#हिंदीहैंहम: 'विचारों और संवेदनाओं को व्यक्त करने का सशक्त माध्यम है मातृभाषा'
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अपने विचारों और संवेदनाओं को व्यक्त करने का सबसे सशक्त माध्यम मातृभाषा है। इसके जरिए हम अपनी बात को सुगमता से दूसरों तक पहुंचा पाते हैं। अमर उजाला ने ‘हिंदी हैं हम’ अभियान से जुड़कर मेधावी छात्र-छात्राओं ने मातृभाषा को और समृद्धशाली बनाने का संकल्प लिया।
सभी विद्यार्थियों ने कहा कि हिंदी के प्रोत्साहन के लिए अपने घर से शुरुआत करनी होगी। शिक्षकों से मिले बेहतर मार्गदर्शन एवं विषय के प्रति गहरी रुचि से हिंदी में अच्छे अंक मिले हैं।
हरपुर बेलहिया के रहने वाले अक्षय यादव ने हाईस्कूल की परीक्षा में हिंदी विषय में 93 प्रतिशत अंक हासिल किया। चोखराज तुलस्यान सरस्वती विद्या मंदिर सिसवा के छात्र अक्षय ने बताया कि हिंदी सरलता से समझ आने वाली भाषा है, जिसमें हम अपने विचारों को सहज रूप से अभिव्यक्त कर सकते हैं। ऐसे में इसके प्रोत्साहन के लिए हमें अधिक प्रयास करने चाहिए।
बीजापार सिसवा बाजार के रहने वाले हिमांशु पांडेय ने बताया कि हाईस्कूल की परीक्षा में हिंदी में 95 प्रतिशत अंक मिले। आरपीआईसी के छात्र हिमांशु कहते हैं कि अपने विचारों एवं संवेदनाओं को व्यक्त करने का सबसे सशक्त माध्यम हिंदी है। हिंदी विषय पढ़ने में अच्छा लगता है। अंग्रेजी भाषा के गुणगान और वर्चस्व के बीच हिंदी को जीवंत रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।
कृतपिपरा गांव की शालिनी मिश्रा ने बताया कि इंटर में हिंदी विषय में 94 प्रतिशत अंक मिले। आधुनिकीकरण के इस दौर में हिंदी की बजाय अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है, जिसके कारण अपनी राष्ट्र भाषा से दूर होते जा रहे हैं। इस और हमें ध्यान देने की जरूरत है।
जिला कारागार के पास रहने वाली दीक्षा पांडेय ने बताया कि इंटर में हिंदी में 92 प्रतिशत अंक मिला है। हिंदी भाषा को लेकर भ्रम है कि यह कठिन भाषा है। इसे जागरूकता के जरिए दूर किया जा सकता है। हिंदी भाषा के प्रोत्साहन के लिए हर स्तर पर प्रयास करने की जरूरत है।