Gorakhpur News: पान-गुटखा खाओगे तो टूट जाएंगे दांत, कैल्शियम की कमी से हो रहे कमजोर
डॉ. अरुन प्रताप मल्ल ने बताया कि दांतों में दर्द होने, मसूड़ों से खून बहने, दांतों के हिलने, मुंह से बदबू आने, दांतों के रंग में बदलाव होने पर डॉक्टर से संपर्क करें। समय से अगर इलाज हो जाए तो दांतों को टूटने से बचाया जा सकता है।
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बदलते खानपान और शरीर में कैल्शियम की कमी से बच्चों से लेकर युवाओं तक के दांत कमजोर हो रहे हैं। इसका असर ऐसा है कि हल्की सख्त चीजें खाने से दांत टूट जा रहे हैं। जिला अस्पताल और बीआरडी मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में रोजाना 20 से 25 मरीज टूटे दांत की फिलिंग कराने पहुंच रहे हैं। डॉक्टर ऐसे लोगों को स्वस्थ खान-पान की सलाह दे रहे हैं।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज यादव ने बताया कि सामान्य ओपीडी में मरीज टूटे हुए दांत की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। जबकि, पहले ऐसे केस बेहद कम देखने को मिलते थे। इसकी वजह फास्ट फूड और साफ्ट चीजों के खाने, रोजाना ब्रश न करने और शरीर में कैल्शियम की कमी है।
दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. अरुन प्रताप मल्ल ने बताया कि इसके अलावा युवा पान और गुटखा खाने से अपने दांतों के कैल्शियम को कमजोर कर रहे हैं, जो उनके दांतों को समय से पहले खराब कर दे रहा है। बताया कि सर्द का मौसम शुरू हो चुका है।
इस मौसम में मूंगफली, गजक और अमरूद को खाने पर उनके बीज दांतों में फंस जाते हैं। इससे दांतों पर बुरा प्रभाव पड़ता है। प्रतिदिन 15 से 20 मरीज इस समस्या से पीड़ित आ रहे हैं। ऐसे मरीजों को दांतों की देखभाल की सलाह दी जा रही है।
यह समस्या है तो करें डॉक्टरों से संपर्क
डॉ. अरुन प्रताप मल्ल ने बताया कि दांतों में दर्द होने, मसूड़ों से खून बहने, दांतों के हिलने, मुंह से बदबू आने, दांतों के रंग में बदलाव होने पर डॉक्टर से संपर्क करें। समय से अगर इलाज हो जाए तो दांतों को टूटने से बचाया जा सकता है। क्योंकि, एक बार अगर दांत टूटने लगते हैं, तो अन्य दांतों पर भी इसका असर पड़ना शुरू हो जाता है।
देखभाल जरूरी
डॉ. मनोज यादव ने बताया कि दिन में दो बार ब्रश करने की आदत जरूर डालें। सोने से पहले और खाने के बाद ब्रश जरूर करें। खाने के दौरान स्नैक्स में मीठा और चिपचिपा खाद्य पदार्थ बिल्कुल न खाएं। तीन माह पर ब्रश बदल दें।