Gorakhpur: अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, फर्जी पुलिसकर्मी बन लूट-जालसाजी के आठ आरोपी गिरफ्तार
लूट की घटनाओं का पर्दाफाश एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई ने किया। साथ ही प्रेस कांफ्रेंस कर मामले की जानकारी दी। एसपी सिटी ने बताया कि पुलिस कर्मी व एसटीएफ के सिपाही के नाम पर लूट की घटनाओं को अंजाम दिया गया।
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एसटीएफ का फर्जी सिपाही व पुलिस कर्मी बनकर लूट करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। इस मामले में कैंट पुलिस ने शनिवार को उत्तराखंड के आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। आरोपियों के खिलाफ कानपुर, उत्तराखंड व राजस्थान के जयपुर में भी केस दर्ज हैं। महराजगंज, संतकबीरनगर और देवरिया में लूट की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के गदरपुर थाना के गांव कोपा ठंडानाला गुलरभोज के रजाकत अली, सैफ अली, रफी, सैदू हुसैन, बरकत, वजीर मोहम्मद, जावेद और नूर मोहम्मद के रूप में हुई है। लूट, जालसाजी सहित अन्य मामलों के नामजद आरोपियों के पास से कैश और नशे का पाउडर बरामद किया गया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी देश के अलग-अलग शहरों में घूम-घूमकर लूट की घटनाओं को अंजाम देते थे। एक जगह वारदात करते थे, फिर दूसरे शहर चले जाते थे। पकड़े गए गिरोह के सदस्यों ने ही धर्मशाला के पास रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर से लूट की थी। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच पुलिस कर रही है।
लूट की घटनाओं में शामिल होना स्वीकार किया
लूट की घटनाओं का पर्दाफाश एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई ने किया। साथ ही प्रेस कांफ्रेंस कर मामले की जानकारी दी। एसपी सिटी ने बताया कि पुलिस कर्मी व एसटीएफ के सिपाही के नाम पर लूट की घटनाओं को अंजाम दिया गया। जालसाजी व टप्पेबाजी की भी शिकायतें दर्ज कराई गईं। पुलिस छानबीन कर रही थी कि अंतरराज्यीय गिरोह के छह सदस्यों के आने की सूचना मिल गई। इंस्पेक्टर कैंट शशिभूषण राय और जटेपुर चौकी इंचार्ज धीरेंद्र राय सहित 14 सदस्यीय टीम ने जाल बिछा दिया। फिर एक-एक करके गिरफ्तारी की गई। पूछताछ में आरोपियों ने लूट की घटना में शामिल होना स्वीकार किया है।
नशीला पाउडर भी बरामद
गिरफ्तार आरोपियों के पास से लूट के 9,500 रुपये, सोने की एक चेन, हाथ का कंगन, दो अंगूठी व कान के झुमके बरामद किए गए। आधार कार्ड, पर्स भी मिला है। एसपी सिटी के मुताबिक, गिरोह के गुर्गे साजिश रचकर घटनाओं को अंजाम देते थे। इनमें रफी, सैदू हुसैन, बरकत अली, वजीर मोहम्मद व जावेद के पास से 266 ग्राम नशीला पाउडर बरामद किया गया।
भगवान के नाम पर उलझाते थे
एसपी सिटी के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी एक ही गांव के रहने वाले हैं। उत्तर-प्रदेश के अलावा मध्य-प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र व बिहार में घूम कर वारदात को अंजाम देते थे। किराए पर आवास लेकर एक जगह रुकते थे, फिर टोली बनाकर चार व पांच की संख्या में मोटर साइकिल से जाते थे। बैंकों के इर्द-गिर्द व भीड़भाड़ वाले इलाके में घूमते थे। बुजुर्ग महिलाओं को ज्यादा निशाना बनाते थे। झांसा देकर पैसा, गहना या सामान लेकर भाग जाते थे। भगवान का नाम लेकर उलझाते थे।
वाहन जांचने के नाम पर करते थे लूट
धर्मशाला पुलिस चौकी के पास सेवानिवृत्त महिला दरोगा से लूट की घटना को भी आरोपियों ने ही अंजाम दिया था। एसपी सिटी ने बताया कि आरोपियों ने सेवानिवृत्त दरोगा से लूट की बात स्वीकार की है। पुलिस व एसटीएफ के फर्जी सिपाही बनकर व्यापारियों से लूट का मामला भी सामने आया है। आरोपी वाहनों की जांच के नाम पर लूटपाट करते थे।