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Gorakhpur News: मोबाइल पर लंबे समय तक आंखें गड़ाईं...सर्वाइकल मरीज बनकर सुख-चैन गंवाया

Mon, 21 Aug 2023 12:48 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 21 Aug 2023 12:48 AM IST
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health problem
गोरखपुर। अगर आप लंबे समय तक गर्दन झुकाकर या बिस्तर पर लेटकर मोबाइल पर गेम खेलने या फिल्म देखने के शौकीन हैं तो सावधान हो जाइए। इससे आपकी गर्दन और रीढ़ की हड्डियां इधर-उधर खिसक सकती हैं। गर्दन की हड्डी बढ़ने से आप सर्वाइकल के शिकार भी हो सकते हैं। अगर समस्या ज्यादा दिन बनी रही तो ऑपरेशन तक की नौबत आ सकती है। एम्स के न्यूरो विभाग की ओपीडी में ऐसे केस लगातार आ रहे हैं। डॉक्टरों ने जांच के बाद आठ मरीजों को ऑपरेशन कराने की सलाह दी है।
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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में अभी 12 दिन पहले ही ओपीडी शुरू हुई है। हर दिन ओपीडी में 25-30 मरीज ऐसे आते हैं, जो सर्वाइकल, कमर दर्द, रीढ़ की हड्डी में दर्द, लगातार चक्कर आने जैसी समस्या से पीड़ित हैं। केस हिस्ट्री व जांच से पता चला है कि इनमें से करीब 70 प्रतिशत मरीज ऐसे हैं जो मोबाइल पर तीन से चार घंटे तक गेम खेलते और फिल्में देखते थे। इसमें युवा वर्ग की संख्या अधिक है। कुछ महिलाएं भी हैं जो अपने पसंदीदा धारावाहिक मोबाइल पर देखने में इतनी मशगूल होती हैं कि समय का ख्याल ही नहीं रख पातीं। अब वे सर्वाइकल से परेशान हैं।
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डॉक्टरों का कहना है कि इनमें से जो प्रारंभिक लक्षण वाले हैं, उन्हें दवा से आराम हो जाएगा। लेकिन जिनके साथ लंबे समय से दिक्कत है, उनका ऑपरेशन करना पड़ेगा। ऐसे लोगों की जांच कराई जा रही है। जल्दी ही इनका ऑपरेशन शुरू किया जाएगा।
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केस -1
पादरी बाजार की रहने वाली 26 वर्षीया रीना प्रजापति एक दुकान में सेल्स गर्ल के तौर पर काम करती थीं। रात में अपने सारे पसंदीदा टीवी धारावाहिक मोबाइल पर देखती थीं। करीब छह महीने पहले अचानक चक्कर आने लगा। कई अस्पतालों में इलाज कराया। कुछ दिन आराम के बाद फिर दिक्कत आ जाती थी। इसके चलते नौकरी छूट गई। पिछले सप्ताह एम्स के न्यूरो विभाग में जांच कराई गई तो पता लगा कि सर्वाइकल है। डॉक्टर ने 15 दिन बाद दोबारा जांच के लिए बुलाया है।

केस- 2
गोपालगंज जिले के सोनबरसा निवासी 19 वर्षीय विकास वर्मा गाजियाबाद में एक इंजीनियरिंग कॉलेज में बीटेक प्रथम वर्ष का छात्र हैं। हाईस्कूल में पढ़ाई के दौरान ही उसे मोबाइल पर गेम खेलने का आदत लग गई। करीब तीन महीने पहले उसे बिस्तर से उठने व चलने में दिक्कत आने लगी। जांच कराई तो पता लगा कि स्लिप डिस्क की समस्या हो गई है।

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वर्जन
लंबे समय तक गर्दन झुकाकर मोबाइल पर गेम खेलना, सोकर टीवी देखना, कुर्सी पर गलत तरीके से बैठने आदि के कारण रीढ़ की हड्डी में दिक्कत आने लगती है। स्लिप डिस्क समेत कई बीमारियां इस वजह से होती हैं। शुरुआत में ही अगर लक्षण के आधार पर इलाज हो जाए तो ठीक है, वरना कई मामलों में सर्जरी का सहारा लेना पड़ता है। इधर सबसे अधिक लोग मोबाइल देखकर बीमार हो रहे हैं। ऐसे 7-8 मरीजों का ऑपरेशन होना है, जिसके लिए जरूरी जांच कराई जा रही है।

-डॉ. राहुल गुप्ता, न्यूरो सर्जन-एम्स गोरखपुर
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