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गोरखपुर: 40 करोड़ रुपये खर्च कर सेहत से पर्यटन तक संवारेगा एचयूआरएल, जल्द शुरू होंगे निर्माण कार्य
Wed, 22 Sep 2021 11:46 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 22 Sep 2021 11:46 AM IST
सार
हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड ने समझौता करके जीडीए को कार्यदायी संस्था बनाया है। 24 करोड़ से 17 सीएचसी पर पीकू वार्ड बनेंगे।
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एमओयू की प्रक्रीया के दौरान मौजूद एचयूआरएल व जीडीए के अफसर।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर खाद कारखाने का निर्माण करा रही हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) अपने कारपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत जिले में स्वास्थ्य, पर्यटन और पंचायतों के विकास पर 40 करोड़ रुपये खर्च करेगी। कंपनी ने इन विकास परियोजनाओं को पूरा करने की जिम्मेदारी गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) को सौंपी है। प्राधिकरण ही इन परियोजनाओं को पूरा कराने के लिहाज से कार्यदायी संस्था होगा। इस संबंध में एचयूआरएल के वरिष्ठ महाप्रबंधक सुबोध दीक्षित और जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह के बीच मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएंगे।
24 करोड़ से 17 सीएचसी पर बनेंगे पीकू वार्ड
कोरोना की संभावित तीसरी लहर से बच्चों की सुरक्षा के लिए एचयूआरएल ने जिले के 17 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में पीकू (बाल सघन चिकित्सा इकाई) वार्ड विकसित करने का निर्णय लिया है। जिले की कुल 20 सीएचसी में से तीन में यह सुविधा पहले से है। जीडीए इसका निर्माण कराएगा, साथ ही एक साल तक पीकू वार्ड में चिकित्सकों से लेकर पैरा मेडिकल स्टॉफ की तैनाती भी खुद करेगा। एक साल बाद इसे स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर कर दिया जाएगा। एचयूआरएल अपने सीएसआर फंड से पीकू वार्ड बनाने पर 24.05 करोड़ रुपये खर्च करेगा।
रामगढ़ताल किनारे बनेगी नई रेलिंग, बेंच-लाइटिंग भी होगी
कंपनी रामगढ़ताल के सुंदरीकरण के लिए भी 3.50 करोड़ रुपये खर्च करेगी। पूर्व में जलनिगम द्वारा रामगढ़ताल के किनारे बनाई गई रेलिंग की जगह अब दूसरी बनाई जाएगी। जगह-जगह बेंच लगाए जाएंगे व टॉयलेट निर्माण के साथ आकर्षक लाइटिंग कराई जाएगी।
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सोनबरसा गांव की बदलेगी सूरत
एचयूआरएल ने सोनबरसा गांव को गोद लिया है। इस गांव में 12 करोड़ रुपये से पेयजल, सड़क, बिजली, पानी, अस्पताल समेत सभी जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। इसे इको फ्रैंडली गांव के रूप में विकसित किया जाएगा।
जीडीए के उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने बताया कि सीएचसी पर पीकू वार्ड, रामगढ़ताल के सुंदरीकरण और सोनबरसा गांव को आदर्श गांव के तौर पर विकसित करने की जिम्मेदारी जीडीए को मिली है। एचयूआरएल अपने सीएसआर फंड से इन कार्यों पर करीब 40 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इस संबंध में एमओयू की प्रक्रिया पूरी हो गई है। अनुबंध के अनुसार सिविल वर्क प्राधिकरण करेगा।
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24 करोड़ से 17 सीएचसी पर बनेंगे पीकू वार्ड
कोरोना की संभावित तीसरी लहर से बच्चों की सुरक्षा के लिए एचयूआरएल ने जिले के 17 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में पीकू (बाल सघन चिकित्सा इकाई) वार्ड विकसित करने का निर्णय लिया है। जिले की कुल 20 सीएचसी में से तीन में यह सुविधा पहले से है। जीडीए इसका निर्माण कराएगा, साथ ही एक साल तक पीकू वार्ड में चिकित्सकों से लेकर पैरा मेडिकल स्टॉफ की तैनाती भी खुद करेगा। एक साल बाद इसे स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर कर दिया जाएगा। एचयूआरएल अपने सीएसआर फंड से पीकू वार्ड बनाने पर 24.05 करोड़ रुपये खर्च करेगा।
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रामगढ़ताल किनारे बनेगी नई रेलिंग, बेंच-लाइटिंग भी होगी
कंपनी रामगढ़ताल के सुंदरीकरण के लिए भी 3.50 करोड़ रुपये खर्च करेगी। पूर्व में जलनिगम द्वारा रामगढ़ताल के किनारे बनाई गई रेलिंग की जगह अब दूसरी बनाई जाएगी। जगह-जगह बेंच लगाए जाएंगे व टॉयलेट निर्माण के साथ आकर्षक लाइटिंग कराई जाएगी।
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सोनबरसा गांव की बदलेगी सूरत
एचयूआरएल ने सोनबरसा गांव को गोद लिया है। इस गांव में 12 करोड़ रुपये से पेयजल, सड़क, बिजली, पानी, अस्पताल समेत सभी जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। इसे इको फ्रैंडली गांव के रूप में विकसित किया जाएगा।
जीडीए के उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने बताया कि सीएचसी पर पीकू वार्ड, रामगढ़ताल के सुंदरीकरण और सोनबरसा गांव को आदर्श गांव के तौर पर विकसित करने की जिम्मेदारी जीडीए को मिली है। एचयूआरएल अपने सीएसआर फंड से इन कार्यों पर करीब 40 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इस संबंध में एमओयू की प्रक्रिया पूरी हो गई है। अनुबंध के अनुसार सिविल वर्क प्राधिकरण करेगा।