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गोरखपुर: समाधान दिवस में इंस्पेक्टर समेत चार निलंबित, चार माह से लापता सगी बहनों के मामले में दर्ज करना पड़ा केस
Sun, 08 Aug 2021 10:19 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 08 Aug 2021 10:19 AM IST
सार
देर शाम दर्ज किया गया मुकदमा। एसएसपी ने एसएसआई मनोज यादव को चौरीचौरा थाने का कार्यभार दिया।
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संपूर्ण समाधान दिवस में कमिश्नर ने सुनीं फरियाद।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर जिले में चार महीने से लापता सगी बहनों के मामले में केस न दर्ज करने से नाराज एसएसपी दिनेश कुमार प्रभु ने शनिवार को समाधान दिवस के दौरान ही इंस्पेक्टर चौरीचौरा इकरार अहमद समेत चार पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया। निलंबित अन्य पुलिस कर्मियों में हल्का प्रभारी योगेश यादव, हेड कांसटेबल मनोज यादव और कांसटेबल निशांत शामिल हैं। एसएसपी ने इस मामले में मुकदमा दर्ज करके आगे की कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसी का नतीजा रहा कि देर शाम अपहरण और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज करके मामले की छानबीन शुरू कर दी गई है।
जानकारी के मुताबिक, चौराचौरा के करमहां गांव की दो नाबालिग लड़कियां 28 मार्च को घर से लापता हो गईं। परिजनों ने खोजबीन की लेकिन कोई सुराग नहीं मिल सका। परिजनों ने मामले की सूचना चौरीचौरा पुलिस को दी और तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग भी की लेकिन पुलिस सुनवाई नहीं की थी। नतीजा रहा कि परिजन भटकते रहे और लड़कियों का कुछ पता नहीं चल सका। शनिवार को चौरीचौरा तहसील परिसर में समाधान दिवस का आयोजन किया गया।
डीएम विजय किरन आनंद और एसएसपी दिनेश कुमार प्रभु ने एक-एक फरियादियों को सुना और समस्या के समाधान का भरोसा दिलाया। इसी बीच करमहां गांव के अदालत गुप्ता आए और अपनी अर्जी देकर भावुक हो गए। एसएसपी से कहा कि साहब, चार महीने से दौड़ रहे हैं लेकिन लापता नाबालिग बेटियों का कोई सुराग नहीं लग सका है। पुलिस भी सुनवाई नहीं कर रही है। इससे नाराज एसएसपी ने थाना प्रभारी इकरार अहमद से जवाब-तलब किया। पूछा कि अब तक एफआईआर क्यों नहीं लिखी गई? इसका संतोष जनक जवाब थाना प्रभारी नहीं दे सके।
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इसके बाद एसएसपी ने समाधान दिवस में ही इंसपेक्टर समेत चार पुलिस कर्मियों के निलंबन का आदेश जारी कर दिया। साथ ही एसएसआई मनोज यादव को थानाध्यक्ष का कार्यभार दे दिया। इस मामले में पीड़ित परिवार का बयान दर्ज किया गया है। मोबाइल नंबरों को जुटाकर छानबीन की जा रही है। कार्यवाहक थानाध्यक्ष का कहना है कि लापता लड़कियों को जल्द ही बरामद करने का प्रयास किया जाएगा।
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जानकारी के मुताबिक, चौराचौरा के करमहां गांव की दो नाबालिग लड़कियां 28 मार्च को घर से लापता हो गईं। परिजनों ने खोजबीन की लेकिन कोई सुराग नहीं मिल सका। परिजनों ने मामले की सूचना चौरीचौरा पुलिस को दी और तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग भी की लेकिन पुलिस सुनवाई नहीं की थी। नतीजा रहा कि परिजन भटकते रहे और लड़कियों का कुछ पता नहीं चल सका। शनिवार को चौरीचौरा तहसील परिसर में समाधान दिवस का आयोजन किया गया।
