फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Heavy pollution cloud of dust in front of boating and circuit house

गोरखपुर रामगढ़ताल: स्वच्छ ताजी हवा में गहरी सांसें लेने जाएंगे, धूल में खांसते हुए लौट आएंगे

Tue, 11 Apr 2023 02:51 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 11 Apr 2023 02:51 PM IST
सार

जीडीए के प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह ने बताया कि वाटर बॉडी को पर्यटन के एक बड़े केंद्र के तौर पर विकसित किया जाएगा। रामगढ़ताल से 50 मीटर के दायरे में कोई पक्का निर्माण नहीं होगा। परियोजना के तहत तरल एवं ठोस कचरा प्रबंधन की जिम्मेदारी संचालकों को उठानी पड़ेगी।

विज्ञापन
Heavy pollution cloud of dust in front of boating and circuit house
वाटरबॉडी के निर्माण की वजह से गम्भीर नाथ प्रेक्षागृह जाने वाली सड़क का हाल खराब है। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

स्वच्छ वातावरण और आंखों को सुकून देने वाले मनोहारी दृश्य की तलाश में रामगढ़ताल जा रहे हैं तो साथ में मॉस्क, रूमाल या नाक-मुंह ढकने के लिए कोई कपड़ा जरूर रख लीजिए। भूले तो खांस-खांस कर हाल खराब हो जाएगा। बच्चों और बुजुर्गों की सेहत भी खराब हो सकती है। हम डरा नहीं रहे, सतर्क कर रहे हैं।

विज्ञापन


नौकायन से राजकीय बौद्ध संग्रहालय के पास और सर्किट हाउस के सामने स्थित वाटर बॉडी को विकसित करने के साथ ही उसके सुंदरीकरण का काम चल रहा है। इस परियोजना के पूरे होने के बाद रामगढ़ताल क्षेत्र की खूबसूरती और बढ़ जाएगी। मगर, निर्माण एजेंसी की ओर से छोटे-छोटे एहतियात नहीं बरते जाने की वजह से फिलहाल रामगढ़ताल क्षेत्र की खूबसूरती पर दाग लग रहा है।
विज्ञापन


इसे भी पढ़ें: चौरीचौरा- मुंडेरा बाजार ओवरब्रिज का हाल, काम में देरी की मार, जाम-धूल से लोग बेहाल
विज्ञापन
विज्ञापन


वाटर बॉडी से सटी दोनों सड़कों, नौकायन से बौद्ध संग्रहालय और होटल मैरियट से बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह होते हुए सर्किट हाउस तक मिट्टी की मोटी परत बन गई है। निर्माण कार्य में लगे वाहन जब इन दोनों मार्गाें पर चल रहे हैं, तो इनसे उठने वाली धूल मुख्य सड़क यानी पैडलेगंज - नौकायन फोरलेन मार्ग पर चली आ रही है। जानकारों का कहना है कि इन दोनों लिंक सड़कों पर सुबह, दोपहर और रात में पानी का छिड़काव हो तो धूल की समस्या खत्म हो जाए।

सुबह जैसे ही गाड़ियों का संचलन शुरू हो रहा रामगढ़ताल रोड पर धूल उड़नी शुरू हो जा रही है। इस समस्या से सुबह इस रास्ते पर टहलने आने वाले हजारों लोग भी परेशान हैं। कई लोग तो टहलने के लिए घर के नजदीक वाले पार्क और गोरखपुर यूनिवर्सिटी परिसर आदि का विकल्प तलाश रहे हैं।
 

वाटर बॉडी के विकास के बाद बदल जाएगी रामगढ़ताल क्षेत्र की सूरत

सर्किट हाउस के सामने फैली वाटर बॉडी की सूरत इस साल के आखिरी तक पूरी तरह बदल जाएगी। 6.50 एकड़ में फैली इस वाटर बॉडी को पर्यटन केंद्र के तौर पर विकसित करने के लिए निर्माण कार्य चल रहा है। गोरखपुर विकास प्राधिकरण, पीपीपी मोड पर इसका सुंदरीकरण करा रहा है। इसके लिए मेसर्स पीवीएस इंटरप्राइजेज को मासिक 3.54 लाख रुपये के किराए पर 15 साल के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई है।

फर्म को 30 सितंबर 2023 तक वाटर बॉडी को पर्यटन केंद्र के तौर पर विकसित करना होगा। वर्क आर्डर की शर्तों के मुताबिक एक अक्तूबर से फर्म को हर माह जीडीए को 3.54 लाख रुपये किराया जमा करना होगा। यह करार 15 वर्ष के लिए किया गया है जिसे चार साल और बढ़ाया जा सकेगा।

इसे भी पढ़ें: नकहा-बरगदवा ओवरब्रिज पर फर्राटे का था इंतजार, मिला जाम और धूल का गुबार

