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Gorakhpur News: बीआरडी में जूनियर डॉक्टरों ने फिर तीमारदारों को पीटा

Wed, 11 Sep 2024 12:32 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 11 Sep 2024 12:32 AM IST
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Junior doctors again beat attendants in BRD
सिद्धार्थनगर जिले से सर्पदंश के मरीज के साथ आए तीमारदारों पर भड़के
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मदद क्या मामला पूछने भी नहीं गई पुलिस, उल्टे डॉक्टरों से माफी मांगने की बात कह लौटाया



अमर उजाला ब्यूरो



गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों ने अब आईसीयू में भर्ती सर्पदंश पीड़ित किशोर के घरवालों को पीट दिया है। किशोर की इलाज के दौरान मौत हो गई। मार खाए परिजन पुलिस के पास पहुंचे तो वहां उल्टे डॉक्टरों से माफी मांगने की नसीहत देकर लौटा दिया गया। परिजनों ने प्राचार्य से मदद मांगी। किसी ने पीड़ा नहीं सुनी तो परिजन शव लेकर घर चले गए। अब वे मुख्यमंत्री से मिलकर शिकायत करेंगे।



सिद्धार्थनगर जिले के शिवपति नगर मोहाना चौराहा निवासी अमिरुल्लाह के 13 वर्षीय पुत्र अशफाक को बीते शनिवार को किसी सांप ने डंस लिया। इलाज के दौरान हालत बिगड़ने पर परिजन अशफाक को लेकर बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचे। यहां अशफाक को आईसीयू में भर्ती किया गया था। सोमवार रात में करीब करीब 12:30 बजे अशफाक ने दम तोड़ दिया। अस्पताल में रुके तीमारदार की सूचना पर परिजन और पड़ोसी रात में ही मेडिकल कॉलेज पहुंचे।
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परिजनों का कहना है कि रात में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर से बीमार किशोर के बारे में जानकारी पूछी गई। बस इतनी सी बात पर ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने गाली देते हुए सभी को भगाना शुरू कर दिया। इस दौरान परिजन वीडियो बनाने लगे तो डॉक्टर के समर्थन में आए अन्य डॉक्टरों ने मोबाइल भी छीन लिया और धक्का देकर वार्ड से बाहर कर दिया गया। परिजनों ने रात में ही घटना की सूचना बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को दी।
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महीने भर पहले भी पीटा था



मेडिकल कॉलेज में इलाज कराने आए मरीजों के साथ मारपीट अब रूटीन में होने लगे हैं। लगातार होने वाली घटनाओं का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी आदत में बदलाव के सुझाव दे चुके हैं, लेकिन मामले रुक नहीं रहे हैं। आश्चर्यजनक यह है कि ऐसे मामलों में पुलिस कोई कार्रवाई ही नहीं करती। यहां तक की पीड़ितों की रिपोर्ट भी दर्ज नहीं होती है।




परिजनों की सूचना पर प्रकरण की जानकारी कराई गई। एक मरीज के परिजन के साथ चार-पांच लोग एक ही बार आईसीयू में घुस गए थे। ऐसा करने से अन्य मरीजों में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इसीलिए डॉक्टर ने इन लोगों को बाहर जाने को कहा। इसी बात पर लेकर झगड़ा हुआ। परिजन अगर लिखित शिकायत करते हैं तो इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।



- डॉ. रामकुमार जायसवाल, प्राचार्य, बीआरडी मेडिकल कॉलेज
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