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दुष्कर्म के मामले में आरोपी को पांच दिन में सजा दिलाने वाले दरोगा सम्मानित
Sun, 26 Jan 2020 11:01 PM IST
विजय जैन
डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिद्धार्थनगर
डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिद्धार्थनगर
Published by: विजय जैन
Updated Sun, 26 Jan 2020 11:01 PM IST
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सीओ महेंद्र देव सिंह व आलोक श्रीवास्तव होंगे सम्मानित।
- फोटो : अमर उजाला
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नाबालिग बेटी से दुष्कर्म करने वाले पिता के खिलाफ पांच दिन में न्यायालय में चार्जशीट दायर कर सजा दिलाने वाले उपनिरीक्षक व डायल 112 के प्रभारी आलोक कुमार श्रीवास्तव को डीजीपी सिल्वर मेडल से सम्मानित किया। गणतंत्र दिवस के अवसर पर उनके साथ बेहतर काम करने वाले सीओ डुमरियागंज महेंद्र देव सिंह को भी सिल्वर मेडल मिला।
बेहतर काम करने वाले पुलिस कर्मियों को हर वर्ष डीजीपी की तरफ से प्रशस्ति पत्र और गोल्ड व सिल्वर मेडल से सम्मानित किया जाता है। इस वर्ष गणतंत्र दिवस पर आलोक कुमार श्रीवास्तव व महेंद्र देव सिंह को सम्मानित किया गया।
श्रीवास्तव ने मिश्रौलिया थानाध्यक्ष रहते हुए क्षेत्र के एक गांव में पिता द्वारा अपनी नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के मामले में केस दर्ज कर पांच दिन में कोर्ट में चार्जशीट पेश कर आरोपी को सजा दिला दी थी। न्यायालय ने 23 नवंबर 2019 को आरोपी पिता को अजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। अपने काम के प्रति उपनिरीक्षक आलोक कुमार श्रीवास्तव की गंभीरता को देखते हुए उन्हें सिल्वर मेडल से सम्मानित करने का फैसला किया गया था।
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बेहतर काम करने वाले पुलिस कर्मियों को हर वर्ष डीजीपी की तरफ से प्रशस्ति पत्र और गोल्ड व सिल्वर मेडल से सम्मानित किया जाता है। इस वर्ष गणतंत्र दिवस पर आलोक कुमार श्रीवास्तव व महेंद्र देव सिंह को सम्मानित किया गया।
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श्रीवास्तव ने मिश्रौलिया थानाध्यक्ष रहते हुए क्षेत्र के एक गांव में पिता द्वारा अपनी नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के मामले में केस दर्ज कर पांच दिन में कोर्ट में चार्जशीट पेश कर आरोपी को सजा दिला दी थी। न्यायालय ने 23 नवंबर 2019 को आरोपी पिता को अजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। अपने काम के प्रति उपनिरीक्षक आलोक कुमार श्रीवास्तव की गंभीरता को देखते हुए उन्हें सिल्वर मेडल से सम्मानित करने का फैसला किया गया था।
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