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दरोगा से जालसाजी के आरोपित फर्जी आईपीएस की कोर्ट में पेशी
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दरोगा से जालसाजी के आरोपित फर्जी आईपीएस की कोर्ट में पेशी
गोरखपुर। खुद को आईपीएस अफसर बताकर दरोगा से बीस हजार रुपये की जालसाजी करने के आरोपित लाल मोहन को मध्य प्रदेश पुलिस शुक्रवार को वारंट बी पर गोरखपुर लेकर आई। कोर्ट में पेश करने के बाद देर शाम उसे लेकर लौट गई। बिहार निवासी आरोपित लाल मोहन ने चार अगस्त, 2019 को कौआबाग के पास झंगहा थाने में तैनात दरोगा से 20 हजार रुपये की जालसाजी की थी। छह माह पहले मध्य प्रदेश के ब्यावरा जीआरपी थाना प्रभारी ने पुलिसकर्मियों से ठगी करने के मामले में उसे पकड़ा था। तब से वह राजगढ़ जेल में बंद है। सर्विलांस की मदद से छानबीन करने पर गोरखपुर पुलिस को उसके बारे में जानकारी मिली थी, जिसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसकी पेशी कराई गई है।
जानकारी के मुताबिक, झंगहा थाने में तैनात दरोगा आनंद कुमार के पास चार अगस्त 2019 को एक अनजान नंबर से फोन आया था। फोन करने वाले ने खुद को गोरखपुर में कार्यरत एएसपी बताया और बोला कि तत्काल गोरखपुर आ जाओ। गोरखपुर पहुंचकर दरोगा ने फोन किया तो फर्जी अफसर ने कहा कि 20 हजार रुपये लेकर सादी वर्दी में कौआबाग रेलवे कॉलोनी के पास आओ। दरोगा ने मोहद्दीपुर से रेडिमेड कपड़े खरीदकर उसे पहना। फिर खाते से 20 हजार रुपये निकाले। एक होमगार्ड जवान को साथ लेकर रेलवे कॉलोनी के पास पहुंच गए। रेलवे कॉलोनी में मिला कार सवार एक व्यक्ति रुपये लेकर फरार हो गया।
दरोगा के सूचना देने पर पिपराइच पुलिस ने कार समेत चालक को पकड़ लिया। छानबीन में पता चला कि आरोपित ने रेलवे स्टेशन से किराए पर कार लिया था। जिसके बाद चालक को छोड़ दिया गया। दरोगा आनंद कुमार ने झंगहा थाने में जालसाज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। जिसकी विवेचना मोतीराम अड्डा चौकी प्रभारी सूरज सिंह कर रहे थे। सर्विलांस की मदद से उन्होंने छानबीन की तो पता चला कि बिहार, पूर्वी चंपारण, लखौरा के लक्ष्मीपुर निवासी लाल मोहन राय ने दरोगा से ठगी की है। पुलिस घर पहुंची तो पता चला कि लाल मोहन राय मध्यप्रदेश के राजगढ़ में जेल में बंद है। चौकी प्रभारी के प्रार्थना पत्र पर कोर्ट ने राजगढ़ पुलिस को वारंट बी पर जालसाज को गोरखपुर लाने का आदेश दिया था।
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गोरखपुर। खुद को आईपीएस अफसर बताकर दरोगा से बीस हजार रुपये की जालसाजी करने के आरोपित लाल मोहन को मध्य प्रदेश पुलिस शुक्रवार को वारंट बी पर गोरखपुर लेकर आई। कोर्ट में पेश करने के बाद देर शाम उसे लेकर लौट गई। बिहार निवासी आरोपित लाल मोहन ने चार अगस्त, 2019 को कौआबाग के पास झंगहा थाने में तैनात दरोगा से 20 हजार रुपये की जालसाजी की थी। छह माह पहले मध्य प्रदेश के ब्यावरा जीआरपी थाना प्रभारी ने पुलिसकर्मियों से ठगी करने के मामले में उसे पकड़ा था। तब से वह राजगढ़ जेल में बंद है। सर्विलांस की मदद से छानबीन करने पर गोरखपुर पुलिस को उसके बारे में जानकारी मिली थी, जिसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसकी पेशी कराई गई है।
जानकारी के मुताबिक, झंगहा थाने में तैनात दरोगा आनंद कुमार के पास चार अगस्त 2019 को एक अनजान नंबर से फोन आया था। फोन करने वाले ने खुद को गोरखपुर में कार्यरत एएसपी बताया और बोला कि तत्काल गोरखपुर आ जाओ। गोरखपुर पहुंचकर दरोगा ने फोन किया तो फर्जी अफसर ने कहा कि 20 हजार रुपये लेकर सादी वर्दी में कौआबाग रेलवे कॉलोनी के पास आओ। दरोगा ने मोहद्दीपुर से रेडिमेड कपड़े खरीदकर उसे पहना। फिर खाते से 20 हजार रुपये निकाले। एक होमगार्ड जवान को साथ लेकर रेलवे कॉलोनी के पास पहुंच गए। रेलवे कॉलोनी में मिला कार सवार एक व्यक्ति रुपये लेकर फरार हो गया।
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दरोगा के सूचना देने पर पिपराइच पुलिस ने कार समेत चालक को पकड़ लिया। छानबीन में पता चला कि आरोपित ने रेलवे स्टेशन से किराए पर कार लिया था। जिसके बाद चालक को छोड़ दिया गया। दरोगा आनंद कुमार ने झंगहा थाने में जालसाज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। जिसकी विवेचना मोतीराम अड्डा चौकी प्रभारी सूरज सिंह कर रहे थे। सर्विलांस की मदद से उन्होंने छानबीन की तो पता चला कि बिहार, पूर्वी चंपारण, लखौरा के लक्ष्मीपुर निवासी लाल मोहन राय ने दरोगा से ठगी की है। पुलिस घर पहुंची तो पता चला कि लाल मोहन राय मध्यप्रदेश के राजगढ़ में जेल में बंद है। चौकी प्रभारी के प्रार्थना पत्र पर कोर्ट ने राजगढ़ पुलिस को वारंट बी पर जालसाज को गोरखपुर लाने का आदेश दिया था।
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