{"_id":"636f239922922f12c53e377b","slug":"illegal-weapons-shedding-blood-in-gorakhpur","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur: गोरखपुर में अवैध असलहे बहा रहे खून, फिर भी तस्कर पकड़ से दूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur: गोरखपुर में अवैध असलहे बहा रहे खून, फिर भी तस्कर पकड़ से दूर
Sat, 12 Nov 2022 10:09 AM IST
vivek shukla
शिवम सिंह, गोरखपुर।
शिवम सिंह, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 12 Nov 2022 10:09 AM IST
सार
गोरखपुर जोन के कई जिलों की सीमा बिहार से सटी है। पकड़े जा चुके बदमाशों से पूछताछ में पता चला है कि यहां से बिहार और फिर पश्चिम बंगाल तक असलहों की सप्लाई दी जा रही है। गोरखपुर रेंज के आंकड़ों पर नजर दौड़ाई जाए तो गोरखपुर, महराजगंज, देवरिया व कुशीनगर में तीन वर्षों में 2,592 लोग असलहे के साथ पकड़े गए।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अवैध असलहों से बदमाश खून बहाकर लोगों की जिंदगियां छीन रहे हैं, लेकिन उनके हाथों में असलहा उपलब्ध कराने वालों को पुलिस दबोच नहीं पाती है। अवैध असलहों के खिलाफ पुलिस ‘ऑपरेशन तमंचा’ चला रही है, लेकिन सरगना को पकड़ने की जहमत पुलिस नहीं उठाती और फिर फाइल बंद हो जाती है। जबकि, जिले में हुई कई हत्याओं में ऐसे ही असलहे के इस्तेमाल की पुष्टि भी हो चुकी है।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक, गोरखपुर जोन के कई जिलों की सीमा बिहार से सटी है। पकड़े जा चुके बदमाशों से पूछताछ में पता चला है कि यहां से बिहार और फिर पश्चिम बंगाल तक असलहों की सप्लाई दी जा रही है।
विज्ञापन
गोरखपुर रेंज के आंकड़ों पर नजर दौड़ाई जाए तो गोरखपुर, महराजगंज, देवरिया व कुशीनगर में तीन वर्षों में 2,592 लोग असलहे के साथ पकड़े गए। लंबे समय से अवैध असलहों से खून बहे हैं। यही वजह है कि इस पर अभियान चलाने का फैसला भी किया गया, लेकिन परिणाम मुकाम तक नहीं पहुंच सका।
विज्ञापन
गोरखपुर रेंज में तमंचे के साथ पकड़े गए बदमाश
- 2019 में 743
- 2020 में 969
- 2021 में 880
- 2022 में भी 1,600 से अधिक बदमाश पुलिस के हाथ लग चुके हैं।
जोन के इस रेंज में पकड़े गए इतने असलहे
- गोरखपुर रेंज में तीन साल में 2,592
- देवीपाटन मंडल में इस साल 1,250
केस एक
14 अगस्त को सहजनवां के वैदिक धर्म इंटर कॉलेज के पास धीरज की तमंचे से गोली मारकर हत्या कर दी गई। बाद में पुलिस ने पर्दाफाश कर आरोपी को जेल भेजा, लेकिन तमंचा कहां से आया, पुलिस इसका पता नहीं लगा पाई।
केस दो
शाहपुर इलाके में सात अक्तूबर को गोली मारकर हत्या कर दी गई। मूर्ति विसर्जन के दौरान युवा व्यापारी की हत्या में भी अवैध असलहे का इस्तेमाल किया गया था, लेकिन मुख्य तस्कर तक पुलिस नहीं पहुंच पाई, जिसने असलहा उपलब्ध कराया था।
डीआईजी जे रविंद्र ने कहा कि अवैध असलहों के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। बड़ी मात्रा में अवैध असलहे बरामद होने के साथ ही बिहार और पश्चिम बंगाल तक तस्करी में जुड़े लोग भी पकड़े गए हैं। लगातार पुलिस का अभियान जारी है। कई सरगना भी पकड़ में आए हैं।