गोरखपुर के स्वास्थ्य कर्मियों और पुलिस कर्मियों को दी जाएगी ये खास दवा, जारी की गई गाडलाइंस
- नॉन-कोविड अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मियों को खिलाई जाएगी यह दवा
- शोध के लिए आईसीएमआर और एम्स ने शुरू की पहल
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अमेरिका सहित अन्य देशों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाने वाली हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा अब देश भर के पुलिसकर्मियों और स्वास्थ्यकर्मियों को दी जाएगी। कंटेनमेंट जोन सहित हॉटस्पॉट एरिया में काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को भी यह दवा लेनी होगी। आईसीएमआर, स्वास्थ्य मंत्रालय, एम्स की पहल पर यह शोध शुरू किया गया है। बताया जा रहा है कि शुरुआती चरण में इसके नतीजे बेहतर रहे हैं।
आईसीएमआर के प्लानिंग कोआर्डिनेटर डॉ रजनीकांत ने बताया कि आईसीएमआर, स्वास्थ्य मंत्रालय, एम्स की पहल पर इस दवा पर अध्ययन किए गए है। हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा खाने से संक्रमण का खतरा कम हुआ है। हालांकि इसके कुछ दुष्प्रभाव भी सामने आए हैं, जो ज्यादा गंभीर नहीं हैं।
यही वजह है कि इस दवा का दायरा बढ़ाने का फैसला लिया गया है। बताया कि इसके लिए गाइडलाइंस भी जारी की गई हैं। जिनको पहले से हार्ट, किडनी सहित अन्य गंभीर बीमारियां हैं, उनको यह दवा नहीं दी जानी है। डॉक्टरों की सलाह पर ही स्वास्थ्य कर्मी और पुलिसकर्मी दवा का सेवन करेंगे।
1323 लोगों पर किया गया शोध
डॉ रजनीकांत ने बताया कि 1323 लोगों को दवा खिलाकर शोध किया गया है। इसका महज 214 लोगों पर मामूली दुष्प्रभाव पड़ा है। इनमें मितली (8.9 प्रतिशत), पेट में दर्द (7.3 प्रतिशत), उल्टी (1.5 प्रतिशत), हाइपोग्लाइसीमिया (1.7 प्रतिशत) और कार्डियो (1.9 प्रतिशत) पर प्रभाव पड़ा है, जो बेहद कम हैं। हालांकि दवा खाने वाले लोगों को नियमित ईसीजी करने की सलाह भी दी गई है।
डॉक्टरों की सलाह पर लेनी हैं दवा
डॉ रजनीकांत ने बताया कि हाइड्राक्सीक्लोरोक्वीन दवा खुद से नहीं लेनी है। डॉक्टरों की सलाह पर ही यह दवा दी जाएगी। दवा का सेवन 15 वर्ष से कम के बच्चे बिल्कुल नहीं कर सकते हैं। दवा उन अस्पताल के कर्मियों को भी खिलाई जा सकती हैं, जिनमें कोरोना वायरस के मरीज भर्ती नहीं हैं। इसके अलावा काम कर रहे स्वास्थ्य कर्मियों को भी यह दवा दी जा सकती है।