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खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी योजना मामला: भारी विरोध के चलते फिर लौटाया बुलडोजर, लोगों में आक्रोश
Tue, 11 Jul 2023 03:51 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Updated Tue, 11 Jul 2023 03:51 PM IST
सार
जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि खोराबार एवं जंगल सिकरी में प्राधिकरण की अधिग्रहित की गई जितनी भी जमीनें हैं, उस पर अतिक्रमण को हटाया जा रहा है। साथ ही प्रभावित परिवारों के संबंध में भी मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जा रहा है।
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खोराबार में पहुंचीं जीडीए टीम को लोगों ने लौटाया।
विस्तार
खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी योजना के लिए अधिग्रहित की गई जमीन पर सोमवार को अतिक्रमण को हटाने पहुंची जीडीए टीम को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। जीडीए टीम ने जंगल सिकरी, खोराबार में तीन टीनशेड के बने तीन घरों को ढहा दिया। जैसे ही टीम आगे बढ़ी, लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। विरोध बढ़ता देख जीडीए की टीम बुलडोजर के साथ लौट गई।
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नया गोरखपुर बसाने के लिए जीडीए ने खोराबार टाउनशिप एवं मेडिसिटी योजना लांच की है। इसके लिए अधिग्रहित की गई कुछ जमीनें ऐसी हैं, जहां लोगों ने घर बनवा लिया है। जीडीए का कहना है कि जब जमीन अधिग्रहित है, तो निर्माण अवैध है। जीडीए की टीम लगातार अतिक्रमण को हटवा रही है। हालांकि अभी ऐसे घर या बाउंड्री गिराए जा रहे हैं, जहां लोग रहते नहीं हैं।
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पिछले दिनों प्रधानमंत्री के आगमन के चलते जीडीए की टीम कार्रवाई नहीं कर सकी थी। सोमवार की दोपहर जीडीए के अधिकारी अपनी टीम के साथ बुलडोजर लेकर अतिक्रमण हटाने पहुंचे। टीम ने जंगल सिकरी में कार्रवाई की। टीनशेड के तीन घरों को गिराने के बाद टीम ने बारिश के चलते कार्रवाई ठप कर दिया।
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कुछ देर बाद बारिश थमने पर टीम बुलडोजर लेकर जंगल सिकरी के जमुना टोले में पप्पू राय का पक्का मकान तोड़ने पहुंची। पप्पू राय का दो कमरों का मकान है, जिसमें वह गिट्टी बालू का कारोबार करते हैं। उसका एक हिस्सा पहले ही जीडीए तोड़ चुका है। बचे हुए हिस्से को तोड़ने की बात सुनकर लोग बिफर गए।
वहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जुट गए। लोगों ने कहा कि जब तक मकान के मुआवजे को लेकर उचित निर्णय नहीं होता है, बुलडोजर न चलाएं। लोगों ने जीडीए टीम से मकान तोड़ने के संबंध में नोटिस दिखाने को कहा। इससे करीब आधे घंटे तक कार्रवाई रुकी रही।
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अधिकारियों ने लोगों को समझाया कि अभी उन स्थानों को अतिक्रमण मुक्त किया जा रहा है, जहां पर कोई रहता नहीं है। खाली पड़े टीनशेड, झोपड़ी, चहारदीवारी आदि को तोड़ा जाएगा। जिन मकानों में लोग परिवार के साथ रह रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी। बावजूद, इसके लोग नहीं माने और विरोध करने लगे। इसके बाद टीम लौट गई।
जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि खोराबार एवं जंगल सिकरी में प्राधिकरण की अधिग्रहित की गई जितनी भी जमीनें हैं, उस पर अतिक्रमण को हटाया जा रहा है। साथ ही प्रभावित परिवारों के संबंध में भी मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जा रहा है। प्रथम चरण में बाउंड्री वॉल और ऐसे निर्माण, जिनमें कोई कोई रहता है, उसे हटाया जा रहा है। लोगों के सहयोग की अपेक्षा की अपील भी करता हूं। आपसी बातचीत के माध्यम से जल्दी ही योजना को आगे बढ़ाया जाएगा।
वहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जुट गए। लोगों ने कहा कि जब तक मकान के मुआवजे को लेकर उचित निर्णय नहीं होता है, बुलडोजर न चलाएं। लोगों ने जीडीए टीम से मकान तोड़ने के संबंध में नोटिस दिखाने को कहा। इससे करीब आधे घंटे तक कार्रवाई रुकी रही।
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अधिकारियों ने लोगों को समझाया कि अभी उन स्थानों को अतिक्रमण मुक्त किया जा रहा है, जहां पर कोई रहता नहीं है। खाली पड़े टीनशेड, झोपड़ी, चहारदीवारी आदि को तोड़ा जाएगा। जिन मकानों में लोग परिवार के साथ रह रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी। बावजूद, इसके लोग नहीं माने और विरोध करने लगे। इसके बाद टीम लौट गई।
जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि खोराबार एवं जंगल सिकरी में प्राधिकरण की अधिग्रहित की गई जितनी भी जमीनें हैं, उस पर अतिक्रमण को हटाया जा रहा है। साथ ही प्रभावित परिवारों के संबंध में भी मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जा रहा है। प्रथम चरण में बाउंड्री वॉल और ऐसे निर्माण, जिनमें कोई कोई रहता है, उसे हटाया जा रहा है। लोगों के सहयोग की अपेक्षा की अपील भी करता हूं। आपसी बातचीत के माध्यम से जल्दी ही योजना को आगे बढ़ाया जाएगा।