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Gorakhpur News: गंडक जोन में कब तक जमे रहेंगे साहब...दूसरों को भी मौका दीजिए
Tue, 11 Apr 2023 01:45 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 11 Apr 2023 01:45 PM IST
सार
प्रदेश सरकार जल शक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने कहा कि जो लोग तीन साल व पांच साल से एक ही स्थान पर तैनात हैं, वे अब गंडक जोन में नहीं रहेंगे। ट्रांसफर नीति मई में आ रही है। उसके बाद कार्रवाई होगी। सरकार की जो नीति है उसका पालन हर हाल में होगा।
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प्रदेश सरकार जल शक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह। (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सिंचाई विभाग के गंडक जोन में कई अभियंता लंबे समय से एक ही स्थान पर कुंडली मारकर बैठे हैं। यदि ट्रांसफर हो भी गया तो वह एक डिविजन को छोड़कर दूसरे मलाईदार डिविजन में पहुंच जाते हैं। ऐसे में समाजवादी युवजन सभा के नेता राहुल यादव विपिन समेत कई अन्य लोग इस मुद्दे पर मुखर हो गए हैं।
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उनका कहना है कि नियमानुसार तीन साल से अधिक एक जिले तथा पांच साल से अधिक एक मंडल में किसी अभियंता को नहीं रहना है। लेकिन सिंचाई विभाग के गंडक बाढ़ मंडल में नियम की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यहां लोग 17 साल से जमे हुए हैं।
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सपा नेता ने इस मामले में कमिश्नर को पत्र लिखा है। पत्र में कहा है कि कई अभियंता गोरखपुर मंडल में पहले जेई फिर एई बनकर 17 साल से जमे हैं। केके राय यहीं देवरिया में एक्सीईन रहे फिर यहीं गंडक में अधीक्षण अभियंता बन गए हैं। दिनेश सिंह यहीं पर एई रहे, अब पांच साल से अधिक समय से अधीक्षण अभियंता के रूप में जमे हैं। आमोद सिंह, श्रवण कुमार प्रियदर्शी, जेई से एई बनकर यहीं जमे हैं। अनिल सिंह पांच साल से यहीं एई बने हैं।
पत्र में राहुल यादव ने लिखा है कि यह तो चंद उदाहरण हैं। दर्जन भर से अधिक लोग नियम विरुद्ध गंडक जोन में लंबे समय से जमे हुए हैं। जनहित में इन्हें यहां से हटाया जाना चाहिए। हालांकि, मई में ट्रांसफर नीति आने वाली है, जिसके तहत ऐसे लोगों को तबादला तय माना जा रहा है।
तीन साल से अधिक कार्यकाल वाले अधीक्षण अभियंता
- अशोक कुमार सिंह, अधीक्षण अभियंता सिंचाई कार्य मंडल प्रथम, कार्यकाल चार साल से अधिक।
- केके राय, गंडक सिंचाई कार्य मंडल 2, कार्यकाल पांच साल से अधिक, यह पहले देवरिया में अधिशासी अभियंता थे, प्रमोशन हुआ तो यहीं अधीक्षण अभियंता हो गए।
- दिनेश सिंह, बाढ़ मंडल गोरखपुर, कार्यकाल पांच साल से अधिक।
- अवनीश साहू, गंडक बाढ़ मंडल बस्ती, कार्यकाल पांच साल से अधिक।
- भानु प्रताप सिंह, ड्रेनेज मंडल बलिया, कार्यकाल पांच साल से अधिक।
- ध्रुव जी सुमन, सिंचाई खंड कुशीनगर, तैनाती अप्रैल 2017। शमशाद अहमद खां, यह भी 2017 से कार्यरत हैं।
- अक्षय कुमार, सिंचाई खंड देवरिया, तैनाती 2006 से, जबकि मंडल में 2016 से कार्यरत हैं।
- मनोज कुमार सिंह, सिंचाई खंड देवरिया, तैनाती 2016 से।
- बीबी सिंह, बाढ़ खंड 2 गोरखपुर, तैनाती 2016 से।
- अनिल कुमार सिंह, सिंचाई खंड 2 महराजगंज, तैनाती 2017 से।
- आमोद कुमार सिंह, 2005 में जेई के रूप में यहां नियुक्त हुए और 2016 में एई बने। इस तरह से यह 18 सालों से मंडल में तैनात हैं। यह कुशीनगर से महराजगंज आ गए हैं।
- रमेश यादव, तैनाती 1997, सहायक अभियंता बनने के बाद 2013 से यहीं तैनात हैं। पहले महराजगंज अब कुशीनगर में नियुक्ति है।
- श्रवण कुमार प्रियदर्शी, पहले यहीं पर जेई थे, 2013 से एई है। इनकी तैनाती यहीं हैं। इनका ट्रांसफर 15 महीने पहले हो गया था, लेकिन यह अब भी कुशीनगर में कार्यरत हैं।
प्रदेश सरकार जल शक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने कहा कि जो लोग तीन साल व पांच साल से एक ही स्थान पर तैनात हैं, वे अब गंडक जोन में नहीं रहेंगे। ट्रांसफर नीति मई में आ रही है। उसके बाद कार्रवाई होगी। सरकार की जो नीति है उसका पालन हर हाल में होगा। ट्रांसफर के बाद यदि कोई रुका तो उसके लिए जो भी जिम्मेदार होगा, उस पर कार्रवाई होगी।