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Indira Ekadashi: जानिए कब है इंदिरा एकादशी, कैसे पूजन-अर्चन करने से पितरों को होती है मोक्ष की प्राप्ति
Thu, 30 Sep 2021 06:52 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 30 Sep 2021 06:52 AM IST
सार
पंडित बृजेश पांडेय के अनुसार, वैसे तो सभी को एकादशी का व्रत रखना चाहिए, लेकिन जिनके माता-पिता का निधन हो चुका है, उन्हें पितृपक्ष में पढ़ने वाली इंदिरा एकादशी का व्रत अवश्य करना चाहिए।
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एकादशी 2021
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
इंदिरा एकादशी का व्रत दो अक्तूबर शनिवार को रखा जाएगा। हिन्दू पंचांग के अनुसार, इंदिरा एकादशी व्रत आश्विन माह में कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर रखा जाता है। शास्त्रों के अनुसार, पितृपक्ष के दौरान पढ़ने वाली इस एकादशी को पितरों को समर्पित करने कर देने से उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है।
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इंदिरा एकादशी का महत्व
पंडित बृजेश पांडेय के अनुसार, वैसे तो सभी को एकादशी का व्रत रखना चाहिए, लेकिन जिनके माता-पिता का निधन हो चुका है, उन्हें पितृपक्ष में पढ़ने वाली इंदिरा एकादशी का व्रत अवश्य करना चाहिए। जो भी श्रद्धालु अपने पितरों को समर्पित करके इंदिरा एकादशी का व्रत रखता है उनके पितरों को मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है।
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ये है व्रत नियम और पूजन विधि
पंडित अवधेश मिश्रा के अनुसार, इंदिरा एकादशी से एक दिन पूर्व यानि दशमी के दिन शाम को सूर्यास्त के बाद भोजन नहीं करें। रात्रि में भगवान का ध्यान कर सोएं। एकादशी के दिन प्रात:काल स्नान के बाद व्रत का संकल्प लेते हुए इस व्रत को अपने पितरों को समर्पित करें और भगवान विष्णु का पूजन करें। पूजन में तुलसी, चंदन, गंगाजल और फल का प्रसाद अर्पित करें। व्रत रखने वाले व्यक्ति इस दिन छल-कपट, बुराई और झूठ बोलने से दूर रहें। विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें। इस दिन चावल का सेवन न करें।
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