कसरवल कांड: पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी, 2015 में हुई थी घटना
निषाद आंदोलन में शामिल रहे सुजीत कुमार पुलिस की गोली से घायल हो गए थे। इसके अलावा पुलिसकर्मियों पर आंदोलनकारियों के साथ दुर्व्यवहार एवं गाड़ियां फूंकने के लिए तत्कालीन थानाध्यक्ष सहजनवां श्यामलाल यादव व अन्य के खिलाफ आरोप है। उनके विरुद्ध कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कराया गया था।
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निषाद समाज को आरक्षण व अन्य मांगों को लेकर 2015 में हुए कसरवल कांड में आरोपी बनाए गए पुलिसकर्मियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया है।
एसीजेएम द्वितीय सीनियर डिवीजन कोर्ट ने तत्कालीन सहजनवां थानाध्यक्ष श्यामलाल यादव, खोराबार के तत्कालीन थानाध्यक्ष रामपाल यादव, राजघाट के तत्कालीन थानाध्यक्ष राजीव सिंह, सहजनवां थाने में तैनात रहे सिपाही पूर्णवासी व जनार्दन यादव के खिलाफ वारंट जारी किया है। कोर्ट ने सभी को गिरफ्तार कर कोर्ट में 10 अक्तूबर तक हाजिर करने का आदेश दिया है।
जानकारी के मुताबिक, निषाद आंदोलन में शामिल रहे सुजीत कुमार पुलिस की गोली से घायल हो गए थे। इसके अलावा पुलिसकर्मियों पर आंदोलनकारियों के साथ दुर्व्यवहार एवं गाड़ियां फूंकने के लिए तत्कालीन थानाध्यक्ष सहजनवां श्यामलाल यादव व अन्य के खिलाफ आरोप है। उनके विरुद्ध कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस मामले में अभियुक्तों के कोर्ट में हाजिर न होने पर न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने सभी को गिरफ्तार कर हाजिर होने का आदेश जारी कर दिया है।
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भ्रष्टाचार के चार अभियुक्तों को पांच साल की सजा
अपराध सिद्ध होने पर विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण तनु भटनागर ने प्रयागराज जिले के जार्जटाउन थाना क्षेत्र के अल्लापुर निवासी रामकिशोर गुप्ता, आजमगढ़ जिले के दीदारगंज थाना क्षेत्र के बस्ती कपूरी निवासी संतोष कुमार सिंह, तरवां थाना क्षेत्र के रेडा निवासी अशोक कुमार सिंह व जियापुर निवासी कृष्ण कुमार सिंह को पांच साल के कठोर कारावास व 41 हजार रुपया अर्थदंड से दंडित किया है।
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक प्रमेश राम त्रिपाठी का कहना था कि विधान परिषद सदस्य बलवीर सिंह बथुआ एवं महामंत्री उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा संघ पंचानन राय द्वारा प्राप्त शिकायती पत्र की जांच की गई। जांच में पाया गया कि पंचायत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रेड़ा आजमगढ़ के प्रधानाचार्य गणेश सिंह द्वारा संतोष कुमार सिंह, अशोक कुमार सिंह व कृष्ण कुमार सिंह के परिचारक पद पर फर्जी वित्तीय सहमति के आधार पर नियुक्ति की गई।
उनके माह जून 1993 का वेतन बिल बनाकर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय आजमगढ़ के लेखाधिकारी रामकिशोर गुप्ता को प्रस्तुत किया गया। जिसे रामकिशोर द्वारा भुगतान हेतु पारित किया गया। इस प्रकार प्रधानाचार्य व लेखाधिकारी द्वारा परिचारकों के साथ साठगांठ कर माह जून 1993 के वेतन का भुगतान किया गया।
गैर इरादतन हत्या के अभियुक्तों को दस साल की सजा
गैर इरादतन हत्या का जुर्म सिद्ध पाए जाने पर जनपद न्यायाधीश तेज प्रताप तिवारी ने सहजनवां (गीडा) थाना क्षेत्र के ग्राम मल्हीपुर निवासी अभियुक्त सुभाष और कौशल्या को दस साल के कठोर कारावास व प्रत्येक को दस हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड न देने पर अभियुक्तों को दो माह का कारावास अलग से भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता यशपाल सिंह एवं सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता जयनाथ यादव का कहना था कि वादी जीवधन सहजनवां थाना क्षेत्र के ग्राम मल्हीपुर बन्हवा का निवासी है। 15 जनवरी 2008 को वादी के चाचा झीनक वादी की जमीन में हैंड पंप गड़वा रहे थे।
वादी के पिता रामकिशुन ने झीनक को हैंड पंप गड़वाने से रोक दिया। इसी बात को लेकर शाम करीब पांच बजे झीनक, सुभाष और कौशल्या लोहे की पाइप, लाठी व ईंट-पत्थर से मारने-पीटने लगे। जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं और इलाज के दौरान 16 जनवरी 2008 को वादी के पिता रामकिशुन की मृत्यु हो गई।