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Gorakhpur News: जेहन में रहे यूनिक कोड और लगाएं एक फोन...ऑटो में छूटा सामान झट से मिलेगा

Sun, 08 Oct 2023 01:18 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 08 Oct 2023 01:18 AM IST
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Keep the unique code in mind and make a phone call...the items left in the auto will be found immediately.
जेहन में रहे यूनिक कोड और लगाएं एक फोन...ऑटो में छूटा सामान झट से मिलेगा
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तेज स्पीड और लाल घाघरा जैसे गाने बजाने की भी कर सकते हैं शिकायत
सभी ऑटो पर चार डिजिट का यूनिक कोड लगाया गया है, पुलिस के पास है इसका ब्योरा
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। शहर के ऑटो पर चार डिजिट का यूनिक कोड लिखा है। इसे आप याद रखिएगा तो गलती से अगर बैग ऑटो में छूटा या कोई अपराध हुआ तो पुलिस आपकी जल्दी मदद कर पाएगी। क्योंकि, यूनिक कोड वाले ऑटो का पूरा ब्योरा पुलिस के पास मौजूद है। इसके अलावा ऑटो में गंदे गाने बजे या फिर कोई अन्य हरकत, इसकी भी शिकायत इससे आसान होगी। पुलिस तत्काल मदद के लिए पहुंचेगी। पुलिस आईटीएमएस (इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) की मदद से बैग खोजने में इसका इस्तेमाल शुरू कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक, शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए आईटीएमएस की शुरुआत की गई। 21 चौराहों पर सीसीटीवी कैमरों के साथ ही एनाउंस सिस्टम लागू किया गया। यह व्यवस्था जाम से निजात दिलाने में जहां मददगार साबित हुई तो वहीं, एसपी ट्रैफिक श्यामदेव विंद की देखरेख में गुम बैग, मोबाइल फोन या फिर गुमशुदा को खोजने में यातायात पुलिस सफल होती है। जैसे ही जानकारी आती है, आईटीएमएस की मदद से एनाउंस कर पुलिस को सक्रिय कर दिया जाता है। लोगों से अपील की जाती है, लोग भी आगे आते हैं और सामान को पुलिस के हवाले कर देते हैं, लेकिन अब यूनिक कोड की मदद से यह आसान हो गया है। अगर पीड़ित इसे बता देते हैं तो पुलिस इस काम को बेहद कम समय में कर लेगी।
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इस तरह ले सकते हैं मदद
0 मदद के लिए आईटीएमएस कार्यालय के मोबाइल नंबर 8081208567 पर कॉल करें।

0 फोन नहीं रहने पर सड़क किनारे लगे बाक्स में जाकर हेलो बोलिए। कुछ ही देर में आपको मदद मिल जाएगी।
0 21 चौराहों पर आईटीएमएस के तहत इमरजेंसी बाक्स लगाए गए हैं। इन बाक्स में बोलने पर आवाज नगर निगम में बने कंट्रोल रूम में सुनाई देती है।

0 इमरजेंसी बाक्स में लगे लाल बटन को दबाकर कोई भी व्यक्ति अपनी बात सीधे कंट्रोल रूम में पहुंचा सकता है। बटन दबाने के बाद जैसे ही संबंधित व्यक्ति कुछ बोलेगा, पूरी बात कंट्रोल रूम में सुनाई देने लगेगी। कंट्रोल रूम में बैठी महिला समस्या और जगह की जानकारी लेने के बाद तत्काल 112 नंबर पर फोन कर सहायता भेजेगी। यदि कोई हादसा हुआ है तो कंट्रोल रूम से एंबुलेंस की सहायता के लिए भी फोन किया जाएगा।
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केस एक
छह सितंबर 2023 : गुलरिहा इलाके का रहने वाला एक परिवार ऑटो से रेलवे स्टेशन आया था। उन्हें ट्रेन से कहीं जाना था। उनका बैग ऑटो में छूट गया था। यातायात पुलिस ने आईटीएमएस और त्रिनेत्र के कैमरों की मदद से ऑटो से बैग बरामद किया। बैग में सोने व चांदी के जेवरात और मोबाइल फोन मौजूद थे।

केस दो
27 जुलाई 2023 : गीडा का रहने वाला अंकित मिश्रा का आईफोन ऑटो में छूट गया था। उन्होंने यातायात पुलिस से मदद मांगी। यातायात पुलिस ने आईटीएमएस की मदद से नौसड़ के पास से ऑटो से मोबाइल फोन बरामद किया। बैग भी मिला, जिसमें कपड़े भी थे।




जुलाई में मिली यह सफलता

गुमशुदा की तलाश 7

गुम बैग 17

गायब मोबाइल फोन 5

गायब लैपटॉप 4

कोट
यूनिक कोड से बहुत सहूलियत होती है। अगर ऑटो में बैठने वाला शख्स उसे याद रखे तो सामान हो या फिर कोई अपराध पुलिस ऑटो तक तत्काल पहुंच जाएगी। आईटीएमएस के जरिये ट्रैफिक व्यवस्था के साथ ही लोगों की मदद भी की जा रही है। यातायात पुलिस कई लोगों के बैग व सामान को खोजकर लौटा चुकी है।
- श्यामदेव विंद, एसपी ट्रैफिक
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