वाटर बॉडी की 50 फीसदी भूमि में पानी वाला क्षेत्र रहेगा, जिसमें फ्लोटिंग फाउंटेन एवं बोटिंग की सुविधा मिलेगी। बाकी 50 फीसदी हिस्से को अतिक्रमण से बचाने के लिए किनारे-किनारे बाउंड्रीवाल बनाई जाएगी। आकर्षक पौधे लगेंगे। रामगढ़ताल की तरफ पाथवे के पास वेडिंग जोन एवं पार्किग का विकास होगा।

इसमें 20 कार और 50 दो पहिया वाहन खड़े किए जा सकेंगे। साथ ही फर्म, एम्युजमेंट पार्क, टिकट घर, बच्चों के खेलने के लिए अन्य सुविधाएं विकसित करेगी। इन सुविधाओं और बोटिंग से फर्म आय अर्जित करेगी और जीडीए का किराया अदा करेगी। इसी तरह नौकायन के पास भी आधे हिस्से में वाटर बॉडी और बाकी में पार्क व मनोरंजन के अन्य संसाधन विकसित होंगे।

रामगढ़ताल से 50 मीटर के दायरे में नहीं होगा पक्का निर्माण

जीडीए के प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह ने बताया कि वाटर बॉडी को पर्यटन के एक बड़े केंद्र के तौर पर विकसित किया जाएगा। रामगढ़ताल से 50 मीटर के दायरे में कोई पक्का निर्माण नहीं होगा। परियोजना के तहत तरल एवं ठोस कचरा प्रबंधन की जिम्मेदारी संचालकों को उठानी पड़ेगी।

धूल के गुबार से टहलने में दिक्कत
सिद्धार्थनगर निवासी एसपी मिश्रा ने कहा कि रामगढ़ताल शहर की पहचान है। लाखों की संख्या में लोग रोज यहां आते हैं। ऐसे में सुविधाओं पर ध्यान देने की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। घूमने वालों के अलावा शहर की बड़ी आबादी रोजाना सुबह और शाम सेहत के लिहाज से टहलने आती है। मगर, इधर कुछ दिनों से भोर के वक्त से ही उड़ रहे धूल के गुबार से टहलने में बहुत दिक्कत हो रही है।

इसे भी पढ़ें:  लिंक एक्सप्रेस-वे में किसान मिट्टी देने को तैयार नहीं, 9 माह में 40 फीसदी काम होगा कैसे

बिना नाक-मुंह ढके नहीं चल सकते
आजाद नगर पूर्वी निवासी भगवान चन्द ने कहा कि रामगढ़ताल किनारे इतनी धूल उड़ रही है कि खांसते-खांसते लोगों का बुरा हाल हो जा रहा है। बिना नाक-मुंह ढके रामगढ़ताल रोड पर नहीं चल सकते हैं। वाटर बॉडी का मिट्टी संबंधी निर्माण कार्य पूरा होने तक लिंक और मुख्य सड़क पर हर रोज दो-तीन बार पानी का छिड़काव हो जाए तो भी लोगों को काफी राहत मिल जाएगी।

 

शिकायत के बावजूद सुनवाई नहीं

बुद्ध विहार पार्ट सी निवासी विनय ने कहा कि जीडीए से लेकर शासन तक ट्वीट किया मगर कोई सुनवाई नहीं हो रही। कुछ दिन पहले तक सुबह नौ बजे के पहले ही टहलने वालों के लिए सुरक्षित एक लेन में गाड़ियों का प्रवेश हो जा रहा था। पुलिस के अधिकारियों से शिकायत के बाद यह समस्या अब खत्म हो गई है। मगर धूल उड़ने की नई समस्या खड़ी हो गई है। कई लोगों ने तो यहां टहलना ही बंद कर दिया है।

जिले की छवि भी खराब होगी
 बुद्ध विहार पार्ट बी निवासी प्रतीक सिंह ने कहा कि ऐसा उपाय होना चाहिए कि वाटर बॉडी के विकास का कार्य भी प्रभावित न हो और रामगढ़ताल किनारे टहलने-घूमने आने वाले लाखों लोगों को भी दिक्कत न हो। स्थानीय लोगों के साथ ही साथ बाहर से भी बड़ी संख्या में लोग रामगढ़ताल घूमने आते हैं। ऐसे में हर समय उड़ता धूल का गुबार देखकर हर कोई दुखी होगा। इससे जिले की छवि भी खराब होगी।

जीडीए सचिव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि वाटर बॉडी को विकसित करने के साथ की कई और परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। सभी परियोजनाएं अपने तय समय पूरी हो जाएंगी। वाटर बॉडी के कार्य की वजह से धूल उड़ने की समस्या के बारे में जानकारी नहीं थी। जहां भी धूल उड़ रही है, वहां पानी का छिड़काव कराया जाएगा।


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed