गोरखपुर: अपडेट रखें स्टाक-बिक्री रजिस्टर, बचे रहेंगे जुर्माने से
रिटर्न भरते समय व्यापारी अक्सर भर देते हैं गलत जानकारी, टैक्स अफसर कभी भी कर सकते हैं इन रजिस्टरों की जांच।
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वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में पंजीकृत व्यापारियों को अपने प्रतिष्ठान पर स्टॉक व बिक्री रजिस्टर हमेशा अपडेट व उपलब्ध रखना अनिवार्य है। टैक्स चुकाते समय दी गई जानकारी की पुष्टि के लिए, टैक्स विभाग के अफसर इन रजिस्टरों की कभी भी जांच कर सकते हैं। रजिस्टर न मिलने या गलत जानकारी दर्ज होने पर ऐसे मामलों में जुर्माना भरना पड़ सकता है।
जीएसटी लागू होने के बाद सरकार ने प्रदेश के वाणिज्यकर विभाग व केंद्र के वस्तु एवं सेवा कर विभाग के बीच बेहतर तालमेल के लिए कार्यों का बंटवारा कर दिया है। अब डेढ़ करोड़ से अधिक टर्न ओवर वाले व्यापारियों पर राज्य व केंद्र दोनों सरकारों के टैक्स डिपार्टमेंट की नजर रहती है। डेढ़ करोड़ से कम, लेकिन 20 लाख से अधिक टर्न ओवर वाले व्यापारियों में से 90 प्रतिशत पर राज्य सरकार का व 10 प्रतिशत पर केंद्र सरकार का विभाग नजर रखता है। गोरखपुर जोन में करीब 75 हजार व्यापारी जीएसटी में पंजीकृत हैं।
इन व्यापारियों को टैक्स जमा करने में कई सहूलियत दी गईं हैं। अनियमितता रोकने के लिए प्रदेश के वाणिज्यकर विभाग व केंद्र के वस्तु एवं सेवा कर विभाग को भी अधिकार दिया गया है। विभाग में जमा किए गए, टैक्स व टर्न ओवर की जांच कभी भी संबंधित अफसर कर सकते हैं। पंजीकृत व्यापारी को अपनी दुकान या फैक्ट्री में स्टॉक रजिस्टर व बिक्री रजिस्टर रखना अनिवार्य है। स्टॉक रजिस्टर में कौन सा माल कब और कहां से मंगाया गया इसकी जानकारी होनी चाहिए। बिक्री रजिस्टर में बिक्री से संबंधित डिटेल रहेगी। यह नियमित अपडेट भी होना चाहिए।
पहले करते हैं मनमानी, बाद में उठाते हैं परेशानी
वाणिज्यकर विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर अमित कुमार सिंह बताते हैं कि कई व्यापारी रिटर्न भरते समय या टैक्स जमा करते समय अपना टर्न ओवर जो बताते हैं, उसका उनके पास रिकार्ड अपडेट नहीं होता। ऐसे में उन्हें कभी भी दिक्कत उठानी पड़ सकती है। दरअसल जमा किए गए टैक्स की जांच के लिए अफसर जब क्षेत्र में जाते हैं तो वहां व्यापारी के स्टॉक रजिस्टर व बिक्री रजिस्टर की जांच करते हैं। मान लीजिए कि स्टॉक रजिस्टर में 100 मोबाइल फोन लिखा है, लेकिन दुकान में 90 ही मिले तो शेष 10 किसे बेंचा गया, इसका जिक्र जरूरी है। लिहाजा बिक्री रजिस्टर को भी अपडेट रखना जरूरी है।
नियम 67 और 71 के तहत होती है जांच
वाणिज्यकर और वस्तु एवं सेवा कर विभाग के अफसर किसी भी व्यापारी के स्टॉक व बिक्री रजिस्टर, कैश मेमो आदि की जांच कर सकते हैं। नियम 67 के तहत वे व्यापारी से दुकान से संबंधित अभिलेख मंगाकर भी जांच कर सकते हैं। इसके अलावा नियम 71 के तहत अभिलेख या कोई भी अन्य सामान जब्त करते हुए भी जांच कर सकते हैं। यह बाध्यकारी है और जरूरत पड़ने पर पुलिस की भी सहायता ली जा सकती है। ऐेसे में व्यापारियों को अपनी दुकान पर जरूरी रजिस्टर हर वक्त रखने चाहिए।