराध का माना जाता है।
इस पर शनि की सातवीं पूर्ण दृष्टि से अपराध का ग्राफ तेजी से नीचे की ओर जाएगा। अवांछित तत्वों से जनमानस को राहत मिलेगी। रोगों में कमी आएगी। गोरखपुर और उसके आसपास प्राकृतिक प्रकोप जैसे बाढ़ और सूखे की स्थित से छुटकारा मिलेगा। नदियों का जलस्तर अपने मर्यादित सीमा मे होगा। औसत वर्षा का योग है। क्योंकि अप्रैल के पश्चात बृहस्पति उच्चारोही होंगे अर्थात मकर से कुंभ राशि की तरह गमन करेंगे।
अप्रैल 2021 से इस प्रकार होगा ग्रहों का नया मंत्रिमंडल
राजा- मंगल
खरीफ व फसल मंत्रालय- शुक्र
मौसम विभाग के मंत्री- मंत्री
अनाज एवं भंडारण मंत्री- बुध
खनिज मंत्री- शुक्र
तरल पदार्थ मंत्रालय- सूर्य
कृषि एवं फल मंत्री- चंद्रमा
वित्त मंत्री- बृहस्पति
रक्षा मंत्री- चंद्रमा