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#हिंदीहैंहम: हिंदी माध्यम से पढ़ाई कर बने अफसर, गर्व से कहते हैं-हिंदी हैं हम
Thu, 27 Aug 2020 04:03 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 27 Aug 2020 04:03 PM IST
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धर्मेश कुमार और पंकज कुमार सिंह।(फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला।
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हिंदी वाकई माथे की बिंदी है। इस बिंदी को और ज्यादा वे लोग चमकाते हैं जिन्होंने हिंदी माध्यम से पढ़ाई की। मातृभाषा पर अच्छी पकड़ हासिल कर अफसर भी बने। यह साबित कर दिखाया कि हिंदी भी सफलता की सीढ़ी है। मौजूदा समय में पूर्वोत्तर रेलवे में नौकरी कर हिंदी पर गर्व करने वाले कुछ अफसरों ने मातृभाषा के प्रति प्रेम को कुछ यूं साझा किया...
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पूर्वोत्तर रेलवे के सचिव महाप्रबंधक धर्मेश कुमार ने बताया कि शुरू से ही हिंदी के प्रति लगाव रहा। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद से बारहवीं तक की पढ़ाई की है। रेलवे में नौकरी लगी तो भेल सहित कई जगहों पर काम करने का अवसर मिला।
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धर्मेश कुमार ने कहा सच कहूं तो जब पूर्वोत्तर रेलवे में स्थानांतरण हुआ तो मन को सुकून मिला, क्योंकि हिंदी तो दिल में है। यहां आकर हिंदी में काम को बढ़ावा दिया। हिंदी की अच्छी जानकारी होना तो गर्व की बात है। युवा वर्ग हिंदी के प्रति झिझक तोड़े और इसकी अच्छी जानकारी रखे।
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पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि हिंदी तो सबसे सहज और सरल भाषा है। अंग्रेजी की जानकारी के साथ हिंदी की जानकारी जरूरी है। जब हिंदी में पढ़ते-लिखते हैं तो वास्तविक भाव को समझ पाते हैं। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद से हिंदी माध्यम में कक्षा 12वीं तक की पढ़ाई पूरी की।
इसके बाद बीटेक किया। इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड में बतौर सहायक प्रबंधक नौकरी लग गई, लेकिन यह हिंदी के प्रति प्रेम ही था कि रेलवे में नौकरी लगी और नियुक्ति पूर्वोत्तर रेलवे में हुई। यह एक ऐसा क्षेत्र है जहां हिंदी में ही ज्यादा से ज्यादा काम होता है।