Gorakhpur News: आयकर विभाग को शक, माफिया और राजनेताओं के काले धन से चंदू ने बनाई सराफा कारोबार में धमक
काले धन से बिना लिखा-पढ़ी के ही बुलियन के माध्यम से अवैध सोने की खरीदारी की जाती है। जबकि बुलियन में अवैध तरीके से खरीदा गया सोना सामान्य तरीके से थोड़ा महंगा होता है। लेकिन काले धन को खपाने के लिए बुलियन से ही ये सोना खरीदा जाता।
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हनी ज्वेलर्स के मालिक सुमित कुमार उर्फ चंदू ने बिहार के साथ गोरखपुर और वाराणसी में भी अपनी धमक कायम कर रखी है। आयकर सूत्रों की मानें तो सराफा के इस थोक कारोबारी की फर्म में बिहार के बड़े माफिया और राजनेताओं का काला धन लगा है। आयकर विभाग इन तथ्यों की भी जांच कर रही है। टीम ने चार महीने से रेकी के बाद अहम सबूत लगने पर छापा मारा है।
आयकर विभाग के सूत्रों ने बताया कि बिहार के इन माफिया और राजनेताओं के काले धन को खपाकर हनी ज्वेलर्स रातों-रात बड़ी फर्म बन गई। बिहार के बाद गोरखपुर और वाराणसी में भी थोक का बड़ा कारोबार कर लिया।
फर्म में काले धन को खपाने के साथ ही चंदू ने बड़ी पूंजी तैयार कर ली और अपने कारोबार का दायरा बढ़ाता गया। अगर वह बैंक से लोन लेता तो ज्यादा ब्याज चुकाना पड़ता लेकिन माफिया व नेताओं की रकम निवेश करने में उसे कम ब्याज देना पड़ा। आयकर टीम को शक है कि बिहार के कुछ सफेदपोश लोगों ने इस फर्म के जरिए काली कमाई खपाई है।
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काले धन को बुलियन में खपाते हैं अवैध कारोबारी
काले धन से बिना लिखा-पढ़ी के ही बुलियन के माध्यम से अवैध सोने की खरीदारी की जाती है। जबकि बुलियन में अवैध तरीके से खरीदा गया सोना सामान्य तरीके से थोड़ा महंगा होता है। लेकिन काले धन को खपाने के लिए बुलियन से ही ये सोना खरीदा जाता। इसी सोने को छोटे दुकानदारों को बिना पक्की पर्ची के कच्ची पर्ची पर खरीद बिक्री हनी ज्वेलर्स कर रहा था। हनी ज्वेलर्स पर भी आयकर टीम को शक है कि काले धन को इसी तरीके से खपा रही है।
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