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Gorakhpur News: हनीट्रैप - महीने में कितनी बार बनता था शिप का स्मार्ट पास, जांच करेगी एटीएस

Tue, 21 May 2024 10:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो रोहित सिंह, गोरखपुर
रोहित सिंह, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Tue, 21 May 2024 10:45 AM IST
सार

नेवल बेस शिपयार्ड में पार्ट टाइम जॉब के लिए इंडियन नेवी और एजेंसियों के बीच अनुबंध होता है। इस अनुबंध के तहत अलग-अलग जरूरत के हिसाब से कर्मचारियों की तैनाती की जाती है। इसके लिए सबसे अनिवार्य पीसीसी (पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट) की जरूरत होती है।

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Honeytrap in Gorakhpur, How many times in a month Ram was the ship's smart pass made,  ATS will investigate
गोवा में मर्चेंट नेवी कर्मी को एटीएस ने गिरफ्तार किया - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आईएसआई को देश की गोपनीय सूचनाएं देने के शक में पकड़े गए पिपराइच इलाके के राम सिंह का पासपोर्ट एटीएस ने जब्त कर लिया है। इसी पासपोर्ट के आधार पर कितनी बार शिप का स्मार्ट पास बनाया गया है, इसकी जांच एटीएस कर रही है। एटीएस सूत्रों ने बताया कि पासपोर्ट जब्त कर स्मार्ट पास से संबंधित जानकारी ली गई है।
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इसके अलावा स्मार्ट पास बनाए जाने के दौरान शिपयार्ड पर इंडियन नेवी का कौन सा शिप मौजूद रहा, इसकी जानकारी भी ली जाएगी।

इससे यह भी साफ हो जाएगा कि जिस समय का स्मार्ट पास राम सिंह के पास था, उस दौरान शिपयार्ड पर देश के कौन-कौन से लड़ाकू जहाज ठहरे थे। मंगलवार सुबह से एटीएस रिमांड पर वापस राम सिंह को लेकर इन सभी बिंदुओं पर सवाल भी कर सकती है।
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नेवल बेस शिपयार्ड में पार्ट टाइम जॉब के लिए इंडियन नेवी और एजेंसियों के बीच अनुबंध होता है। इस अनुबंध के तहत अलग-अलग जरूरत के हिसाब से कर्मचारियों की तैनाती की जाती है। इसके लिए सबसे अनिवार्य पीसीसी (पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट) की जरूरत होती है।
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ये मूल निवास स्थान के संबंधित थाने से जारी होता है। इसके जारी होने के बाद और कार्यकुशलता के आधार पर एजेंसी नेवल बेस शिपयार्ड पर कर्मचारी की तैनाती करती है। मर्चेंट नेवी में काम करने वाले एक सूत्र ने बताया कि ये मर्चेंट अब पूरी तरह से निजी हो चुकी है।
 

Honeytrap in Gorakhpur, How many times in a month Ram was the ship's smart pass made,  ATS will investigate
ओमवीर सिंह बिश्नोई, पुलिस महानिरीक्षक, गोवा - फोटो : अमर उजाला

अलग-अलग शिपिंग कंपनियां इनका संचालन करती हैं और दूसरी एजेंसियां इसपर काम करने के लिए निजी कर्मियों की नियुक्ति करती हैं। मर्चेंट नेवी में काम करने वाले आवेदकों में से शिपिंग कंपनी से जुड़कर अलग-अलग पदों पर सीधे शिप से जुड़ जाते हैं। जबकि, दूसरे अलग-अलग वर्गों और जरूरत के हिसाब से दूसरी एजेंसियों में जुड़कर इंडियन नेवी और शिप पर मेंटेनेंस और अन्य क्लीयरेंस के कामों से जुड़ते हैं।

ऐसे ही ये कर्मचारी शिपयार्ड पर भारतीय नौसेना जहाज बनाए जाने से लेकर आने वाले जहाजों के बीच पहुंच पाते हैं। इसके लिए इन्हें स्मार्ट पास की जरूरत होती है। इंडियन नेवी के शिप पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए ये स्मार्ट पास अनिवार्य होता है।

इन्हीं कार्ड वाले कर्मचारियों को ही एजेंसी नेवल बेस शिपयार्ड पर भेजती है। इसे बनाने के लिए कर्मचारी का पासपोर्ट, जिस कंपनी का कर्मचारी हो, उसका इंप्लॉयमेंट लेटर और पीसीसी लगता है। वहीं, गोवा पुलिस ने भी मीडिया रिपोर्ट के आधार पर अपनी सुरक्षा पहले से भी सख्त कर दी है।

पुलिस महानिरीक्षक गोवा पुलिस ओमवीर सिंह बिश्नोई ने बताया कि यूपी एटीएस ने इंटेलिजेंस के आधार पर कार्रवाई की है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, नेवल बेस शिपयार्ड पर ये कर्मचारी काम करता था। हमारी तरफ से एक बार फिर से सभी कंपनी और एजेंसियों को निर्देशित किया गया है कि स्मार्ट पास बनाए जाने के दौरान पीसीसी और अन्य जरूरी प्रपत्रों की जांच जरूर करें।

काम करने वाले सभी कर्मचारियों की पूरा ब्योरा एजेंसी के पास मौजूद रहना चाहिए, जिससे कभी जरूरत पड़े तो उस आधार पर जांच करवाई जा सके।

 

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