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दृष्टिबाधित इंटर कॉलेज का हाल: दिव्यांगों की पुकार, हमारी अरज सुनो सरकार

Sat, 25 Feb 2023 11:50 AM IST
vivek shukla विवेक सिंह, गोरखपुर।
विवेक सिंह, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 25 Feb 2023 11:50 AM IST
सार

स्पर्श राजकीय दृष्टिबाधित बालक इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य लक्ष्मी शंकर जायसवाल ने कहा कि हॉस्टल में रोजाना सफाई होती है। दो कर्मचारी इसके लिए तैनात किए गए हैं। शौचालयों की मरम्मत कराई गई है। मेस में आरओ प्लांट लगाया गया है। विद्यार्थियों की शिकायत पर खुद हॉस्टल का निरीक्षण कर कमियों को दूर कराएंगे।

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Heaps of dirt in hostel of Sparsh State Blind Boys Inter College
स्पर्श राजकीय दृष्टिबाधित बालक इंटर कॉलेज के विद्यार्थी। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

स्पर्श राजकीय दृष्टिबाधित बालक इंटर कॉलेज के छात्रावास में रहने वाले दिव्यांगों का बुनियादी सुविधाओं के अभाव रहना मुहाल हो गया है। उन्हें पीने के लिए साफ पानी नहीं मिल रहा है। शौचालयों के दरवाजों में सिटकिनी तक नहीं है। मेस, किचन से लेकर पूरे छात्रावास में साफ-सफाई का भी अभाव है। बदबू की वजह से मेस में बैठकर खाना या वहां से गुजरना भी दूभर हो गया है।

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बुनियादी सुविधाओं के लिए विद्यार्थियों ने कई दफा विद्यालय प्रबंधन के सामने अर्जी लगाई, मगर उनका आरोप है कि कोई सुनवाई नहीं हो रही है। मंगलवार को अमर उजाला ने स्पर्श राजकीय दृष्टिबाधित बालक इंंटर कॉलेज की पड़ताल में विद्यालय प्रबंधन की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं की सच्चाई सामने आ गई।
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पूरे हॉस्टल के कमरों में बिजली के तार इधर-उधर लटके मिले। बिजली के बोर्ड टूटे हैं। छात्रावासी उमेश चंद्रा, मो. फैजान, गोविंद सोनी, शुभम शाह और प्रदीप सहित अन्य विद्यार्थियों ने बताया कि छात्रावास के मेस में आरओ प्लांट लगा है। मगर, उसकी क्षमता कम है। सर्दियों में ही पानी कम पड़ जा रहा है, गर्मी में हालत बदतर हो जाएगी।
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प्रथम तल का आरओ कई महीनों से खराब है। कुछ ऐसा ही हाल प्रशासनिक भवन में चलने वाली कक्षाओं में लगे आरओ का भी है। कमरों की मरम्मत के नाम पर खानापूरी की जाती है। कभी भी हॉस्टल के विद्यालय की कक्षाओं में फागिंग नहीं होती है। गंदगी की वजह से मच्छर काटते हैं। पूरी रात जागकर गुजारनी पड़ती है।

नहीं हैं पूरे शिक्षक
विद्यार्थियों ने बताया कि विद्यालय में खेल, कंप्यूटर के साथ नौंवी से बारहवीं तक के विद्यार्थियों के लिए गणित, विज्ञान और संस्कृत के शिक्षक नहीं हैं। जिन विषयों के शिक्षक हैं वो भी प्राइमरी को पढ़ाने के लिए अर्ह हैं। मगर, उनसे कक्षा बारहवीं तक के विद्यार्थियों को पढ़वाया जा रहा है।

 

छात्र वेतन की धनराशि को बढ़ाया जाए

Heaps of dirt in hostel of Sparsh State Blind Boys Inter College
स्पर्श राजकीय दृष्टिबाधित बालक इंटर कॉलेज के छात्रावास में खराब आरओ और नल के पास गंदगी। - फोटो : अमर उजाला।
दिव्यांग छात्रों का कहना है कि छात्र वेतन के रूप हर दिव्यांग को दो हजार रूपये की छात्रवृत्ति प्रत्येक महीने शासन की ओर से प्रदान की जाती है। मगर, यह बेहद कम है। इन रूपयों में ही उन्हें खाने-पीने का भी प्रबंध करना पड़ता है। पिछले सात वर्षों से धनराशि में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है।

आठ कंप्यूटर, चलते हैं दो
दिव्यांगों ने बताया कि कंप्यूटर लैब में आठ कंप्यूटर लगे हैं। मगर, केवल दो ही चलते हैं। इन कंप्यूटरों में भी दृष्टिबाधित बच्चों के लिए इस्तेमाल होने वाले सॉफ्टवेयर नहीं लगे हैं। कक्षाओं में लगे ज्यादातर पंखे खराब हैं। सरकार की ओर से दिया जाने वाला मोबाइल फोन और डिजीप्लेयर भी समय से नहीं मिलता है। जो मिलता है वह भी ठीक नहीं होता है।

नहीं रहते हैं प्रधानाचार्य
दिव्यांगों का आरोप है प्रधानाचार्य उनकी समस्याओं का कोई संज्ञान नहीं लेते हैं। वह विद्यालय से 15-15 दिनों तक गायब रहते हैं।
 

नाम के लिए लगा है सीसीटीवी कैमरा

दिव्यांगों ने बताया कि विद्यालय में सीसीटीवी कैमरा महज नाम के लिए लगा है। आए दिन छात्रावास में चोरी हो जाती है। मगर, सीसीटीवी कैमरे ऐसे लगे हैं कि उसमें कुछ दिखता ही नहीं हैं। पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरा भी नहीं लगा है।

स्पर्श राजकीय दृष्टिबाधित बालक इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य लक्ष्मी शंकर जायसवाल ने कहा कि हॉस्टल में रोजाना सफाई होती है। दो कर्मचारी इसके लिए तैनात किए गए हैं। शौचालयों की मरम्मत कराई गई है। मेस में आरओ प्लांट लगाया गया है। विद्यार्थियों की शिकायत पर खुद हॉस्टल का निरीक्षण कर कमियों को दूर कराएंगे। बुनियादी सुविधाएं हर हाल में उपलब्ध कराई जाएंगी।
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