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Exclusive: 48 साल पहले इस नाम से जानी जाती थी वैशाली एक्सप्रेस, देश की सबसे वीआईपी थी ये ट्रेन
Sat, 05 Jun 2021 04:29 PM IST
vivek shukla
राजन राय, गोरखपुर।
राजन राय, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 05 Jun 2021 04:29 PM IST
सार
48 वर्ष पूर्व एनईआर में चली थी पहली वीआईपी ट्रेन जयंती जयंता एक्सप्रेस, सभी कोच थे आरक्षित श्रेणी के और मधुबनी पेंटिंग से थी सजावट।
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जयंती जयंता एक्सप्रेस। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
दिल्ली से बरौनी के बीच चलने वाली वैशाली एक्सप्रेस का नाम पहले जयंती जयंता एक्सप्रेस था। इसकी खासियत यह थी कि एसी कोच के बाहर और भीतर मधुबनी पेंटिंग लगाकर सजावट की गई थी। एसी कोच में 2 रुपये में एक दरी, दो चादर मिलता था, अगर कंबल लेना है तो 1.50 रुपये अलग से देना था।
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पूर्वोत्तर रेलवे में पहली वीआईपी ट्रेन जयंती जयंता एक्सप्रेस को माना जाता है। यह समस्तीपुर से गोरखपुर होकर लखनऊ तक जाती थी, बाद में इसका विस्तार दिल्ली तक कर चार दिनों के लिए कर दिया गया।
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ट्रेन का उद्घाटन तत्कालीन रेलमंत्री ललित नरायन मिश्र ने 31 अक्तूबर 1973 को किया था। इस ट्रेन की कई खासियत थी। इसमे सभी कोच आरक्षित श्रेणी के लगते थे। कोच की आंतरिक सजावट गजब की थी।
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सीता स्वयंवर पर आधारित मधुबनी पेंटिंग बनाए गए थे। सबसे खास बात यह थी कि ट्रेन में बेडरोल (दरी, चादर, तकिया व तौलिया) दिया जाता था। इसका चार्ज डेढ़ रुपये था। अगर कंबल भी लेना है तो शुल्क दो रुपये देने पड़ते थे। पहले यह ट्रेन सप्ताह में चार दिन चलती थी 16 जुलाई 1984 से यह प्रतिदिन चलने लगी।