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डीएम विजय किरन आनंद और एसएसपी दिनेश कुमार प्रभु ने एक-एक फरियादियों को सुना और समस्या के समाधान का भरोसा दिलाया। इसी बीच करमहां गांव के अदालत गुप्ता आए और अपनी अर्जी देकर भावुक हो गए। एसएसपी से कहा कि साहब, चार महीने से दौड़ रहे हैं लेकिन लापता नाबालिग बेटियों का कोई सुराग नहीं लग सका है। पुलिस भी सुनवाई नहीं कर रही है। इससे नाराज एसएसपी ने थाना प्रभारी इकरार अहमद से जवाब-तलब किया। पूछा कि अब तक एफआईआर क्यों नहीं लिखी गई? इसका संतोष जनक जवाब थाना प्रभारी नहीं दे सके।
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इसके बाद एसएसपी ने समाधान दिवस में ही इंसपेक्टर समेत चार पुलिस कर्मियों के निलंबन का आदेश जारी कर दिया। साथ ही एसएसआई मनोज यादव को थानाध्यक्ष का कार्यभार दे दिया। इस मामले में पीड़ित परिवार का बयान दर्ज किया गया है। मोबाइल नंबरों को जुटाकर छानबीन की जा रही है। कार्यवाहक थानाध्यक्ष का कहना है कि लापता लड़कियों को जल्द ही बरामद करने का प्रयास किया जाएगा।
इकरार अहमद तहसील परिसर में ही बैठे रहे
लड़कियों के लापता होने के मामले में मुकदमा न दर्ज करने के आरोप में निलंबित इकरार अहमद तहसील परिसर में ही काफी देर तक बैठे रहे। समाधान दिवस की सुनवाई खत्म हुई तो एसएसपी दिनेश कुमार प्रभु के साथ कार्यवाहक थानाध्यक्ष मनोज यादव मातहतों के साथ थाने गए लेकिन इकरार अहमद नहीं पहुंचे।
कार्रवाई से थानेदार व मातहत सहमे
एसएसपी की इस कार्रवाई से ज्यादातर थानेदार व उनके मातहत सहमे हैं। अब पुराने मामलों की शिकायतें देखी जा रही हैं। देखा जा रहा है कि किन मामलों में मुकदमा नहीं दर्ज किया गया है। खासतौर से महिला अपराध से जुड़े मामलों की जानकारी जुटाई जा रही है।
एसएसपी दिनेश कुमार प्रभु ने बताया कि प्रभारी निरीक्षक ने प्रकरण में गंभीरता नहीं दिखाई है। मामला गंभीर है। लिहाजा, प्रभारी निरीक्षक को निलंबित कर दिया। मामले में केस दर्ज कर जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। लड़कियों के सुरक्षित घर वापसी का प्रयास होगा।
लड़कियों के लापता होने के मामले में मुकदमा न दर्ज करने के आरोप में निलंबित इकरार अहमद तहसील परिसर में ही काफी देर तक बैठे रहे। समाधान दिवस की सुनवाई खत्म हुई तो एसएसपी दिनेश कुमार प्रभु के साथ कार्यवाहक थानाध्यक्ष मनोज यादव मातहतों के साथ थाने गए लेकिन इकरार अहमद नहीं पहुंचे।
कार्रवाई से थानेदार व मातहत सहमे
एसएसपी की इस कार्रवाई से ज्यादातर थानेदार व उनके मातहत सहमे हैं। अब पुराने मामलों की शिकायतें देखी जा रही हैं। देखा जा रहा है कि किन मामलों में मुकदमा नहीं दर्ज किया गया है। खासतौर से महिला अपराध से जुड़े मामलों की जानकारी जुटाई जा रही है।
एसएसपी दिनेश कुमार प्रभु ने बताया कि प्रभारी निरीक्षक ने प्रकरण में गंभीरता नहीं दिखाई है। मामला गंभीर है। लिहाजा, प्रभारी निरीक्षक को निलंबित कर दिया। मामले में केस दर्ज कर जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। लड़कियों के सुरक्षित घर वापसी का प्रयास होगा।