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यूपी: फरियादी बार-बार आईजी दफ्तर पहुंचा तो गंवानी पड़ेगी थानेदारी, जानिए क्या है पूरा मामला
Thu, 25 Feb 2021 12:52 PM IST
vivek shukla
शिवम सिंह, गोरखपुर।
शिवम सिंह, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 25 Feb 2021 12:52 PM IST
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पुलिस महानिरीक्षक राजेश डी मोडक।(file)
- फोटो : अमर उजाला।
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कुशीनगर, देवरिया, महराजगंज या गोरखपुर के दूर दराज के इलाकों का फरियादी यदि बार-बार आईजी दफ्तर पहुंचा तो थानेदार को थानेदारी गंवानी पड़ेगी। सीएम के बाद अब आईजी ने भी रेंज के सभी एसपी को चेताया है। उन्होंने साफ कहा है कि थाने और सीओ स्तर पर फरियाद सुनी और हल की जाए, ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करें। वहीं, अब आईजी कार्यालय में फरियादियों के चक्कर काटने का पूरा ब्योरा जुटाया जा रहा है। ब्योरा एक क्लिक पर उपलब्ध होगा। रजिस्टर में दर्ज करने के साथ ही डाटा कंप्यूटर में फीड करने की व्यवस्था की जा रही है।
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बता दें कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर आने पर जनता दरबार में कई छोटे-छोटे मामले आए थे, जिसका निपटारा थाने के स्तर पर ही हो जाना चाहिए था, लेकिन पीड़ित को सीएम तक दौड़ लगानी पड़ी थी। इसके बाद सीएम ने अफसरों पर नाराजगी जाहिर की थी। सीएम के आदेश पर आईजी राजेश डी मोडक ने तत्काल प्रभाव से काम शुरू करा दिया है।
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अब आईजी कार्यालय में दूर दराज से आने वाले फरियादियों का ब्योरा जुटाया जा रहा है। फरियादी कितने दिनों बाद आया और कितनी बार दौड़ लगाने के बाद उन्हें न्याय मिला, इसका हिसाब किताब दर्ज किया जा रहा है। साथ ही किस थाने से सर्वाधिक शिकायत आ रही है, इसकी भी निगरानी की जाएगी, ताकि पीड़ित को बिना परेशान हुए न्याय मिल सके और फरियाद को अनसुना करने वाले पुलिस वालों पर कार्रवाई हो सके।
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इस तरह के मामले आते हैं ज्यादा
लड़की को बहला फुसलाकर भगाने, दुष्कर्म के मामले में कार्रवाई न होने, मारपीट में एकतरफा कार्रवाई होने, नाली या जमीन का विवाद होने जैसे मामले ज्यादा आते हैं। ये ऐसे मामले हैं, जिनका निपटारा थाना, सीओ या एसपी स्तर पर ही हो जाना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है। फरियाद लेकर आईजी और एडीजी के पास लोग पहुंचते हैं। ऐसे में उन्हें लंबी दूरी तय करने के साथ ही यात्रा में रुपये भी खर्च करने पड़ते हैं। इस तरह फरियादी का समय और धन दोनों बर्बाद होता है।
सख्त होते हैं अफसर तो मिलता है न्याय
आईजी कार्यालय में कई ऐसे फरियादी आते हैं जो खुद ही बता देते हैं कि पिछली बार भी आए थे। यह सुनने पर जब अफसर सख्ती से पुलिस वालों को निर्देशित करते हैं तब काम हो जाता है, लेकिन कई ऐसे भी हैं जो प्रार्थनापत्र लेकर आते हैं और देकर चले जाते हैं। वह कभी नहीं कहते हैं कि दोबारा आए हैं, ऐसे लोगों को अब राहत मिलेगी।
केस एक
देवरिया के बरहज इलाके की एक महिला सोमवार को आईजी कार्यालय पहुंची थी। उसने बताया कि उसकी बेटी को बहला फुसला कर भगा दिया गया है। पुलिस वाले कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। यह महिला दूसरी बार पहुंची, तब आईजी ने कड़े शब्दों में पुलिस वालों को समझाया। इसके बाद महिला को न्याय न मिलने पर दोबारा फोन पर ही बताने को कहा।
केस दो
महराजगंज से आए किशन कुमार का नाली का विवाद है। बताते हैं कि दो बार वह फरियाद लेकर आए। थाने पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। मंगलवार को आए किशन ने बताया कि थाने पर जाने से कुछ नहीं होगा, आप ही कुछ करिए साहब। आईजी ने फरियाद सुनी तो एसपी को निर्देशित कर सीओ से जांच कराने को कहा।
आईजी रेंज राजेश डी मोडक ने बताया कि फरियादी को न्याय मिले, यही प्राथमिकता होती है। अब लापरवाह पुलिस वालों का रिकार्ड तैयार किया जा रहा है। फरियादी कितनी बार आया और कितनी बार में न्याय मिला, इसे जाना जाएगा। जहां से शिकायत ज्यादा होगी, वहां के थानेदार पर भी कार्रवाई की जाएगी।
सख्त होते हैं अफसर तो मिलता है न्याय
आईजी कार्यालय में कई ऐसे फरियादी आते हैं जो खुद ही बता देते हैं कि पिछली बार भी आए थे। यह सुनने पर जब अफसर सख्ती से पुलिस वालों को निर्देशित करते हैं तब काम हो जाता है, लेकिन कई ऐसे भी हैं जो प्रार्थनापत्र लेकर आते हैं और देकर चले जाते हैं। वह कभी नहीं कहते हैं कि दोबारा आए हैं, ऐसे लोगों को अब राहत मिलेगी।
केस एक
देवरिया के बरहज इलाके की एक महिला सोमवार को आईजी कार्यालय पहुंची थी। उसने बताया कि उसकी बेटी को बहला फुसला कर भगा दिया गया है। पुलिस वाले कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। यह महिला दूसरी बार पहुंची, तब आईजी ने कड़े शब्दों में पुलिस वालों को समझाया। इसके बाद महिला को न्याय न मिलने पर दोबारा फोन पर ही बताने को कहा।
केस दो
महराजगंज से आए किशन कुमार का नाली का विवाद है। बताते हैं कि दो बार वह फरियाद लेकर आए। थाने पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। मंगलवार को आए किशन ने बताया कि थाने पर जाने से कुछ नहीं होगा, आप ही कुछ करिए साहब। आईजी ने फरियाद सुनी तो एसपी को निर्देशित कर सीओ से जांच कराने को कहा।
आईजी रेंज राजेश डी मोडक ने बताया कि फरियादी को न्याय मिले, यही प्राथमिकता होती है। अब लापरवाह पुलिस वालों का रिकार्ड तैयार किया जा रहा है। फरियादी कितनी बार आया और कितनी बार में न्याय मिला, इसे जाना जाएगा। जहां से शिकायत ज्यादा होगी, वहां के थानेदार पर भी कार्रवाई की जाएगी।