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Lockdown 4.0: प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई छूट नहीं, शासनादेश का इंतजार
Mon, 18 May 2020 08:46 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 18 May 2020 08:46 AM IST
सार
- बोले डीएम- असल चुनौती अब शुरू, रोजना हजारों प्रवासी मजदूर आ रहे, हॉटस्पॉट भी बढ़ रहे
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gorakhpur news
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
केंद्र सरकार की तरफ से चौथे चरण के लॉकडाउन में भले ही कई और नई छूट देने की घोषणा की गई है लेकिन गोरखपुर का जिला प्रशासन फिलहाल कोई नई छूट देने की तैयारी में नहीं है। डीएम के. विजयेंद्र पांडियन का कहना है कि परीक्षा की असली घड़ी अब शुरू हुई है।
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उन्होंने कहा कि रोजाना ट्रेनों और बसों से हजारों की संख्या में प्रवासी कामगार आ रहे हैं। कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही 15 लाख से अधिक घनी आबादी वाले शहर में हॉटस्पॉट की भी संख्या बढ़ रही है। तीन दिन के भीतर चार हॉटस्पॉट घोषित हो चुके हैं। इनके तीन किलोमीटर के दायरे सील है। ऐसे में इस समय सर्वाधिक सतर्कता की जरूरत है।
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उन्होंने कहा कि शनिवार को शासन से भी यही संदेश मिला है कि आमजन की जिंदगी बचाना पहली प्राथमिकता है। ऐसे में अगर राज्य सरकार की तरफ से कोई नई छूट को लेकर कोई गाइडलाइन जारी होती है तो उसे लागू किया जाएगा। वर्ना लॉकडाउन के फेज तीन की ही तरह सभी सख्ती बरकरार रहेगी।
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डीएम ने बताया कि पूरे देश के भीतर सबसे ज्यादा श्रमिक ट्रेनें गोरखपुर आ रही हैं। रोजाना 20 से 22 ट्रेनें आ रही हैं । प्रत्येक में 1200 से लेकर 1600 तक प्रवासी कामगार आ रहे हैं। रविवार को भी रात 12 बजे तक कुल 22 ट्रेनें पहुंचने की सूचना है। सोमवार को भी इतनी ही ट्रेनें आएंगी।
बाहरियों ने बढ़ाई चिंता
इसी तरह सैकड़ों की संख्या में बसों से भी दूसरे प्रांतों से प्रवासी कामगार आ रहे हैं। जबसे ट्रेनें और बसों की सेवा शुरू हुई है तभी से जिले में कोरोना मरीजों और हॉटस्पॉट की भी संख्या बढ़ी है। जिले में अब तक जितने भी केस आए हैं सभी दिल्ली और मुंबई से आए हुए लोग थे।
यही नहीं जिन दो मरीजों की मौत हुई वह भी 60 साल से अधिक उम्र के थे। ऐसे में पहले से ज्यादा अब सतर्कता बरतने की जरूरत है। प्रशासन अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहा है, आम आदमी की भी जिम्मेदारी है कि वह पूरा एहतियात बरते और धैर्य का परिचय दे।
उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर अगर राज्य सरकार की तरफ से नई छूट को लेकर कोई गाइडलाइन नहीं जारी होती है तो जिले में अभी भी तीसरे चरण में दी गई छूट की तरह आठ सेवाओं से जुड़ी दुकानें-प्रतिष्ठान ही सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक खुल सकेंगी। इसी तरह शराब की दुकानें रात सात बजे तक खुलेंगी। बाकी सख्ती जस की तस रहेगी।
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने कहा कि इस बीमारी से बचने के लिए सर्वाधिक चुनौती 60 साल से अधिक के बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और 10 साल से कम के बच्चों की है। जिले में अब तक जो दोनों मौतें हुई हैं, वे सभी बुजुर्ग थे और पहले से गंभीर बीमारी से ग्रसित थे।
ऐसे में सभी लोगों से अनुरोध है कि जो भी ऐसे बुजुर्ग या गंभीर रूप से बीमार लोग बाहर से आ रहे हैं, वे अपनी सूचना प्रशासन को दें। टीके का इजाद होने के बाद भी इन्हीं लोगों को पहली प्राथमिकता दी जाएगी। मौजूदा हालात पहले से ज्यादा गंभीर हैं लिहाजा जिले में हम कोई नई छूट नहीं देने जा रहे। अगर शासन की तरफ से कोई गाइडलाइन आएगी तो उसपर अमल किया जाएगा।
यही नहीं जिन दो मरीजों की मौत हुई वह भी 60 साल से अधिक उम्र के थे। ऐसे में पहले से ज्यादा अब सतर्कता बरतने की जरूरत है। प्रशासन अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहा है, आम आदमी की भी जिम्मेदारी है कि वह पूरा एहतियात बरते और धैर्य का परिचय दे।
उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर अगर राज्य सरकार की तरफ से नई छूट को लेकर कोई गाइडलाइन नहीं जारी होती है तो जिले में अभी भी तीसरे चरण में दी गई छूट की तरह आठ सेवाओं से जुड़ी दुकानें-प्रतिष्ठान ही सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक खुल सकेंगी। इसी तरह शराब की दुकानें रात सात बजे तक खुलेंगी। बाकी सख्ती जस की तस रहेगी।
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने कहा कि इस बीमारी से बचने के लिए सर्वाधिक चुनौती 60 साल से अधिक के बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और 10 साल से कम के बच्चों की है। जिले में अब तक जो दोनों मौतें हुई हैं, वे सभी बुजुर्ग थे और पहले से गंभीर बीमारी से ग्रसित थे।
ऐसे में सभी लोगों से अनुरोध है कि जो भी ऐसे बुजुर्ग या गंभीर रूप से बीमार लोग बाहर से आ रहे हैं, वे अपनी सूचना प्रशासन को दें। टीके का इजाद होने के बाद भी इन्हीं लोगों को पहली प्राथमिकता दी जाएगी। मौजूदा हालात पहले से ज्यादा गंभीर हैं लिहाजा जिले में हम कोई नई छूट नहीं देने जा रहे। अगर शासन की तरफ से कोई गाइडलाइन आएगी तो उसपर अमल किया जाएगा।